# टीवी एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती की सर्जरी ने खोली एंडोमेट्रिओसिस की पोल, ये 5 लक्षण भूलकर भी न करें नजरअंदाज़

> टीवी एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती को एंडोमेट्रिओसिस की वजह से सर्जरी करानी पड़ी, जानिए इस बीमारी के 5 आम लक्षण जिन्हें अक्सर पीरियड्स की सामान्य तकलीफ समझकर टाल दिया जाता है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-07-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/tivi-ektresa-sumona-chakravarti-ki-sarjari-ne-kholi-endometriosisa-ki-pola-ye-5-lakshana-bhulakara-bhi-na-karen-najaraandaza-4950 · **Language:** Hindi
**Tags:** एंडोमेट्रिओसिस, सुमोना चक्रवर्ती, महिला स्वास्थ्य, पीरियड्स में दर्द, पेल्विक दर्द, एंडोमेट्रिओसिस सर्जरी

टीवी एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती ने हाल ही में अपनी सेहत से जुड़ा एक निजी अनुभव साझा किया, जिसने एंडोमेट्रिओसिस नाम की बीमारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सुमोना ने इंस्टाग्राम पर बताया कि उन्हें एंडोमेट्रिओसिस की वजह से आखिरकार सर्जरी करानी पड़ी। उनके मुताबिक, वह पिछले कई सालों से इस समस्या को खुद ही संभालने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन वक्त के साथ तकलीफ इतनी बढ़ गई कि आखिरकार ऑपरेशन का रास्ता ही बचा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में करीब 10 प्रतिशत महिलाएं इस बीमारी से जूझ रही हैं, फिर भी इसे लेकर आम लोगों में जागरूकता बेहद कम है।

सुमोना चक्रवर्ती का यह खुलासा इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिखाता है कि एंडोमेट्रिओसिस जैसी बीमारी को शुरुआत में हल्के में लेना बाद में बड़ी परेशानी बन सकता है। कई महिलाएं सालों तक इसके लक्षणों के साथ जीती रहती हैं, यह सोचकर कि यह सिर्फ पीरियड्स की सामान्य तकलीफ है।

## आखिर एंडोमेट्रिओसिस है क्या
शरीर में गर्भाशय की भीतरी परत जैसी कोशिकाएं आमतौर पर गर्भाशय के अंदर ही रहती हैं, लेकिन एंडोमेट्रिओसिस में यही कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं। इसका नतीजा शरीर में सूजन, तेज दर्द और कई तरह की स्वास्थ्य दिक्कतों के रूप में सामने आता है। डॉक्टर अब तक इसकी ठीक-ठीक वजह नहीं ढूंढ पाए हैं, बावजूद इसके यह बीमारी दुनियाभर में लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इसके लक्षण अक्सर सामान्य पीरियड्स की तकलीफ समझकर टाल दिए जाते हैं, यही टालमटोल आगे चलकर सर्जरी जैसी नौबत ला सकता है। इसलिए मेंस्ट्रुएशन शुरू होने के बाद अगर नीचे बताए गए संकेत बार-बार दिखें, तो इन्हें हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

## ये 5 लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क
- **पेल्विक दर्द:** पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार बना रहने वाला दर्द इस बीमारी का सबसे सामान्य संकेत माना जाता है। कई महिलाओं को यह दर्द पीरियड्स से पहले और उसके दौरान और भी तेज महसूस होता है।
- **असहनीय पीरियड पेन:** अगर मासिक धर्म के दौरान दर्द इतना ज्यादा हो कि पेन किलर दवाएं लेने पर भी राहत न मिले, तो इसे सामान्य बात समझकर टालना ठीक नहीं, यह एंडोमेट्रिओसिस की तरफ इशारा कर सकता है।
- **लगातार थकान:** भरपूर आराम और नींद के बाद भी अगर शरीर में ऊर्जा की कमी और कमजोरी बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, यह भी इस बीमारी का एक बड़ा लक्षण माना जाता है।
- **असामान्य ब्लीडिंग:** पीरियड्स के दौरान सामान्य से ज्यादा हैवी ब्लीडिंग होना या पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग होना भी एंडोमेट्रिओसिस का संकेत हो सकता है।
- **पाचन से जुड़ी दिक्कतें:** पेट फूलना, कब्ज, दस्त, गैस या मल त्याग के दौरान दर्द जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ज्यादातर लोग इन्हें सामान्य पाचन गड़बड़ी समझ लेते हैं, जबकि इनका कनेक्शन एंडोमेट्रिओसिस से भी हो सकता है।

## डॉक्टर को कब दिखाएं
अगर लंबे समय से पेल्विक दर्द, बेहद दर्दनाक पीरियड्स, अत्यधिक थकान या असामान्य ब्लीडिंग जैसी शिकायतें बनी हुई हैं, तो डॉक्टर से मिलना टालना नहीं चाहिए। समय रहते बीमारी की पहचान हो जाए तो दवाओं और दूसरे इलाज के जरिए लक्षणों को काफी हद तक काबू में रखा जा सकता है। हालांकि एंडोमेट्रिओसिस का कोई स्थायी और पूर्ण इलाज अभी मौजूद नहीं है, लेकिन सही समय पर पहचान और नियमित उपचार से महिलाएं बेहतर और सामान्य जिंदगी जी सकती हैं। सुमोना चक्रवर्ती का यह अनुभव इसीलिए ध्यान देने लायक है, क्योंकि यह दिखाता है कि सालों तक बीमारी को खुद संभालने की कोशिश के बाद भी अगर तकलीफ बढ़ती रहे, तो सर्जरी तक की नौबत आ सकती है। ऐसे में शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचानना ही सबसे बेहतर बचाव है।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर महिलाओं की रोजमर्रा की सेहत से जुड़ी है, खासकर उन्हें जो पीरियड्स के दर्द को हमेशा सामान्य मानकर टाल देती हैं।

- **महिलाओं के लिए:** अगर पेल्विक दर्द, असहनीय पीरियड पेन, लगातार थकान या असामान्य ब्लीडिंग बार-बार महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य पीरियड तकलीफ समझकर टालने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
- **समय पर पहचान का फायदा:** एंडोमेट्रिओसिस का जल्दी पता चलने पर दवाओं और इलाज से लक्षणों को काफी हद तक काबू में रखा जा सकता है, जिससे सर्जरी जैसी नौबत टाली जा सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. सुमोना चक्रवर्ती को किस बीमारी की वजह से सर्जरी करानी पड़ी?
सुमोना चक्रवर्ती को एंडोमेट्रिओसिस की वजह से सर्जरी करानी पड़ी, जिसकी जानकारी उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर की।

### 2. एंडोमेट्रिओसिस होता क्या है?
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं, जिससे सूजन और दर्द होता है।

### 3. दुनिया में कितनी महिलाएं एंडोमेट्रिओसिस से प्रभावित हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर की करीब 10 प्रतिशत महिलाएं इस बीमारी से प्रभावित हैं।

### 4. एंडोमेट्रिओसिस के 5 मुख्य लक्षण क्या हैं?
पेल्विक दर्द, असहनीय पीरियड पेन, लगातार थकान, असामान्य ब्लीडिंग और पाचन से जुड़ी दिक्कतें इसके 5 प्रमुख लक्षण हैं।

### 5. क्या एंडोमेट्रिओसिस का कोई स्थायी इलाज है?
नहीं, इसका कोई स्थायी और पूर्ण इलाज अभी मौजूद नहीं है, लेकिन समय पर पहचान और उपचार से लक्षणों को काफी हद तक काबू में रखा जा सकता है।

### 6. इन लक्षणों को अक्सर लोग किस चीज से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं?
ज्यादातर लोग इन लक्षणों को सामान्य पीरियड्स की तकलीफ या पाचन संबंधी दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

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