स्वामी रामदेव ने चेताया खराब खानपान से घट रहा है बच्चों का IQ और शारीरिक विकास कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार फास्टफूड के कारण बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा है, जिससे उनकी लंबाई और बौद्धिक क्षमता प्रभावित हो रही है। योग गुरु स्वामी रामदेव ने बच्चों के बेहतर विकास के लिए खास डाइट और योगाभ्यास के उपाय बताए हैं। हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा जीवन के हर क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करे। वे बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, IAS-IPS अधिकारी या फिर बड़ा बिजनेसमैन बनाने की इच्छा रखते हैं। इसके लिए वे काफी पैसा खर्च करते हैं, महंगे और नामी स्कूलों में दाखिला दिलाते हैं, और हर वह आधुनिक सुख-सुविधा प्रदान करते हैं जो उनके विकास के लिए आवश्यक हो सकती है। लेकिन इस लंबी दौड़ में माता-पिता अक्सर एक सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं, और वह है बच्चों का उचित खानपान। यदि बच्चों के खानपान की आदतें सही नहीं हैं, तो उन्हें दी जाने वाली बेहतरीन से बेहतरीन शिक्षा और सुख-सुविधाएं भी व्यर्थ साबित हो सकती हैं। फास्टफूड का मानसिक विकास पर घातक असर बच्चों की बिगड़ती सेहत और मानसिक विकास को लेकर कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने लाती है। इस अध्ययन के अनुसार, लगातार फास्टफूड और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बच्चों के शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की भारी कमी हो रही है। इस कुपोषण के सीधे परिणाम के रूप में बच्चों की सीखने, समझने और नई चीजों को ग्रहण करने की क्षमता तेजी से घट रही है। बच्चों का बौद्धिक स्तर यानी IQ लगातार नीचे गिर रहा है। जब बच्चे बुनियादी चीजों को समय पर सीख और समझ ही नहीं पाएंगे, तो वे समाज में होने वाली तीव्र प्रतिस्पर्धा में दूसरों का मुकाबला कैसे करेंगे? पोषक तत्वों की यह कमी बच्चों को जीवन की रेस में अन्य साथियों से काफी पीछे धकेल रही है। मस्तिष्क के विकास पर शारीरिक और मानसिक चोट कुपोषण का प्रभाव केवल पढ़ाई-लिखाई या परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह बच्चों के नाजुक शारीरिक ढांचे पर भी गहरा प्रहार करता है। पोषण की गंभीर कमी के कारण मस्तिष्क के ऊतकों यानी टिश्यूज को अपूरणीय क्षति पहुंचती है। इससे बच्चों के मस्तिष्क का आकार और न्यूरॉन्स का जटिल नेटवर्क सही तरीके से विकसित नहीं हो पाता। जब मस्तिष्क का ढांचा ही कमजोर रह जाता है, तो बच्चों की शारीरिक लंबाई रुक जाती है, शरीर में खून और आयरन की गंभीर कमी हो जाती है, और उनकी हड्डियों का विकास भी पूरी तरह से थम जाता है। वैश्विक संकट के डरावने आंकड़े अगर आंकड़ों की बात करें तो वैश्विक स्तर पर स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। दुनिया भर में करीब 15 करोड़ से भी अधिक बच्चों को उनके सामान्य शारीरिक विकास के लिए आवश्यक बुनियादी कैलोरी तक नसीब नहीं हो पाती है। कुपोषण और शारीरिक कमजोरी के कारण हर साल लगभग 10 लाख बच्चों की असामयिक मृत्यु हो जाती है। इसके अलावा, करीब साढ़े 4 करोड़ से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से दुबलेपन यानी वेस्टिंग का शिकार हैं। आंतरिक अंगों का विकास सही ढंग से न होने के कारण हर साल लगभग ढाई लाख बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। योग गुरु स्वामी रामदेव का मानना है कि बच्चों की भोजन की थाली में की गई जरा सी भी कोताही उनके पूरे भविष्य, करियर और स्वास्थ्य को बर्बाद कर सकती है, क्योंकि अच्छी शिक्षा के साथ-साथ सही पोषण भी उतना ही अनिवार्य है। लंबाई और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के उपाय बच्चों के समग्र शारीरिक विकास और लंबाई को बढ़ाने के लिए उनकी थाली को पोषक तत्वों से भरपूर बनाना सबसे पहला कदम है। बच्चों में प्राकृतिक भूख जगाने के लिए उन्हें रोजाना शारीरिक परिश्रम या वर्कआउट करवाना चाहिए। शरीर में ग्रोथ हॉर्मोन का स्राव, सोने की सही आदतें, बैठने-उठने का पॉश्चर और मजबूत इम्यूनिटी सीधे तौर पर लंबाई को प्रभावित करते हैं। शारीरिक विकास को गति देने के लिए बच्चों की डाइट में गाजर, मेथी, सोयाबीन, विभिन्न डेयरी प्रोडक्ट्स और जौ का आटा अवश्य शामिल करें। इसके साथ ही, बच्चों को रोजाना कम से कम 30 मिनट तक योगाभ्यास कराएं। जंकफूड का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दें और प्रतिदिन आधा घंटा धूप में बैठने की आदत डालें जिससे उन्हें प्राकृतिक विटामिन डी मिल सके। बच्चों के आहार में ताजे फल और हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं और उन्हें मोबाइल स्क्रीन से दूर रखकर मैदान में आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रेरित करें। उम्र के मुकाबले बढ़ते वजन को नियंत्रित रखना भी आवश्यक है, जिसके लिए घर में तैयार शुद्ध भोजन ही देना चाहिए। दिमाग को तेज करने के आयुर्वेदिक और प्राकृतिक तरीके आयुर्वेद में बच्चों के दिमागी विकास और याददाश्त को बढ़ाने के लिए कई बेहद असरदार औषधियों का वर्णन है। बच्चों की मानसिक एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए उन्हें ब्राह्मी, शंखपुष्पी और अश्वगंधा जैसी बूटियों का सेवन कराना चाहिए। इसके अलावा, उनके दैनिक भोजन में कुछ खास सुपरफूड्स जैसे कि दूध, सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स), ओट्स, बीन्स, शकरकंद और मसूर की दाल को नियमित रूप से शामिल करें। शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए दूध में शतावर मिलाकर देना काफी फायदेमंद होता है। इसके साथ ही, बच्चों को केला शेक और खजूर-अंजीर का शेक पिलाएं जिससे उनकी हड्डियां मजबूत होंगी। बच्चों में कुछ अच्छी आदतें विकसित करना भी उतना ही जरूरी है, जैसे कि उनका स्क्रीन टाइम बेहद कम रखें, उन्हें सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से पूरी तरह दूर रखें, सुबह जल्दी उठने और रात में समय पर सोने की आदत डालें। इसका आप पर असर पाठकों पर प्रभाव: • यह जानकारी माता-पिता को अपने बच्चों की डाइट में फास्टफूड को कम करने और पारंपरिक पोषक तत्वों को शामिल करने के लिए प्रेरित करेगी। • यह दैनिक जीवन में बच्चों के लिए योगाभ्यास, धूप सेंकने और आउटडोर खेलों के महत्व को रेखांकित करती है जिससे शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर हो सके। सवाल-जवाब 1. फास्टफूड बच्चों के दिमाग को कैसे प्रभावित करता है? कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, फास्टफूड के कारण बच्चों में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। यह कुपोषण मस्तिष्क के टिश्यूज और न्यूरॉन्स के विकास को रोक देता है, जिससे बच्चों का IQ और सीखने की क्षमता कम हो जाती है। 2. वैश्विक स्तर पर कुपोषण के क्या आंकड़े हैं? दुनिया भर में 15 करोड़ से अधिक बच्चों को पर्याप्त कैलोरी नहीं मिलती, 4.5 करोड़ से अधिक बच्चे दुबलेपन का शिकार हैं और हर साल कमजोरी व अंगों का विकास न होने से लाखों बच्चों की मौत हो जाती है। 3. स्वामी रामदेव ने बच्चों की लंबाई बढ़ाने के लिए किन खाद्य पदार्थों का सुझाव दिया है? लंबाई बढ़ाने के लिए बच्चों की डाइट में गाजर, मेथी, सोया, जौ का आटा और दूध-दही जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करना चाहिए। 4. दिमाग को तेज करने के लिए कौन से आयुर्वेदिक उपाय अपनाए जा सकते हैं? बच्चों की दिमागी क्षमता और याददाश्त बढ़ाने के लिए ब्राह्मी, शंखपुष्पी और अश्वगंधा जैसी आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन कराया जा सकता है। 5. बच्चों की हड्डियों को मजबूत करने और कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए क्या पिलाएं? कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए दूध में शतावर मिलाकर देना चाहिए। इसके अलावा केला शेक और खजूर-अंजीर का शेक भी हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद है। https://trendkia.com/health/swami-ramdev-ne-chetaya-kharaba-khanapana-se-ghata-raha-hai-bachchon-ka-iq-aura-sharirika-vikasa-6132 TrendKia — Har trend, sabse pehle.