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  "type": "article",
  "title": "सिर्फ पांच घंटे की नींद में भी बन सकती हैं मसल्स, स्टडी में खुलासा",
  "summary": "नींद पूरी न हो तब भी वर्कआउट बेकार नहीं जाता, एक स्टडी के मुताबिक सिर्फ पांच घंटे सोने वाले लोग भी रेजिस्टेंस बैंड ट्रेनिंग से अच्छी मसल्स स्ट्रेंथ हासिल कर पाए। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि नींद से ज्यादा जरूरी है जिम में लगातार बने रहना।",
  "content": "रातभर ठीक से नींद न आए तो क्या जिम जाना छोड़ देना चाहिए? अगर शरीर को सच में आराम की जरूरत है तो बिना किसी अपराधबोध के एक दिन का रेस्ट लेना बिल्कुल ठीक है, लेकिन बहुत से लोग सिर्फ इसलिए वर्कआउट टाल देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि पांच-छह घंटे की नींद के बाद कसरत करना पूरी तरह बेकार जाएगा, मानो पूरे आठ घंटे से कम कुछ भी हो तो पूरी मेहनत बेअसर हो जाती हो। साइंस कुछ और ही कहता है। एक स्टडी में सामने आया कि जो लोग रोज सिर्फ पांच घंटे सोते थे, वे भी रेजिस्टेंस बैंड्स से ट्रेनिंग करके अच्छी मसल्स स्ट्रेंथ हासिल कर पाए। इस स्टडी में गहराई से जाने से पहले यह समझना जरूरी है कि नींद का मसल ग्रोथ से असल में क्या रिश्ता है, क्योंकि यह रिश्ता जिम की आम धारणाओं जितना सख्त नहीं है।\n\nमसल्स बढ़ाने के लिए कितनी नींद जरूरी है?\nसेहतमंद जिंदगी के लिए आमतौर पर सात से नौ घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है, हालांकि सही आंकड़ा हर इंसान पर अलग-अलग निर्भर करता है। जो लोग बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं, उनकी नींद की जरूरत और बढ़ सकती है, इसलिए एथलीट्स का नौ घंटे या उससे ज्यादा सोना कोई अनोखी बात नहीं है, क्योंकि भारी ट्रेनिंग शरीर पर रिकवरी का अतिरिक्त बोझ डालती है। लेकिन सिर्फ मसल ग्रोथ की बात करें तो इसके लिए कोई तय आंकड़ा अब तक सामने नहीं आया है। एक्सरसाइज साइंस पर काम करने वाले शोधकर्ता ब्रैड शोएनफेल्ड ने 2024 में पांच घंटे की नींद वाली इस स्टडी को इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। उन्होंने कैप्शन में लिखा था कि मसल्स बढ़ाने के लिए शायद नींद की कोई न्यूनतम मात्रा जरूर होती है, लेकिन ठीक-ठीक कितनी, यह साफ नहीं है और यह हर इंसान पर अलग हो सकता है। मतलब साइंस के पास अभी कोई पक्का जवाब नहीं है, लेकिन बहुत कम नींद में लंबे समय तक काम चलाना मुश्किल जरूर है। सात घंटे की नींद ज्यादातर मामलों में मसल्स बढ़ाने के लिए काफी मानी जा सकती है। असली सवाल यह है कि पांच घंटे की नींद पर क्या होता है, और यही इस स्टडी का मकसद था।\n\nपांच घंटे की नींद वाली स्टडी में क्या मिला?\nसबूत साफ इशारा करते हैं कि पांच घंटे की नींद में भी मसल्स बनाई जा सकती हैं, भले ही यह आदर्श स्थिति न हो। 2024 की इस स्टडी में उन पुरुषों को शामिल किया गया जो आमतौर पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग नहीं करते थे, और जिन्हें कोई नींद से जुड़ी बीमारी डायग्नोज हुई थी, उन्हें बाहर रखा गया ताकि नतीजे किसी पुरानी मेडिकल परेशानी से प्रभावित न हों। कुल 36 पुरुषों को तीन ग्रुप्स में बांटा गया, एक ग्रुप औसतन करीब सात घंटे सोता था, दूसरा ग्रुप करीब पांच घंटे, और एक कंट्रोल ग्रुप सात घंटे से ज्यादा सोता था। कंट्रोल ग्रुप ने स्टडी के दौरान कोई एक्सरसाइज नहीं की, यानी यह ग्रुप उस सवाल का जवाब देता है कि अगर कोई जिम पूरी तरह छोड़कर बस ज्यादा सोता रहे तो क्या होगा। बाकी दोनों ग्रुप्स ने रेजिस्टेंस बैंड्स से ट्रेनिंग की, जिससे शोधकर्ता सिर्फ नींद के घंटों को मुख्य वैरिएबल के तौर पर जांच सके।\n\nनतीजों में कुछ मसल ग्रुप्स में सात घंटे सोने वालों को पांच घंटे सोने वालों से थोड़ा बेहतर फायदा मिला, जबकि बाकी मसल ग्रुप्स में दोनों करीब-करीब बराबर रहे। सबसे अहम बात यह रही कि ट्रेनिंग करने वाले दोनों ग्रुप्स ने बिना एक्सरसाइज वाले कंट्रोल ग्रुप के मुकाबले कहीं ज्यादा मसल्स हासिल कीं, जिससे साफ हुआ कि जिम जाना, दो घंटे ज्यादा सोने से कहीं ज्यादा मायने रखता है। स्टडी के लेखकों ने लिखा कि नतीजे बताते हैं कि मसल स्ट्रेंथ की रिकवरी के मामले में सात घंटे की न्यूनतम नींद वाला यह पैमाना थोड़ा ढीला किया जा सकता है।\n\nस्टडी की सीमाएं क्या हैं?\nइस रिसर्च की अपनी सीमाएं भी हैं। इसमें सिर्फ पुरुषों को शामिल किया गया, ट्रेनिंग बारबेल या डंबल की बजाय रेजिस्टेंस बैंड्स से कराई गई, और सभी शुरुआत में पूरी तरह अनट्रेंड थे, जिससे मसल्स तेजी से बढ़ना आसान होता है क्योंकि शुरुआती लोगों को अक्सर किसी भी तरीके से जल्दी फायदा दिखने लगता है। इन बातों को ध्यान में रखने के बाद भी नतीजे लगभग वही कहते हैं जो ज्यादातर ट्रेनर्स और सीरियस जिम जाने वाले लोग अपने अनुभव से पहले ही बताते आए हैं, कि भरपूर नींद अच्छी बात है, लेकिन तरक्की के लिए यह कोई अनिवार्य शर्त नहीं है।\n\nहर बार परफेक्ट होने से ज्यादा जरूरी है लगातार बने रहना\nअगर रेस्ट वाकई मसल ग्रोथ के लिए इतना जरूरी है, तो यह नतीजे कैसे मुमकिन हुए? दरअसल रेस्ट कोई ऐसा जादू नहीं है जो बिना रुके एक ही झटके में पूरा होना चाहिए। जो इंसान रोज एक घंटा वर्कआउट करता है, वह बाकी तेईस घंटे वैसे भी आराम में ही रहता है, चाहे वह नींद रात में कैसे भी बंटी हो। ट्रेनिंग लोड को सही तरीके से मैनेज किया जाए तो पूरे रेस्ट डे लेना भी हमेशा जरूरी नहीं रहता, हालांकि यह अपने आप में अलग विषय है। अनुभवी जिम जाने वाले हर नए शख्स को जो सबसे बड़ी बात समझाना चाहते हैं, वह यही है कि ज्यादातर समय ज्यादातर चीजें सही करना, हर बार सब कुछ परफेक्ट होने का इंतजार करने से कहीं बेहतर नतीजे देता है। जो सिर्फ अच्छी नींद के बाद ही ट्रेनिंग करता है, वह उतनी बार जिम नहीं जा पाएगा जितनी बार वह चाहता है, और लंबे समय में यही उसकी तरक्की को कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाता है, न कि कभी-कभार की अधूरी नींद।\n\nनींद को ट्रैक करें, लेकिन उसे वर्कआउट पर हावी न होने दें\nइसके लिए किसी खास प्रोडक्ट या गैजेट की जरूरत नहीं है, लेकिन स्मार्ट रिंग और स्मार्टवॉच जैसे वियरेबल्स यह ट्रैक करने में मदद कर सकते हैं कि असल में कितनी नींद मिल रही है और समय के साथ ट्रेनिंग में कितनी नियमितता बनी हुई है। महंगे विकल्पों में ओरा रिंग आती है, जो सोते समय पहनने में आरामदायक है और यह बताती है कि नींद कितनी अच्छी रही। बजट में रहना हो तो 99 डॉलर वाली फिटबिट एयर भी बिना ज्यादा कीमत चुकाए लगभग वही काम कर देती है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि अगर कोई डिवाइस किसी दिन नींद या रिकवरी का स्कोर खराब दिखाए, तो इसका मतलब यह नहीं कि उस दिन जिम जाना ही छोड़ दिया जाए। लगातार बने रहना, यानी जब भी मुमकिन हो जिम पहुंचना, ही असल में लंबे समय में बेहतर मसल्स गेन दिलाता है।\n\nइसका आप पर असर\nजिम जाने वालों के लिए:\n\n• अगर रात को पूरी नींद नहीं मिली तो वर्कआउट स्किप करना जरूरी नहीं, स्टडी के मुताबिक पांच घंटे की नींद पर भी मसल्स बनाई जा सकती हैं।\n• स्मार्ट रिंग या स्मार्टवॉच से नींद और ट्रेनिंग की नियमितता ट्रैक की जा सकती है, लेकिन खराब स्कोर आने पर जिम छोड़ने की जरूरत नहीं।\n• लंबे समय में तरक्की के लिए हर बार परफेक्ट नींद से ज्यादा जरूरी है लगातार वर्कआउट करते रहना।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्या पांच घंटे की नींद के बाद भी वर्कआउट करना फायदेमंद है?\nस्टडी के मुताबिक हां, पांच घंटे सोने वाले पुरुषों ने भी रेजिस्टेंस बैंड ट्रेनिंग से अच्छी मसल्स स्ट्रेंथ हासिल की।\n\n2. स्टडी में कितने लोग शामिल थे और उन्हें कैसे बांटा गया?\n36 पुरुषों को तीन ग्रुप्स में बांटा गया, एक करीब सात घंटे सोने वाला, दूसरा करीब पांच घंटे सोने वाला और एक बिना एक्सरसाइज वाला कंट्रोल ग्रुप जो सात घंटे से ज्यादा सोता था।\n\n3. स्टडी के नतीजे क्या रहे?\nकुछ मसल ग्रुप्स में सात घंटे सोने वालों को थोड़ा बेहतर फायदा मिला, लेकिन दोनों ट्रेनिंग वाले ग्रुप्स ने बिना एक्सरसाइज वाले कंट्रोल ग्रुप से कहीं ज्यादा मसल्स हासिल कीं।\n\n4. मसल ग्रोथ के लिए आम तौर पर कितनी नींद जरूरी मानी जाती है?\nआमतौर पर सात से नौ घंटे की नींद अच्छी मानी जाती है, लेकिन मसल ग्रोथ के लिए कोई तय न्यूनतम आंकड़ा साइंस ने अभी तय नहीं किया है।\n\n5. स्टडी की क्या सीमाएं हैं?\nइसमें सिर्फ पुरुष शामिल थे, ट्रेनिंग बारबेल की जगह रेजिस्टेंस बैंड्स से कराई गई, और सभी शुरुआत में अनट्रेंड थे।\n\n6. नींद ट्रैक करने के लिए कौन से डिवाइस बताए गए हैं?\nमहंगे विकल्प के तौर पर ओरा रिंग और बजट विकल्प के तौर पर 99 डॉलर वाली फिटबिट एयर का जिक्र किया गया है।",
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  "category": "स्वास्थ्य",
  "publishedAt": "2026-07-09",
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    "स्ट्रेंथ ट्रेनिंग",
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