# रोजाना सिर्फ कदम गिनने से नहीं बनेगी बात, जानिए तेज चाल से चलने के असली फायदे

> मेडिकल विशेषज्ञ के अनुसार कदमों की कुल संख्या पूरी करने से अधिक जरूरी चलने की रफ्तार है। सुबह धूप निकलने के बाद दो से तीन किलोमीटर तेज टहलना दिल, शुगर और मानसिक सेहत के लिए बेहद असरदार साबित होता है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/rojana-sirpha-kadama-ginane-se-nahin-banegi-bata-janie-teja-chala-se-chalane-ke-asali-phayade-43578 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिस्क वॉकिंग, फिटनेस टिप्स, मॉर्निंग वॉक, डायबिटीज नियंत्रण, हार्ट हेल्थ, मेटाबॉलिज्म

शारीरिक तंदुरुस्ती को लेकर ज्यादातर लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई है कि दिनभर में किसी भी तरह 10,000 कदम पूरे कर लेना ही अच्छी सेहत की गारंटी है। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञ इस सोच से अलग राय रखते हैं। गाजीपुर स्थित महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के विशेषज्ञ एवं उपप्रधानाचार्य डॉ. नीरज पांडे का कहना है कि सिर्फ कदमों का आंकड़ा छू लेना काफी नहीं है, बल्कि व्यक्ति किस गति से चलता है, असली फर्क उसी से पड़ता है।

## कदमों की गिनती से ज्यादा अहम है ब्रिस्क वॉकिंग
डॉ. नीरज पांडे के अनुसार, शरीर को पूरी तरह दुरुस्त रखने के लिए कदमों की कुल संख्या गिनने के बजाय तेज गति से चलना, जिसे ब्रिस्क वॉकिंग कहा जाता है, कहीं अधिक उपयोगी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर व्यक्ति को सुबह के वक्त रोजाना दो से तीन किलोमीटर तक तेज कदमों से चलना चाहिए। तेज रफ्तार में चलने से शरीर की चयापचय दर यानी मेटाबॉलिज्म तुरंत सक्रिय हो जाता है, जिससे शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती और मोटापा यानी ओबेसिटी जैसी गंभीर समस्या से आसानी से बचाव होता है।

## कई पुरानी बीमारियों से सुरक्षा देती है तेज चाल
नियमित रूप से तेज चाल से टहलने की आदत कई शारीरिक और मानसिक व्याधियों से बचाने में सक्षम है

- **डायबिटीज पर नियंत्रण:** डॉ. पांडे ने स्पष्ट किया कि जो लोग डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए रोजाना तेज कदमों से टहलना किसी वरदान से कम नहीं है। यह अभ्यास शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित और नियंत्रित रखने में प्रभावी मदद करता है।
- **दिल की सेहत का सुरक्षा कवच:** हृदय रोग से पीड़ित अथवा संभावित खतरे वाले व्यक्तियों के लिए तेज चलना सुरक्षा ढाल का कार्य करता है। नियमित रूप से ब्रिस्क वॉक करने से भविष्य में दिल से जुड़ी जटिलताओं और गंभीर रोगों की आशंका काफी हद तक घट जाती है।
- **किडनी की देखभाल और मानसिक ताजगी:** तेज चाल का सकारात्मक असर किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी बराबर पड़ता है। सुबह के समय प्राकृतिक हरियाली के बीच टहलने से मस्तिष्क में ताजगी आती है, दिनभर का तनाव घटता है और आंतरिक सुकून मिलता है।

## टहलने का सही समय और उसके बाद की दिनचर्या
टहलने के समय को लेकर डॉ. पांडे का विशेष परामर्श है कि वॉक हमेशा सूर्योदय के बाद यानी धूप निकलने पर ही करनी चाहिए। दिन में अधिकतम एक से दो घंटे की नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है, जिससे वजन तेजी से नियंत्रित होता है और शरीर में हल्कापन बना रहता है।

इसके अलावा, टहलने की प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत योगासन का अभ्यास भी किया जा सकता है। वॉक के बाद जब व्यक्ति घर लौटे, तो हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा शहद मिलाकर पीना स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक माना गया है। सही गति, उचित समय और अनुशासित दिनचर्या का मेल ही व्यक्ति को वास्तविक फिटनेस लक्ष्य तक पहुंचा सकता है।

## इसका आप पर असर
यह जानकारी रोजाना टहलने वालों को अपने फिटनेस रूटीन में तुरंत बदलाव करने का स्पष्ट मार्ग दिखाती है।

- **टहलने की गति:** अब केवल धीमी चाल से कदम गिनने के बजाय तेज गति से चलने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इससे कम समय में शरीर का मेटाबॉलिज्म तेजी से सक्रिय होगा और वजन घटाने में सीधी मदद मिलेगी।
- **दैनिक दूरी का लक्ष्य:** रोजाना सुबह दो से तीन किलोमीटर तेज कदमों से चलना पर्याप्त साबित होगा। आपको दिनभर 10,000 कदमों के आंकड़े के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
- **रूटीन का समय:** सुबह अंधेरे में निकलने के बजाय सूरज उगने के बाद टहलना शरीर के लिए अधिक सुरक्षित और गुणकारी रहेगा। इसके बाद गुनगुने पानी में शहद लेने से पाचन और ऊर्जा का स्तर बेहतर बना रहेगा।
- **बीमारियों से बचाव:** डायबिटीज और हृदय संबंधी जोखिमों से जूझ रहे लोगों के लिए यह तेज चाल सीधे तौर पर सुरक्षा कवच का काम करेगी। इससे ब्लड शुगर का स्तर स्थिर रहेगा और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
आधुनिक जीवनशैली में 10,000 कदमों के मिथक और धीमी चाल के कारण लोगों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। मेडिकल विशेषज्ञ ने वैज्ञानिक कारणों के आधार पर तेज गति से चलने की उपयोगिता को रेखांकित किया है।

- **मेटाबॉलिज्म की धीमी सक्रियता:** सामान्य या धीमी गति से टहलने पर शरीर की ऊर्जा खपत सीमित रहती है। तेज गति से चलने पर हृदय गति बढ़ती है और चयापचय तुरंत सक्रिय होकर चर्बी को घटाने में मदद करता है।
- **हार्ट और ब्लड शुगर पर सीधा असर:** तेज चलने से रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है। यही वजह है कि यह डायबिटीज और दिल के रोगों में सुरक्षात्मक प्रभाव डालता है।
- **सूरज निकलने का महत्व:** सुबह धूप निकलने के बाद टहलने से वातावरण अनुकूल रहता है और शरीर प्राकृतिक रोशनी के संपर्क में आता है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और ताजगी मिलती है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या दिन में 10,000 कदम चलना ही फिटनेस के लिए जरूरी है?
नहीं, विशेषज्ञ के अनुसार कदमों की कुल संख्या से अधिक यह मायने रखता है कि आप किस रफ्तार से चल रहे हैं।

### 2. रोजाना कितनी दूरी तक तेज चाल में चलना चाहिए?
रोजाना सुबह के समय दो से तीन किलोमीटर तक तेज गति यानी ब्रिस्क वॉक करने की सलाह दी गई है।

### 3. टहलने के लिए सबसे उपयुक्त समय कौन सा बताया गया है?
डॉ. पांडे के अनुसार सुबह सूरज निकलने के बाद यानी धूप खिलने पर वॉक करना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर होता है।

### 4. वॉक से लौटने के बाद किस चीज का सेवन फायदेमंद बताया गया है?
घर लौटने के बाद हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा शहद मिलाकर पीना सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।

### 5. तेज चलने से किन प्रमुख बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है?
नियमित ब्रिस्क वॉकिंग से डायबिटीज में ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है और दिल की बीमारियों तथा मोटापे का खतरा घटता है।

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