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  "type": "article",
  "title": "सड़क किनारे टैटू और नाक-कान छिदवाने से बढ़ रहा HIV का खतरा, जहानाबाद में उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पीयूष ने चेताया",
  "summary": "बिहार के जहानाबाद में स्वास्थ्य बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पीयूष ने बताया कि मेलों और सड़क किनारे बिना सुरक्षा मानकों के टैटू बनवाना और नाक-कान छिदवाना एचआईवी संक्रमण का नया कारण बन रहा है।",
  "content": "फैशन और स्टाइल के चक्कर में मेलों और बाजारों के किनारे बिना सुरक्षा मानकों के टैटू बनवाना या नाक-कान छिदवाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। बिहार के जहानाबाद स्थित विकास भवन सभागार में एचआईवी और एड्स की रोकथाम एवं बचाव को लेकर जिला स्तरीय संयुक्त कार्यकारी समूह की संवेदीकरण बैठक का आयोजन किया गया। जिला एड्स नियंत्रण समिति के मार्गदर्शन में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पीयूष ने की। बैठक के दौरान उन्होंने जिले में सामने आ रहे संक्रमण के बदलते रुझानों पर गहरी चिंता व्यक्त की और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी।\n\nसस्ते के चक्कर में पुरानी सुई का इस्तेमाल बढ़ा रहा जोखिम\nप्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक में खुलासा किया कि अब तक एचआईवी संक्रमण का मुख्य कारण केवल असुरक्षित शारीरिक संबंध और दूषित रक्त का आदान-प्रदान माना जाता था। हालांकि, हालिया जांच और आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि मेलों और ग्रामीण हाट-बाजारों में बिना किसी सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के बनाए जाने वाले टैटू तथा नाक-कान छिदने वाले केंद्र संक्रमण के नए हॉटस्पॉट के रूप में सामने आ रहे हैं। थोड़े से पैसे बचाने की होड़ और जागरूकता का अभाव युवाओं की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है।\n\nटैटू निर्माण में उपयोग की जाने वाली एक नई और स्टरलाइज़्ड नीडल की कीमत औसतन 100 रुपये या उससे अधिक होती है। लागत घटाने और अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से टैटू कलाकार अक्सर एक ही सुई का इस्तेमाल कई अलग-अलग ग्राहकों पर कर देते हैं। यदि कोई सुई किसी एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के शरीर में चुभाई गई हो और उसे बिना स्टरलाइज़ किए किसी स्वस्थ व्यक्ति पर इस्तेमाल किया जाए, तो वायरस सीधे खून के प्रवाह में पहुंच जाता है। इसी प्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों में नाक और कान छेदने वाले कारीगर भी एक ही औजार से कई लोगों की छिदाई करते हैं, जिससे खतरनाक वायरस फैलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।\n\nएचआईवी संक्रमण के कारण और समाज में फैले भ्रम\nबैठक के दौरान उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पीयूष ने एचआईवी और एड्स से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एचआईवी कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है। समाज में फैली यह सोच पूरी तरह गलत है कि संक्रमित व्यक्ति के साथ बैठने, हाथ मिलाने, उसे छूने या साथ मिलकर भोजन करने से यह वायरस फैलता है। ऐसे निराधार भ्रमों के कारण समाज में संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव पनपता है, जिसे समाप्त करना अनिवार्य है।\n\nस्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों ने पुनः रेखांकित किया कि एचआईवी वायरस केवल कुछ विशिष्ट माध्यमों से ही एक शरीर से दूसरे शरीर में प्रवेश करता है। इनमें असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाना, संक्रमित व्यक्ति में उपयोग की गई सुई या सिरिंज का दोबारा प्रयोग करना और बिना जांचा हुआ दूषित रक्त चढ़वाना शामिल हैं। इन मुख्य कारणों के साथ-साथ असुरक्षित टैटू और छिदाई की सुइयां भी अब संक्रमण फैलाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।\n\nजिले में चल रही जांच और सतर्कता की अपील\nजहानाबाद जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार चलाए जा रहे जांच अभियानों के दौरान एचआईवी संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि नए मामलों की पुष्टि होने पर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि अत्यधिक सावधानी और जागरूकता बरतने की जरूरत है। यदि सही समय पर जानकारी हो और लोग सतर्क रहें, तो इस जानलेवा बीमारी से पूरी तरह बचाव संभव है।\n\nउप विकास आयुक्त ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे कभी भी सड़क किनारे या मेलों में अनधिकृत कारीगरों से टैटू न बनवाएं और न ही वहां नाक-कान छिदवाएं। टैटू बनवाते समय हमेशा इस बात की पुष्टि करें कि कलाकार आपके सामने ही नई सुई का पैकेट खोल रहा हो। इसके अतिरिक्त, किसी भी चिकित्सा प्रक्रिया या रक्तदान के समय केवल प्रमाणित और सुरक्षित नीडल का ही प्रयोग सुनिश्चित करें ताकि इस भयावह संक्रमण की रोकथाम की जा सके।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: मेलों और सड़क किनारे अनधिकृत टैटू या नाक-कान छिदवाने से बचें और हमेशा अपनी मौजूदगी में नई सीलबंद सुई खुलवाएं।\n\n• बिहार में: जहानाबाद और आसपास के जिलों में चलाए जा रहे एचआईवी स्क्रीनिंग अभियानों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी सुई के उपयोग में पूरी सतर्कता बरतें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जहानाबाद में एचआईवी संक्रमण का नया कारण क्या सामने आया है?\nअसुरक्षित तरीके से सड़क किनारे टैटू बनवाना और नाक-कान छिदवाना संक्रमण का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा है।\n\n2. टैटू की सुई से एचआईवी वायरस कैसे फैलता है?\nजब टैटू कलाकार 100 रुपये या उससे अधिक की नई सुई बचाने के चक्कर में एक ही सुई का इस्तेमाल कई लोगों पर बिना स्टरलाइज़ किए करते हैं, तो वायरस सीधे खून में पहुंच जाता है।\n\n3. क्या साथ बैठने या खाना खाने से एचआईवी एड्स फैलता है?\nनहीं, एचआईवी एड्स छुआछूत की बीमारी नहीं है और साथ बैठने, छूने या खाना खाने से नहीं फैलता।\n\n4. एचआईवी से बचाव के लिए प्रशासन ने क्या सलाह दी है?\nप्रशासन ने सलाह दी है कि हमेशा नई और स्टरलाइज़्ड सुई का उपयोग करें, असुरक्षित टैटू न बनवाएं और केवल जांचा हुआ ब्लड ही चढ़वाएं।",
  "url": "https://trendkia.com/health/saraka-kinare-taitu-aura-naka-kana-chhidavane-se-barha-raha-hiv-ka-khatara-jehanabad-men-upa-vikasa-ayukta-aditya-kumar-piyush-ne--18848",
  "category": "स्वास्थ्य",
  "publishedAt": "2026-08-20",
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    "एचआईवी एड्स",
    "जहानाबाद",
    "टैटू खतरा",
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