# तनाव से जूझ रहे हैं? डॉ. अंकिता राज की इस किताब में छिपे हैं रोजमर्रा की खुशहाली के नुस्खे

> डॉ. अंकिता राज की किताब 'स्वास्थ्य एवं खुशियों के क्विक टिप्स' छोटे-छोटे रोजाना के बदलावों से सेहत और खुशी पाने का व्यावहारिक रास्ता बताती है, जिसका प्रीफेस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा है।

**Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/tanava-se-jujha-rahe-hain-do-ankita-raja-ki-isa-kitaba-men-chhipe-hain-rojamarra-429

भागदौड़ से भरी आज की दिनचर्या में तनाव लगभग हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। सुनने में यह शब्द भले ही मामूली लगे, पर लंबे समय तक बना रहने वाला स्ट्रेस हमारे शरीर और मन दोनों पर गहरा असर छोड़ता है — और यही वजह है कि व्यस्तता के बीच अपनी सेहत संभालना और मन से खुश रहना आज एक असली चुनौती बन गया है। ठीक इसी उलझन का जवाब लेकर आई है डॉ. अंकिता राज की किताब "स्वास्थ्य एवं खुशियों के क्विक टिप्स"। खास बात यह है कि इस पुस्तक का प्रीफेस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा है, जो अपने आप में इस बात की गवाही है कि किताब के विचार और जानकारियां समाज के लिए भरोसेमंद और उपयोगी मानी गई हैं।

## किसके लिए है यह किताब और क्या है इसका मूल संदेश

यह पुस्तक उन लाखों भारतीयों को ध्यान में रखकर लिखी गई है जो अपनी व्यस्त जिंदगी के बीच सेहत और खुशी दोनों तलाश रहे हैं — फिर चाहे वे अभिभावक हों, नौकरीपेशा हों या पढ़ाई कर रहे छात्र। किताब की पूरी बुनियाद एक सीधे-से विचार पर टिकी है: स्वास्थ्य और खुशी कोई दूर खड़ी मंजिल नहीं, बल्कि हमारे रोजमर्रा के छोटे-छोटे फैसलों का नतीजा हैं। कुल 11 अध्यायों में बंटी यह किताब स्वास्थ्य, मानसिक विकास, रिश्ते, आदतें, उत्पादकता, साहस, कार्यकुशलता, सामुदायिक भावना और पारस्परिक कौशल जैसे विषयों को छूती है। इसमें असल जिंदगी के किस्सों और शोध पर आधारित सलाह का सुंदर मेल है, जिसकी वजह से यह सिर्फ एक सेहत की किताब भर नहीं रह जाती, बल्कि एक सामाजिक संकल्प का रूप ले लेती है — एक ऐसी किताब जो उन तबकों तक विश्वसनीयता और पहुंच रखती है जहां सच में बदलाव की सबसे ज्यादा जरूरत है।

## पढ़ो और बदल जाओ — किताब का असर

किताब का हर अध्याय पाठक को ऐसे सुझाव देता है जिन्हें तुरंत अमल में लाया जा सके। जिन लोगों ने इन्हें अपनाया, उन्होंने तनाव घटने, रिश्तों में सुधार और रोजमर्रा की उत्पादकता बढ़ने का अनुभव बताया है। यही कारण है कि लेखिका इसे 'पढ़ो और रख दो' नहीं, बल्कि 'पढ़ो और बदल जाओ' की श्रेणी में रखती हैं — जहां नतीजे तुरंत दिखते हैं, मापे जा सकते हैं और जिंदगी को बदलने वाले साबित होते हैं।

## चार स्तंभ जिन पर खड़ी है पूरी किताब

दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले छोटे और आसान नुस्खों के इस अनूठे संग्रह को मुख्य रूप से चार बड़े स्तंभों पर बुना गया है।

**स्वस्थ जीवनशैली के आसान टिप्स:** लेखिका ने बेहद सरल भाषा में बताया है कि खान-पान, सोने-जागने के समय और रोजाना की आदतों में मामूली फेरबदल करके भी एक हेल्दी जिंदगी कैसे जी जा सकती है। इसके लिए किताब में असरदार और व्यावहारिक उपाय दिए गए हैं।

**मानसिक और शारीरिक संतुलन के उपाय:** ज्यादातर लोग सिर्फ शरीर की सेहत पर ध्यान देते हैं, पर यह किताब मानसिक स्वास्थ्य को उतनी ही अहमियत देती है। मन को शांत रखने, तनाव घटाने और शरीर व दिमाग के बीच सही तालमेल बैठाने के आसान तरीके इसमें समझाए गए हैं।

**प्रेरणादायक और व्यावहारिक सुझाव:** यहां सिर्फ किताबी थ्योरी नहीं है, बल्कि ऐसी बातें हैं जिन्हें पढ़ते ही आप अगले ही मिनट से अपनी जिंदगी में उतार सकते हैं — और ये पाठक को भीतर तक सकारात्मक ऊर्जा से भर देती हैं।

**हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी:** किताब की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका फायदा किसी एक उम्र तक बंधा नहीं है। स्कूल-कॉलेज जाते युवा हों, दफ्तर में जुटे कामकाजी लोग हों या घर के बुजुर्ग — यह हर किसी के लिए बराबर मददगार साबित होती है।

## डॉ. अंकिता राज की लेखन शैली

डॉ. अंकिता राज अपनी बात को सादे शब्दों में रखने के लिए जानी जाती हैं, और इस किताब में उनकी यही खूबी साफ झलकती है। उन्होंने आम बोलचाल की भाषा चुनी है ताकि कोई भी सामान्य पाठक बिना अटके पूरी बात समझ सके, और अपनी लेखनी से सीधे पाठकों के दिल तक पहुंचने की कोशिश की है। चूंकि सारी सामग्री 'क्विक टिप्स' यानी छोटे-छोटे सुझावों की शक्ल में है, इसलिए पढ़ते वक्त बोरियत बिल्कुल नहीं होती। समय की कमी हो तब भी रोज इसके महज 2-3 पन्ने पढ़कर आप काफी कुछ सीख सकते हैं।

## हमारी राय

अगर आप ऐसी किताब ढूंढ रहे हैं जो बिना किसी उलझन के आपको स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी की ओर प्रेरित करे, तो "स्वास्थ्य एवं खुशियों के क्विक टिप्स" आपके बुकशेल्फ़ में जरूर होनी चाहिए। यह खुद पढ़ने के साथ-साथ अपने प्रियजनों को तोहफे में देने के लिए भी बढ़िया विकल्प है। कहते हैं स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है — और यह किताब उसी धन को सहेजने की एक अच्छी चाबी की तरह है।

## कीमत और कहां से खरीदें

डॉ. अंकिता राज की इस पुस्तक की कीमत मात्र ₹350 रखी गई है। यह किताब हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में Amazon पर उपलब्ध है, जहां से इसे आसानी से ऑर्डर किया जा सकता है।

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