शादी से पहले स्किन केयर रूटीन में एबीसी जूस क्यों बन रहा है पहली पसंद, जानिए पोषण और सही रेसिपी सेब, चुकंदर और गाजर से तैयार एबीसी जूस त्वचा की सेहत के लिए चर्चा में है, जिसे मलाइका अरोड़ा भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित खानपान के साथ इसका सेवन फायदेमंद है, लेकिन यह किसी जादुई इलाज या भोजन का विकल्प नहीं है। शादी का समय नजदीक आते ही होने वाली दुल्हनों का ध्यान सबसे पहले अपनी त्वचा की चमक और खूबसूरती पर टिक जाता है। सैलून में फेशियल, क्लीनअप और तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का चुनाव तेजी से शुरू हो जाता है। हालांकि शादी के खास मौके पर चेहरे पर दिखने वाली ताजगी केवल बाहरी देखभाल से हासिल नहीं होती, बल्कि दैनिक आहार भी त्वचा की सेहत तय करने में अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से त्वचा को पोषण देने के मकसद से इन दिनों एबीसी जूस काफी लोकप्रियता बटोर रहा है। एबीसी जूस के मुख्य घटक और पोषक तत्व इस लाल रंग के खास पेय का नाम इसके तीन प्रमुख घटकों के शुरुआती अक्षरों को मिलाकर रखा गया है, जिसमें सेब, चुकंदर और गाजर शामिल हैं। यह ड्रिंक शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों का एक बेहतरीन माध्यम साबित हो सकता है। सेब प्राकृतिक मिठास, बेहतरीन स्वाद और पॉलीफेनॉल प्रदान करता है। चुकंदर में प्रचुर मात्रा में नाइट्रेट और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं, जबकि गाजर बीटा-कैरोटीन का एक समृद्ध स्रोत मानी जाती है। बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने भी अपनी दैनिक दिनचर्या में सेब, चुकंदर, गाजर और अदरक से बने एबीसी जूस को शामिल करने की जानकारी साझा की है। दिसंबर 2024 में अपने रूटीन के बारे में बताते हुए उन्होंने उल्लेख किया था कि वह सुबह 10 बजे इस जूस का सेवन करती हैं। क्या नियमित सेवन से एक महीने में लाल हो जाएंगे गाल इस जूस को लेकर किए जाने वाले त्वरित फायदों के दावों को बेहद सावधानी से समझना आवश्यक है। एबीसी जूस पोषक तत्वों से भरपूर हो सकता है, लेकिन ऐसा कोई ठोस या भरोसेमंद वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है कि इसे हर दिन पीने से केवल एक महीने के भीतर गाल पूरी तरह लाल हो जाएंगे, या फिर चेहरे के पिंपल और डार्क सर्कल जड़ से खत्म हो जाएंगे। चेहरे की प्राकृतिक चमक कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, पानी की मात्रा, तनाव का स्तर और नियमित स्किन केयर शामिल हैं। इस जूस को अपनी दैनिक खुराक में शामिल करने का मुख्य लाभ यह है कि ताजे फल और सब्जियों से मिलने वाले महत्वपूर्ण पोषक तत्व आपके संपूर्ण भोजन का हिस्सा बन जाते हैं। हालांकि इसे नियमित भोजन का विकल्प मान लेना अथवा किसी शारीरिक बीमारी का अचूक इलाज समझना बिल्कुल उचित नहीं है। इसी तरह तथाकथित डिटॉक्स दावों से भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। एनसीसीआईएच के अनुसार मानव शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने वाले डिटॉक्स कार्यक्रमों के दावों की पुष्टि के लिए मजबूत शोध उपलब्ध नहीं हैं। घर पर एबीसी जूस तैयार करने का सही तरीका इस पौष्टिक पेय को घर पर तैयार करने की विधि बेहद सरल है। इसके लिए एक मध्यम आकार का चुकंदर, दो ताजी गाजर, एक सेब, आधा इंच अदरक का टुकड़ा और लगभग आधा कप पानी की जरूरत होती है। सबसे पहले सभी फल और सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद इन सभी सामग्रियों को ब्लेंडर में डालकर तब तक चलाएं जब तक कि मिश्रण पूरी तरह चिकना न हो जाए। तैयार जूस को छाने बिना सीधे पीना एक बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि ऐसा करने से फलों और सब्जियों में मौजूद जरूरी फाइबर नष्ट नहीं होता और शरीर को पूरा लाभ मिलता है। स्वाद को अधिक रुचिकर बनाने के लिए इसमें थोड़ा नींबू का रस और आवश्यकतानुसार सेंधा नमक मिलाया जा सकता है। पेय तैयार होने के तुरंत बाद इसका ताजा सेवन करना सबसे ज्यादा सुविधाजनक और गुणकारी रहता है। सेवन का सही समय और जरूरी सावधानियां एबीसी जूस का सेवन केवल सुबह के वक्त ही करना अनिवार्य नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को खाली पेट इस जूस को पीने से पेट में किसी प्रकार की असहजता महसूस होती है, तो वे इसे नाश्ते के साथ या नाश्ता करने के बाद भी ले सकते हैं। साथ ही इसकी मात्रा को भी संतुलित रखना चाहिए और जरूरत से ज्यादा पीने से बचना चाहिए। एबीसी जूस को हमेशा एक संतुलित और स्वस्थ आहार के हिस्से के तौर पर देखना चाहिए, न कि पूरी खुराक के प्रतिस्थापन के रूप में। शादी से पहले होने वाली दुल्हनों के लिए सिर्फ एक खास जूस पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय विविध फल, हरी सब्जियां, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और नियमित खानपान पर ध्यान केंद्रित करना अधिक महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति डायबिटीज, गुर्दे की बीमारी या किसी अन्य पुरानी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है, तो दैनिक आधार पर इस जूस का नियमित सेवन शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक अथवा आहार विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी है। इसका आप पर असर शादी या किसी खास मौके से पहले आहार में बदलाव करने वाले पाठकों के लिए यह जानकारी सीधे तौर पर उपयोगी है। • खानपान में संतुलन: एबीसी जूस को पूरे भोजन का विकल्प बनाने के बजाय केवल पोषण बढ़ाने वाले पूरक के रूप में लें। इससे शरीर को जरूरी फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स बिना कमजोरी के मिलते रहेंगे। • अतिश्योक्तिपूर्ण दावों से बचाव: एक महीने में पिंपल्स मिटने या गाल लाल होने जैसी भ्रामक बातों में न पड़ें। त्वचा की बनावट सुधारने के लिए पर्याप्त पानी, 7 से 8 घंटे की नींद और तनावमुक्त रहने पर भी बराबर ध्यान दें। • फाइबर का पूरा लाभ: ब्लेंड करने के बाद जूस को छाने बिना पीने की आदत बनाएं। बिना छाना जूस आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। • बीमारियों में चिकित्सकीय सलाह: डायबिटीज या किडनी की परेशानी से जूझ रहे लोग इसे रोज पीने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें। चुकंदर और गाजर में मौजूद तत्व कुछ मेडिकल स्थितियों में परहेज योग्य हो सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ शादी के सीजन में त्वचा को जल्दी चमकदार बनाने की चाहत और सेलिब्रिटी रूटीन के कारण यह पेय अत्यधिक चर्चा में आया है। सोशल मीडिया पर त्वरित डिटॉक्स के दावों ने भी इसे ट्रेंड में बनाए रखा है। • सेलिब्रिटी जीवनशैली का प्रभाव: मलाइका अरोड़ा द्वारा दिसंबर 2024 में अपने सुबह के रूटीन में एबीसी जूस शामिल करने का खुलासा करने से लोगों में इसके प्रति उत्सुकता बढ़ी। लोग मशहूर हस्तियों के ब्यूटी सीक्रेट्स को अपनी जीवनशैली में तेजी से अपनाने की कोशिश करते हैं। • शादी से पहले स्किन केयर की मांग: विवाह तय होते ही बाहरी फेशियल के साथ-साथ आंतरिक पोषण के लिए आसान उपायों की तलाश बढ़ जाती है। तीन बुनियादी सामग्रियों से झटपट तैयार होने के कारण यह एक सुलभ विकल्प बन गया। • डिटॉक्स से जुड़े लोकप्रिय भ्रम: बाजार और इंटरनेट पर त्वरित डिटॉक्स ड्रिंक्स को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। हालांकि आधिकारिक वैज्ञानिक शोध शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने के ऐसे चमत्कारी दावों की पुष्टि नहीं करते हैं। सवाल-जवाब 1. एबीसी जूस किन-किन सामग्रियों से मिलकर बनता है? एबीसी जूस मुख्य रूप से सेब, चुकंदर, गाजर, पानी और हल्के स्वाद के लिए अदरक, नींबू व सेंधा नमक मिलाकर बनाया जाता है। 2. मलाइका अरोड़ा अपने रूटीन में एबीसी जूस कब और कैसे लेती हैं? मलाइका अरोड़ा ने दिसंबर 2024 में बताया था कि वह सेब, चुकंदर, गाजर और अदरक वाले इस जूस को सुबह 10 बजे पीती हैं। 3. क्या रोज एबीसी जूस पीने से एक महीने में पिंपल्स और डार्क सर्कल्स खत्म हो जाते हैं? इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है; त्वचा का निखार केवल एक जूस से नहीं बल्कि नींद, पानी, तनाव और संतुलित आहार पर निर्भर करता है। 4. एबीसी जूस को छानकर पीना चाहिए या बिना छाने? इस जूस को बिना छाने पीना ज्यादा बेहतर माना जाता है ताकि फलों और सब्जियों का फाइबर शरीर को पूरी तरह मिल सके। 5. क्या खाली पेट ही एबीसी जूस पीना जरूरी है? नहीं, इसे खाली पेट पीना अनिवार्य नहीं है; यदि खाली पेट कोई परेशानी हो तो इसे नाश्ते के साथ या बाद में भी पिया जा सकता है। 6. किन लोगों को नियमित एबीसी जूस शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए? डायबिटीज, किडनी की बीमारी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित लोगों को इसका नियमित सेवन शुरू करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। https://trendkia.com/health/shadi-se-pahale-skina-keyara-rutina-men-abc-juice-kyon-bana-raha-hai-pahali-pasnda-janie-poshana-aura-sahi-resipi-41004 TrendKia — Har trend, sabse pehle.