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  "type": "article",
  "title": "सर्दियों में डॉक्टर संतोष मौर्य ने बताए खास आयुर्वेदिक उपाय, इन नियमों से कोसो दूर रहेंगे खांसी और जुकाम",
  "summary": "सर्दियों के मौसम में खानपान और जीवनशैली में बदलाव करके खांसी, जुकाम, बुखार और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। डॉक्टर संतोष मौर्य के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में उठने से लेकर सही समय पर भोजन करने तक की दिनचर्या सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।",
  "content": "सर्दियों के दस्तक देते ही मौसमी बीमारियां जैसे सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और जोड़ों का दर्द आम हो जाते हैं। इस मौसम में तमाम लोग पूरे दिन सुस्ती और भारी थकान का अहसास करते हैं, जिसकी एक मुख्य वजह खानपान में लापरवाही और बिगड़ती हुई जीवनशैली होती है। यदि सुबह की शुरुआत से लेकर रात को बिस्तर पर जाने तक कुछ बुनियादी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए, तो शरीर को चुस्त और दुरुस्त रखा जा सकता है। आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही ऐसे कई कारगर नियम बताए गए हैं, जो ठंड के दिनों में शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं।\n\nखरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. संतोष मौर्य का कहना है कि ठंड के मौसम में खानपान, नियमित व्यायाम, तेल मालिश और समय पर सोने का खास खयाल रखना चाहिए। इस तरह की दिनचर्या अपनाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी मजबूत होती है। आयुर्वेद में ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4 से 4:30 बजे के बीच उठने की सलाह दी जाती है। हालांकि सर्दियों के दिनों में सूरज निकलने से पहले तक उठना भी सही रहता है। इसके बाद दैनिक कार्यों से फारिग होकर धूप खिलने पर हल्का व्यायाम, योग और प्राणायाम करना चाहिए। इससे शरीर में स्फूर्ति आती है और पूरे दिन के लिए ऊर्जा मिलती है।\n\nसर्दियों में अक्सर त्वचा शुष्क हो जाती है और बुजुर्गों या कमजोर शरीर वाले लोगों को जोड़ों के दर्द के साथ बदन में अकड़न घेर लेती है। ऐसी परेशानियों से बचने के लिए नहाने से पहले तिल या सरसों के तेल से हल्के हाथों से शरीर की मालिश करना बहुत लाभकारी होता है। इससे त्वचा में नमी बरकरार रहती है और मांसपेशियों को सुकून मिलता है। तेल मालिश के तुरंत बाद गुनगुने पानी से नहाना चाहिए और इस मौसम में अत्यधिक ठंडे पानी के इस्तेमाल से तौबा करनी चाहिए।\n\nसुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन\nसुबह का नाश्ता हमारे शरीर को दिनभर के कामों के लिए ईंधन का काम करता है। सर्दियों के इस सीजन में नाश्ते की थाली में हमेशा गर्म और पोषण से भरपूर चीजें ही रखनी चाहिए। इसके बेहतरीन विकल्पों में दलिया, पोहा, उपमा, मूंग दाल का चीला और दूध शामिल हैं। साथ ही भीगे हुए बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे सूखे मेवे भी डाइट में जोड़े जा सकते हैं, जिससे शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।\n\nदोपहर के वक्त भोजन करने को आयुर्वेद में सबसे अहम माना गया है क्योंकि इस दौरान हमारी पाचन शक्ति सबसे मजबूत होती है। लंच में हमेशा घर का बना ताजा खाना ही खाना चाहिए, जिसमें रोटी, दाल, चावल, ताजी मौसमी सब्जियां, शुद्ध घी और छाछ को शामिल करें। इस मौसम में बाजरा, ज्वार और मक्का की रोटियां खाना सेहत के लिए वरदान साबित होता है। संतुलित आहार न केवल शरीर का पोषण करता है बल्कि ऊर्जा का स्तर भी बरकरार रखता है।\n\nशाम का नाश्ता और रात्रिचर्या\nशाम ढलते ही अक्सर लोगों को हल्की भूख लगती है और वे चाय के साथ तली-भुनी चीजों का सेवन करने लगते हैं, जिससे बचना चाहिए। इसकी जगह शाम 4 से 5 बजे के बीच हल्का और पौष्टिक आहार लें। इस समय भुने चने, मखाने, मौसमी फल या सूखे मेवे का चुनाव करना सबसे बेहतर रहता है। इससे शरीर को बिना नुकसान पहुंचे ऊर्जा मिलती है और रात के खाने तक पेट नियंत्रित रहता है।\n\nडॉ. मौर्य के मुताबिक, रात का डिनर हमेशा हल्का और आसानी से पचने वाला होना चाहिए। कोशिश यह होनी चाहिए कि शाम 6 से 7 बजे के बीच भोजन कर लिया जाए। रात की थाली में हल्की सब्जी, दाल और रोटी को जगह दी जा सकती है और देर रात भारी खाना खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। खाने के बाद कुछ देर टहलने की आदत डालनी चाहिए। इसके अलावा रात को ठीक 10 बजे तक सोने का नियम बनाएं और सोने से पहले मोबाइल व टीवी देखने से दूरी बनाए रखें। सही समय पर सोने और जागने से शरीर की जैविक घड़ी दुरुस्त रहती है।\n\nइसका आप पर असर\nसर्दियों के इस मौसम में अपनी दिनचर्या और खानपान में सुधार करके आप मौसमी बीमारियों और जोड़ों के दर्द से बच सकते हैं।\n\n• भारत में: देश भर के लोग ठंड के महीनों में सुबह जल्दी उठने और ताजे गर्म भोजन को अपनाने से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं। समय पर सोने और जागने से शरीर की ऊर्जा पूरे दिन बनी रहती है।\n• खरगोन में: स्थानीय निवासी और ठंड से प्रभावित अन्य क्षेत्रों के लोग सुबह तिल या सरसों के तेल की मालिश अपनाकर रूखी त्वचा और जोड़ों की अकड़न से राहत पा सकते हैं। गुनगुने पानी का स्नान और सही समय पर नाश्ता करना इस मौसम में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसर्दियों के दिनों में तापमान में गिरावट और खानपान में लापरवाही के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण आसानी से जकड़ लेते हैं। आयुर्वेद के प्राचीन नियमों का पालन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में ऊष्मा बनी रहती है।\n\n• कमजोर पाचन और खानपान: ठंड के मौसम में लोग अक्सर तली-भुनी चीजें खाने लगते हैं और शारीरिक गतिविधि कम कर देते हैं, जिससे शरीर में सुस्ती और पाचन संबंधी दिक्कतें पैदा होती हैं।\n• मौसम का प्रभाव: तापमान गिरने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, जिससे बुजुर्गों में दर्द बढ़ जाता है।\n• जैविक घड़ी का बिगड़ना: देर रात तक जागने और मोबाइल स्क्रीन के इस्तेमाल से मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर प्रभावित होता है, जिससे नींद की गुणवत्ता खराब होती है और अगले दिन थकान महसूस होती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सर्दियों में किन समस्याओं से लोग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं?\nसर्दियों में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, जोड़ों के दर्द और पूरे दिन थकान व सुस्ती की समस्या आम हो जाती है।\n\n2. आयुर्वेद के अनुसार सुबह उठने का सही समय क्या है?\nआयुर्वेद में ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4 से 4:30 बजे के बीच उठना सबसे अच्छा माना गया है, हालांकि सर्दियों में सूर्योदय से पहले भी उठा जा सकता है।\n\n3. नहाने से पहले किस तेल से मालिश करना फायदेमंद है?\nनहाने से पहले तिल या सरसों के तेल से हल्की मालिश करना त्वचा को नमी देता है और शरीर को आराम पहुंचाता है।\n\n4. सर्दियों में सुबह का नाश्ता किस समय करना चाहिए?\nसुबह 8 से 9 बजे के बीच गर्म और पौष्टिक नाश्ता करना शरीर को दिनभर के लिए ऊर्जावान बनाए रखता है।\n\n5. दोपहर का भोजन कब करना चाहिए?\nदोपहर 12 से 1 बजे के बीच भोजन करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दौरान पाचन क्षमता सबसे बेहतर होती है।\n\n6. शाम के वक्त कैसा नाश्ता लेना चाहिए?\nशाम 4 से 5 बजे के बीच तली-भुनी चीजों के बजाय मौसमी फल, भुने चने, मखाने या सूखे मेवे का हल्का नाश्ता करना चाहिए।\n\n7. रात का खाना किस समय तक खा लेना चाहिए?\nडॉक्टर संतोष मौर्य के अनुसार रात का भोजन शाम 6 से 7 बजे के बीच कर लेना चाहिए और यह हल्का व सुपाच्य होना चाहिए।\n\n8. रात को सोने का सही समय क्या है?\nरात को 10 बजे तक सोने की आदत डालनी चाहिए और देर रात तक मोबाइल व टीवी देखने से बचना चाहिए।",
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  "publishedAt": "2026-11-08",
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