लंबी उम्र का राज: डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताए स्वस्थ जीवन और कैंसर से बचने के अचूक उपाय जाने-माने डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव ने लंबी उम्र जीने और बीमारियों से दूर रहने के लिए खानपान और दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी है। इंसान की चाहत हमेशा से लंबी उम्र पाने की रही है। बीते दशकों में लोगों की जीवन अवधि लंबी हुआ करती थी, लेकिन आधुनिक खानपान और भागदौड़ भरी दिनचर्या के कारण अब कम उम्र में ही गंभीर बीमारियां लोगों को घेरने लगी हैं। इनमें कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो जीवनकाल को तेजी से घटा रही है। हालांकि, अगर लोग अपनी दैनिक आदतों में अभी से सुधार कर लें, तो वे आसानी से सौ साल की उम्र तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। इस विषय पर मेरठ स्थित सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर मैनेजमेंट एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने जीवन जीने के कुछ महत्वपूर्ण और असरदार तरीके साझा किए हैं। वह हाल ही में नई दिल्ली के द लीला पैलेस में मेडिवेज हेल्थ फाउंडेशन की तरफ से आयोजित नारी शक्ति 3.0 के तीसरे संस्करण के शुभारंभ समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने खास बातचीत में इन बातों का खुलासा किया। खानपान और सोने-जागने के समय में सुधार करना बेहद जरूरी है। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव का सुझाव है कि यदि कोई व्यक्ति लंबी जिंदगी जीना चाहता है और शरीर को बीमारियों से बचाना चाहता है, तो उसे शाम 6:00 बजे के बाद कुछ भी ठोस खाने से बचना चाहिए। रात का भोजन शाम ढलने से पहले यानी 6:00 बजे तक ही कर लेना चाहिए। इसके बाद केवल पानी या जूस का सेवन किया जा सकता है, जबकि दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसी चीजें रात के समय खाना पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए। इसके साथ ही रात को 9:00 बजे तक बिस्तर पर चले जाना चाहिए और सुबह ब्रह्म मुहूर्त में यानी सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। सुबह उठकर व्यायाम करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पढ़ाई और लिखाई के लिहाज से भी ब्रह्म मुहूर्त के समय को सबसे बेहतरीन माना गया है। इसके अलावा भोजन हमेशा सात्विक होना चाहिए जिसमें प्याज, लहसुन, अत्यधिक तेल या मसालों का प्रयोग न किया गया हो। व्यक्ति को अपने विचार भी सकारात्मक और अच्छे रखने चाहिए। मानसिक तनाव आज के समय में कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन चुका है। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार, अत्यधिक तनाव लेने से शरीर की डीएनए रिपेयर करने की क्षमता यानी मेकैनिज्म कमजोर हो जाती है। इसके परिणामस्वूप डीएनए का निर्माण सही ढंग से नहीं हो पाता है, जो आगे चलकर कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बनता है। तनाव की वजह से डीएनए को नुकसान पहुंचता है और उसकी मरम्मत की प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे लोग आसानी से कैंसर की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि मन में अच्छे विचार रखे जाएं, तनाव से दूर रहा जाए और अपने शरीर के वजन को हमेशा नियंत्रित रखा जाए। वजन नियंत्रण में रहने से मधुमेह जैसी समस्याओं से बचाव होता है और महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। आज के दौर में खानपान की कुछ ऐसी आदतें भी हैं जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रही हैं। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि लोग आजकल रोस्टेड रेड मीट यानी लाल मांस का बहुत अधिक सेवन कर रहे हैं, जो कैंसर होने के मुख्य कारणों में से एक है। यदि कोई व्यक्ति लाल मांस खाने का शौकीन है, तो उसे तुरंत प्रभाव से इसका सेवन बंद कर देना चाहिए क्योंकि यह शरीर के लिए जहर के समान है। इसके अलावा जंक फूड और फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से भी दूरी बना लेनी चाहिए, अन्यथा लोग 40 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते कई तरह की गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाएंगे। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शुरू कर देना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति इन सभी बातों को अपने जीवन में उतार ले, तो वह सौ साल या उससे भी अधिक समय तक स्वस्थ जीवन बिता सकता है। इसका आप पर असर स्वास्थ्य और खानपान से जुड़े इन बदलावों को अपनाने से आम आदमी के दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। • खानपान में सुधार: शाम 6:00 बजे के बाद भारी खाना बंद करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और वजन नियंत्रित रहता है। इससे व्यक्ति को मोटापा और उससे जुड़ी अन्य बीमारियों से राहत मिलती है। • वजन और मधुमेह नियंत्रण: अपने वजन को नियंत्रित रखने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की संभावना घट जाती है। • तनाव का प्रबंधन: मानसिक तनाव से दूरी बनाने और सकारात्मक सोचने से शरीर की डीएनए रिपेयर क्षमता बेहतर होती है, जिससे गंभीर बीमारियों का जोखिम टलता है। • जंक फूड से दूरी: रेड मीट, जंक फूड और फास्ट फूड का सेवन छोड़ने से शरीर में हानिकारिक टॉक्सिन नहीं बनते हैं और उम्र के शुरुआती दौर में गंभीर बीमारियां नहीं घेरती हैं। ऐसा क्यों हुआ बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतें शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं, जिसके कारण कम उम्र में ही गंभीर बीमारियां होने लगती हैं। • खानपान का समय: देर रात तक भारी भोजन करने से पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है और शरीर में वसा जमने लगती है। • तनाव और डीएनए क्षति: अत्यधिक मानसिक तनाव लेने से कोशिकाओं के भीतर डीएनए रिपेयर मेकैनिज्म कमजोर हो जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं के पनपने का मार्ग प्रशस्त करता है। • हानिकारक खाद्य पदार्थ: रेड मीट और जंक फूड में मौजूद तत्व शरीर में सूजन और आंतरिक क्षति बढ़ाते हैं, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं। सवाल-जवाब 1. डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कौन हैं? डॉ. अनुराग श्रीवास्तव मेरठ के सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर मैनेजमेंट एंड रिसर्च के निदेशक हैं। 2. लंबी उम्र के लिए रात का खाना किस समय तक खा लेना चाहिए? लंबी उम्र और स्वस्थ शरीर के लिए रात का खाना शाम 6:00 बजे तक खा लेना चाहिए। 3. तनाव कैंसर से कैसे जुड़ा है? अतिरिक्त तनाव लेने से शरीर का डीएनए रिपेयर मेकैनिज्म डैमेज हो जाता है, जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। 4. कौन सा खाद्य पदार्थ कैंसर का बड़ा कारण बताया गया है? रोस्टेड रेड मीट का अत्यधिक सेवन कैंसर का एक बड़ा कारण माना गया है। 5. वजन नियंत्रित रखने से किन बीमारियों का खतरा कम होता है? वजन नियंत्रित रखने से डायबिटीज नहीं होती और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। https://trendkia.com/health/secrets-to-longevity-dr-anurag-srivastava-shares-expert-tips-for-a-long-and-cancer-free-life-38991 TrendKia — Har trend, sabse pehle.