स्किन टाइप के हिसाब से कैसे लगाएं नियासिनामाइड, डॉक्टर आंचल पंथ ने बताए सही तरीके त्वचा की देखभाल में नियासिनामाइड बेहद लोकप्रिय है, लेकिन ऑयली, ड्राई और एक्ने प्रोन स्किन पर इसके इस्तेमाल का तरीका अलग होता है। त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर आंचल पंथ ने इसके सही इस्तेमाल और सावधानियों की पूरी जानकारी दी है। त्वचा की देखभाल यानी स्किन केयर की दुनिया में नियासिनामाइड एक बेहद चर्चित इंग्रीडिएंट बन चुका है। यह विटामिन बी3 का एक प्रकार है जो त्वचा को स्वस्थ रखने के साथ-साथ कई तरह की समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करता है। खासकर, ऑयली स्किन के लिए नियासिनामाइड को बहुत असरदार माना जाता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा प्रभाव नहीं छोड़ता है। इसे अन्य घटकों के साथ और उचित तरीके से लगाना आवश्यक होता है। एमडी-डर्मेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टर आंचल पंथ बता रही हैं कि किन लोगों को नियासिनामाइड सीरम का उपयोग करना चाहिए और किन स्थितियों में इससे बचना समझदारी है, साथ ही इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का सही तरीका क्या है। किसे करना चाहिए नियासिनामाइड का इस्तेमाल? त्वचा की अलग-अलग ज़रूरतों और प्रकार के आधार पर नियासिनामाइड के काम करने का तरीका बदल जाता है। इसे सही क्रम में लगाने से इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं और त्वचा को किसी भी तरह की परेशानी से बचाया जा सकता है। • एक्ने प्रोन स्किन: यदि आपकी त्वचा पर मुंहासे निकलते हैं, तो आपको अपनी स्किन केयर रूटीन में नियासिनामाइड को जरूर शामिल करना चाहिए। यह मुंहासों वाली त्वचा, खुले हुए रोमछिद्रों, पिंपल्स के काले निशानों और बेजान रंगत के लिए बेहद गुणकारी है। यह त्वचा के भीतर सीबम के निर्माण को संतुलित करता है और दाग-धब्बों को हल्का करने का काम करता है। आप इसका उपयोग दिन में दो बार कर सकते हैं। सुबह चेहरे को साफ करने के बाद सबसे पहले विटामिन सी लगाएं, उसके पश्चात नियासिनामाइड सीरम लगाएं। इसके बाद मॉइश्चराइज़र और फिर सनस्क्रीन लगाना न भूलें। • ऑयली स्किन: अत्यधिक तेलीय त्वचा के लिए नियासिनामाइड को बहुत ही प्रभावी घटक माना जाता है। यह चेहरे से अतिरिक्त सीबम को नियंत्रित करता है जिससे त्वचा चिपचिपी महसूस नहीं होती है। इसका उपयोग रात को सोने से ठीक पहले करना बेहतर रहता है। पहले सूखी हुई त्वचा पर रेटिनॉल लगाएं, उसके बाद नियासिनामाइड का इस्तेमाल करें और अंत में मॉइश्चराइज़र से चेहरे को सील करें। • ड्राई स्किन: यदि आपकी त्वचा शुष्क है, तो रात के समय सबसे पहले नियासिनामाइड का उपयोग करें। इसके बाद रेटिनॉल लगाएं। यह एक सुरक्षित घटक है, लेकिन यदि आपकी त्वचा बेहद रूखी और जलन से ग्रस्त है, तब इसका उपयोग करने से बचना चाहिए। त्वचा पर सीरम लगाने का सही तरीका और सावधानियां यदि आप पहली बार नियासिनामाइड का उपयोग करने जा रहे हैं, तो हमेशा 5% सांद्रता वाले उत्पाद से शुरुआत करें क्योंकि अधिक कंसंट्रेशन से त्वचा पर जलन या रैशेज हो सकते हैं। आप इसे सुबह, शाम या फिर दिन में दो बार लगा सकते हैं। हल्की गीली त्वचा पर इसे लगाने से इसकी प्रभावशीलता और अधिक बढ़ जाती है। इसका आप पर असर त्वचा देखभाल करने वालों के लिए: अपनी स्किन टाइप के अनुसार नियासिनामाइड चुनने से मुंहासों, अतिरिक्त तेल और रूखेपन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है और चेहरे को सही पोषण मिलता है। सवाल-जवाब 1. नियासिनामाइड किस विटामिन का रूप है? नियासिनामाइड विटामिन बी3 का एक रूप है जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। 2. ऑयली स्किन के लिए नियासिनामाइड का इस्तेमाल कब करना चाहिए? ऑयली स्किन के लिए इसका इस्तेमाल रात को सोने से पहले करना चाहिए। 3. पहली बार नियासिनामाइड इस्तेमाल करने वालों को कितने प्रतिशत से शुरुआत करनी चाहिए? पहली बार उपयोग करने वालों को 5% नियासिनामाइड से शुरुआत करनी चाहिए। 4. क्या बहुत ज़्यादा ड्राई और इरिटेटेड स्किन पर नियासिनामाइड लगाना चाहिए? नहीं, अगर स्किन बहुत ज़्यादा ड्राई और इरिटेटेड है, तब इसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। https://trendkia.com/health/skina-taipa-ke-hisaba-se-kaise-lagaen-niyasinamaida-doktara-aanchal-panth-ne-batae-sahi-tarike-17981 TrendKia — Har trend, sabse pehle.