शिव-विष्णु को प्रिय कनेर के फूल में छिपे हैं सेहत के गजब राज, जानें आयुर्वेदिक फायदे कनेर का फूल धर्म ग्रंथों में भगवान शिव और विष्णु का प्रिय पुष्प माना जाता है, वहीं आयुर्वेद में यह सिर दर्द, दांत दर्द, पीरियड्स के दर्द और बाल झड़ने जैसी समस्याओं में राहत देने वाली असरदार औषधि है। पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाला कनेर का फूल सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे एक कारगर औषधि के तौर पर भी जाना जाता है। बदलती जीवनशैली की वजह से लोगों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं और ज्यादातर लोग इनसे निपटने के लिए अंग्रेजी दवाओं का सहारा लेते हैं। लेकिन आयुर्वेदिक नुस्खे भी शरीर के लिए उतने ही असरदार साबित होते हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। कनेर का फूल इसी कड़ी में एक ऐसी औषधि है जिसका धार्मिक ग्रंथों में भी बड़ा महत्व बताया गया है। शिव और विष्णु का प्रिय फूल धर्म ग्रंथों में कनेर के फूल को भगवान शिव और भगवान विष्णु का बेहद प्रिय पुष्प माना गया है। रायबरेली की आयुष चिकित्सक डॉ स्मिता श्रीवास्तव, जो बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय से हैं, बताती हैं कि कनेर को पीत करवीर या दिव्य फूल के नाम से भी जाना जाता है। उनके मुताबिक यह फूल सेहत के लिहाज से बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं। सेहत से जुड़े कई फायदे कनेर का फूल देखने में जितना खूबसूरत लगता है, औषधीय गुणों के मामले में भी उतना ही समृद्ध है। डॉ स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार यह फूल सिर दर्द, फोड़े-फुंसियों और दांत दर्द में राहत देता है। इसके अलावा महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द में भी यह आराम पहुंचाता है। बालों के झड़ने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी कनेर का फूल फायदेमंद माना जाता है। जहरीला होकर भी है असरदार डॉ स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि कनेर का फूल विषाक्त यानी जहरीली प्रकृति का होता है, लेकिन इसके बावजूद यह सेहत के लिए बेहद लाभकारी साबित होता है। अगर किसी व्यक्ति के शरीर पर दाद, खाज, खुजली या सफेद दाग जैसी समस्या है, तो कनेर के फूल का लेप बनाकर लगाने से इसमें राहत मिलती है। वहीं इसका काढ़ा बनाकर पीने से महिलाओं को पीरियड्स के दर्द में भी आराम मिलता है। बीज और पत्तियों में छिपे तत्व कनेर के बीज में हृदय पर काम करने वाले ग्लाइकोसाइड्स के साथ-साथ कैरोबिन और स्कोपोलिन जैसे तत्व पाए जाते हैं। वहीं इसकी पत्तियों में मुख्य हृदय संबंधी पदार्थ ओलिएंड्रिन मौजूद होता है। पीले रंग के कनेर में पेरुबोसाइड जैसे तत्व भी पाए जाते हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं और आयुर्वेद में इसका महत्व बढ़ाते हैं। इसका आप पर असर • भारत में: जो लोग अंग्रेजी दवाओं के साइड इफेक्ट से बचना चाहते हैं, वे सिर दर्द, दांत दर्द, पीरियड्स के दर्द और बाल झड़ने जैसी आम समस्याओं में कनेर के फूल जैसे आयुर्वेदिक नुस्खों को आजमा सकते हैं। • रायबरेली में: यहां की आयुष चिकित्सक डॉ स्मिता श्रीवास्तव जैसे विशेषज्ञों की सलाह स्थानीय लोगों को घर बैठे सुरक्षित आयुर्वेदिक इलाज अपनाने में मदद कर सकती है। सवाल-जवाब 1. कनेर के फूल को धर्म ग्रंथों में किसका प्रिय पुष्प माना गया है? धर्म ग्रंथों में कनेर के फूल को भगवान शिव और भगवान विष्णु का प्रिय पुष्प माना गया है। 2. कनेर को और किन नामों से जाना जाता है? कनेर को पीत करवीर या दिव्य फूल के नाम से भी जाना जाता है। 3. कनेर का फूल सेहत में किन समस्याओं में राहत देता है? यह सिर दर्द, फोड़े-फुंसी, दांत दर्द, पीरियड्स के दर्द और बाल झड़ने की समस्या में राहत देता है। 4. क्या कनेर का फूल जहरीला होता है? हां, डॉ स्मिता श्रीवास्तव के मुताबिक कनेर का फूल विषाक्त प्रकृति का होता है, फिर भी यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। 5. दाद, खुजली या सफेद दाग में कनेर का इस्तेमाल कैसे करें? कनेर के फूल का लेप बनाकर प्रभावित हिस्से पर लगाने से दाद, खाज, खुजली और सफेद दाग में राहत मिलती है। 6. कनेर के बीज और पत्तियों में कौन से तत्व पाए जाते हैं? बीजों में हृदय पर काम करने वाले ग्लाइकोसाइड्स, कैरोबिन और स्कोपोलिन पाए जाते हैं, जबकि पत्तियों में मुख्य हृदय पदार्थ ओलिएंड्रिन मौजूद होता है। https://trendkia.com/health/shiva-vishnu-ko-priya-kanera-ke-phula-men-chhipe-hain-sehata-ke-gajaba-raja-janen-ayurvedika-phayade-8290 TrendKia — Har trend, sabse pehle.