# हीमोग्लोबिन बढ़ाने के आसान उपाय, शरीर में खून की कमी दूर करने के लिए फॉलो करें यह 7 दिन का डाइट प्लान

> शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया से थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। खून की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर राजेंद्र कुमार सिंघल ने आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करने की सलाह दी है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/simple-ways-to-boost-hemoglobin-follow-this-7-day-diet-plan-recommended-by-doctors-to-fight-iron-deficiency-51505 · **Language:** Hindi
**Tags:** हीमोग्लोबिन, एनीमिया, डाइट प्लान, आयरन की कमी, घरेलू उपाय, स्वास्थ्य

क्या आपको भी थोड़ी दूर पैदल चलने पर या सीढ़ियां चढ़ते वक्त जल्दी थकान महसूस होने लगती है? कई बार बिना किसी भारी काम के भी कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना या सांस फूलने जैसी दिक्कतें सामने आती हैं। इन सभी लक्षणों की मुख्य वजह शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया हो सकती है। हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन का मुख्य काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को अवशोषित करके उसे शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाना होता है। जब इसकी मात्रा में गिरावट आने लगती है, तो अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है, जिसके कारण थकान और कमजोरी जैसी परेशानियां घेर लेती हैं। महिलाओं में माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, खानपान में आयरन की कमी, गर्भावस्था और कुछ खास बीमारियां भी एनीमिया का कारण बन सकती हैं।

## डॉक्टर राजेंद्र कुमार सिंघल की सलाह
बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ राजेंद्र कुमार सिंघल ने एक आलेख में बताया कि अगर शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाए, तो बार-बार थकान होना, त्वचा का पीला पड़ना, चक्कर आना या सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में ज्यादा ठंड लगती है या दिल की धड़कन तेज महसूस होती है। ये सभी संकेत खून की कमी के सामान्य लक्षण हो सकते हैं, हालांकि इन समस्याओं के पीछे अन्य कारण भी मुमकिन हैं। ऐसे हालात में सही खानपान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने भोजन में आयरन, विटामिन बी12, फोलेट और विटामिन सी से भरपूर चीजों को शामिल करने से हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

## खून की कमी दूर करने का 7 दिन का डाइट प्लान
यदि आप शाकाहारी हैं या मांसाहारी भोजन पसंद करते हैं, तो अपनी पसंद के अनुसार इन विकल्पों को रोजाना के खानपान में शामिल किया जा सकता है। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि भोजन में दालें, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, फल, मेवे और प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत शामिल हों। आइए जानते हैं कि इस पूरे एक हफ्ते का डाइट चार्ट किस तरह तैयार किया जा सकता है।

## पहला दिन: नाश्ते से लेकर रात के भोजन तक
दिन की शुरुआत सुबह के नाश्ते में मूंगफली और करी पत्ते वाले पोहे के साथ की जा सकती है, जिसमें चाहें तो मटर भी मिलाई जा सकती है। इसके बाद ब्रंच यानी सुबह के समय एक अमरूद या अनार का सेवन करें, क्योंकि अमरूद में पाया जाने वाला विटामिन सी पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में सोखने में मदद करता है। दोपहर के भोजन में राजमा, चावल और ताजा सलाद लें और सलाद पर नींबू निचोड़ना बिल्कुल न भूलें। शाम के वक्त नाश्ते में दो खजूर और कुछ बादाम खाए जा सकते हैं। रात के खाने में पालक पनीर या पालक टोफू के साथ मिस्सी रोटी का आनंद लें।

## दूसरा दिन: दाल और हरी सब्जियों पर जोर
दूसरे दिन की शुरुआत पालक भरकर बनाए गए मूंग दाल के चीले से करें, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ भरपूर प्रोटीन भी देता है। ब्रंच में एक संतरा या आंवला खाएं या बिना अतिरिक्त चीनी का जूस ले सकते हैं, हालांकि पूरा फल खाना ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है। दोपहर के समय काला चना, दो रोटियां और हल्की पकी हुई ब्रोकोली खाई जा सकती है, जबकि मांसाहारी लोग चने की जगह चिकन करी चुन सकते हैं। शाम के नाश्ते में थोड़े भुने हुए कद्दू के बीज खाएं। रात के खाने में मेथी का थेपला, सब्जी और थोड़ी सी दही लें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि दही को आयरन से भरपूर भोजन के साथ खाने के बजाय अलग समय पर लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।

## तीसरा दिन: अंकुरित अनाज और सोया को बनाएं हिस्सा
तीसरे दिन सुबह के नाश्ते के लिए अंकुरित मूंग में टमाटर, प्याज और नींबू मिलाकर एक शानदार सलाद तैयार करें। दोपहर के खाने में सहजन वाली सांभर, चावल और चुकंदर की सब्जी शामिल करें। शाम के नाश्ते में नींबू और हल्के मसालों के साथ उबला हुआ मक्का खाया जा सकता है। रात के भोजन में सोया चंक्स और मटर की सब्जी के साथ मल्टीग्रेन रोटी लें, क्योंकि सोया प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है और इसमें कुछ मात्रा में आयरन भी पाया जाता है।

## चौथा दिन: बाजरा और दालों का महत्व
चौथे दिन की शुरुआत सुबह के वक्त सब्जियां डालकर बनाई गई बाजरे की खिचड़ी से करें। ब्रंच में कुछ भीगे हुए काले मुनक्के और दो अखरोट खाए जा सकते हैं। दोपहर के खाने में पनीर भुर्जी, दो ज्वार की रोटियां और अंकुरित अनाज का सलाद लें, जबकि अंडा खाने वाले लोग पनीर की जगह अंडा करी ले सकते हैं। शाम के नाश्ते में एक छोटी कटोरी भुने हुए मखाने खाएं। रात के भोजन में टमाटर की ग्रेवी में बने लौकी के कोफ्ते और रोटी लें, और साथ में अपनी पसंद की कोई भी मौसमी सब्जी शामिल कर सकते हैं।

## पांचवां दिन: मेथी, मसूर दाल और तिल का सेवन
पांचवें दिन सुबह के नाश्ते में कम तेल से बना मेथी का पराठा लें और इसे पुदीने की चटनी के साथ खाएं। ब्रंच के समय एक संतरा या मौसंबी का सेवन करें। दोपहर के खाने में मसूर की दाल, चावल और पालक की सब्जी खाएं, जहां दाल में नींबू का रस डालना या खाने के साथ विटामिन सी वाला फल लेना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। शाम के नाश्ते में थोड़े खजूर और भुने हुए तिल खाएं। रात के भोजन में टोफू और शिमला मिर्च की सब्जी के साथ रोटी लें, और अगर आप मछली पसंद करते हैं तो अपनी पसंद की ग्रिल्ड फिश भी चुन सकते हैं।

## छठा दिन: रागी और साबुत अनाज को दें जगह
छठे दिन सुबह के नाश्ते में टमाटर की चटनी के साथ रागी का डोसा खाएं। सुबह के बीच के समय में एक छोटी कटोरी पपीता लें। दोपहर के खाने में सोया कीमा, दो रोटियां और प्याज-नींबू का सलाद खाया जा सकता है, और मांसाहारी लोग सोया की जगह मटन कीमा चुन सकते हैं। शाम के नाश्ते में मुरमुरे में मूंगफली और अंकुरित अनाज मिलाकर स्वादिष्ट भेल तैयार कर लें। रात के भोजन में गाजर, मटर और बीन्स की मिक्स वेज सब्जी के साथ बाजरे की रोटी का सेवन करें।

## सातवां दिन: दाल और हरी सब्जियों से पूरा करें हफ्ता
सप्ताह के आखिरी दिन सुबह के नाश्ते में मटर और गाजर डालकर ओट्स उपमा तैयार करें। सुबह के समय बीच में चुकंदर और गाजर की स्मूदी ली जा सकती है, जिसमें अतिरिक्त चीनी मिलाने से पूरी तरह बचें। दोपहर के खाने में काले चने की ग्रेवी, रोटी और पत्तागोभी की सब्जी खाएं। शाम के नाश्ते में गुड़ और मूंगफली की चिक्की का एक छोटा टुकड़ा लें, हालांकि यह जरूर याद रखें कि गुड़ को खून की कमी का कोई पक्का इलाज नहीं माना जा सकता। रात के खाने में पालक वाली दाल, चावल और अपनी पसंद का भोजन शामिल करें।

## इसका आप पर असर
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के इस डाइट प्लान का असर आपकी रोजमर्रा की ऊर्जा और स्वास्थ्य पर सीधा पड़ता है।

- **दैनिक ऊर्जा:** खानपान में आयरन और विटामिन सी बढ़ाने से थकान और कमजोरी दूर होती है। इससे दिनभर की शारीरिक कार्यक्षमता में सुधार आता है।
- **आहार में बदलाव:** आपको अपने रोज के भोजन में दालें, हरी सब्जियां, और फल नियमित रूप से शामिल करने होंगे। इससे शरीर में पोषण की कमी समय रहते पूरी हो जाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी मुख्य रूप से खानपान में आयरन की कमी, अत्यधिक रक्तस्राव या शरीर द्वारा पोषक तत्वों का सही अवशोषण न हो पाने के कारण होती है। जब फेफड़ों से अंगों तक ऑक्सीजन पहुँचाने वाला हीमोग्लोबिन घटता है, तो थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।

- **आयरन की कमी:** भोजन में उचित पोषक तत्वों का अभाव शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से गिराता है। इससे एनीमिया की शिकायत हो सकती है।
- **ऑक्सीजन का परिवहन:** कम हीमोग्लोबिन होने पर शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती है। यह स्थिति कमजोरी और सांस फूलने का कारण बनती है।

## सवाल-जवाब

### 1. शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने के मुख्य लक्षण क्या हैं?
हीमोग्लोबिन कम होने पर बार-बार थकान महसूस होना, त्वचा का पीला पड़ना, चक्कर आना और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

### 2. हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए?
डाइट में आयरन, विटामिन बी12, फोलेट और विटामिन सी से भरपूर दालें, हरी सब्जियां, फल और मेवे शामिल करने चाहिए।

### 3. अमरूद खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ाने में कैसे मदद मिलती है?
अमरूद विटामिन सी का अच्छा स्रोत है, जो पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है।

### 4. क्या दही को आयरन से भरपूर भोजन के साथ खाना चाहिए?
दही को आयरन से भरपूर भोजन के साथ लेने के बजाय अलग समय पर लेना अधिक उपयोगी माना जाता है।

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