त्वचा पर फिटकरी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की ये अहम चेतावनियां जरूर समझें शेविंग के कट से लेकर पसीने की बदबू तक फिटकरी का अंधाधुंध इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है, जानिए आयुष चिकित्सा अधिकारी की जरूरी सलाह। गर्मियों के मौसम में पसीने की तीखी दुर्गंध और अंडरआर्म्स के कालेपन से राहत पाने के लिए घरेलू उपायों का सहारा लेना बेहद आम बात है। इन देसी नुस्खों में फिटकरी सबसे लोकप्रिय और किफायती विकल्प मानी जाती है। कई लोग इसे सीधे अंडरआर्म्स पर रगड़ते हैं, जबकि पुरुष दाढ़ी बनाने के बाद कट लगने पर इसका नियमित रूप से उपयोग करते हैं। पारंपरिक तौर पर यह धारणा भी है कि फिटकरी त्वचा को कसने और बदबू मिटाने में असरदार साबित होती है। इसके बावजूद, क्या हर किसी की त्वचा के लिए इसका सीधा इस्तेमाल सुरक्षित है? आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल इस बारे में सतर्क रहने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, फिटकरी का उपयोग करते समय कुछ जरूरी सावधानियों का पालन करना आवश्यक है, क्योंकि गलत विधि या अत्यधिक मात्रा में इसका प्रयोग त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकता है। शेविंग के कट और घाव पर फिटकरी का पारंपरिक उपयोग दाढ़ी बनाते समय चेहरे पर छोटे-मोटे कट लग जाना सामान्य है, और दशकों से पुरुष इन घावों पर फिटकरी का एक टुकड़ा फेरते आए हैं। फिटकरी के भीतर मौजूद कसैले और एंटीसेप्टिक तत्व खून के बहाव को रोकने तथा संक्रमण से बचाव में मदद करते हैं। इसी खूबी की वजह से त्वचा पर हल्की खरोंच या चोट लगने पर भी इसे लगाने का चलन रहा है। हालांकि, इसका यह बिल्कुल अर्थ नहीं है कि हर प्रकार के घाव पर फिटकरी का लेप लगाना उचित है। यदि कट काफी गहरा हो, खून बहना बंद न हो रहा हो या त्वचा में असहनीय जलन महसूस हो, तो घरेलू उपचार के बजाय फौरन चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए। किसी भी मामूली चोट को सबसे पहले साफ और स्वच्छ पानी से धोना प्राथमिक आवश्यकता होती है। स्किन टाइटनिंग और अंडरआर्म्स की दुर्गंध में घरेलू उपाय अंडरआर्म्स में पसीने की गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को काबू में करने के लिए लोग इसे प्राकृतिक डिओडोरेंट की तरह उपयोग करते हैं। इसके अलावा, डॉ. इकबाल बताते हैं कि कई लोग चेहरे या शरीर की ढीली त्वचा को कसने और टाइट महसूस कराने के उद्देश्य से भी फिटकरी का घरेलू तरीका आजमाते हैं। फिटकरी के प्राकृतिक कसैले गुण त्वचा के रोमछिद्रों को सिकोड़कर तात्कालिक कसाव का एहसास कराते हैं। लेकिन इसका सीधा और अत्यधिक घर्षण त्वचा की ऊपरी परत को रूखा और बेजान बना सकता है। गुलाब जल के साथ प्रयोग करने का सही तरीका डॉ. मोहम्मद इकबाल ने फिटकरी के सुरक्षित उपयोग के लिए एक वैकल्पिक और संतुलित विधि का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, फिटकरी की बेहद बारीक या थोड़ी सी मात्रा को गुलाब जल के साथ मिलाकर प्रयोग में लाया जा सकता है। गुलाब जल त्वचा को ठंडक और नमी प्रदान करता है, जिससे फिटकरी की कठोरता कुछ हद तक संतुलित हो जाती है। चेहरे और अंडरआर्म्स की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील होती है, इसलिए इन नाजुक अंगों पर कोई भी नया घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। अत्यधिक इस्तेमाल से जलन और त्वचा एलर्जी का खतरा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो फिटकरी एक रासायनिक पदार्थ है, इसलिए त्वचा पर इसका बार-बार या जरूरत से ज्यादा मात्रा में उपयोग जलन और लालिमा पैदा कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पहले से ही अतिसंवेदनशील है या उसे फिटकरी से एलर्जी है, तो तेज खुजली, चकत्ते और सूजन की समस्या हो सकती है। अंडरआर्म्स में अगर पहले से ही लाली, जलन, दाने या घाव मौजूद हों, तो उस पर फिटकरी रगड़ने से स्थिति और बिगड़ सकती है। इसके अतिरिक्त, शेविंग या वैक्सिंग कराने के तुरंत बाद भी इसे सीधे त्वचा पर लगाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि उस समय त्वचा के रोमछिद्र खुले और संवेदनशील होते हैं। समस्या होने पर तुरंत उठाएं ये जरूरी कदम यदि फिटकरी लगाने के बाद त्वचा पर किसी भी तरह की खुजली, लालिमा या तीव्र जलन का अनुभव हो, तो इसका उपयोग फौरन रोक देना चाहिए। प्रभावित हिस्से को बिना देर किए ठंडे और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। कई लोग समस्या को ठीक करने के लिए दोबारा फिटकरी लगाने की गलती कर बैठते हैं, जिससे नुकसान बढ़ जाता है। पानी से धोने के बाद भी अगर त्वचा में जलन या एलर्जी के लक्षण लगातार बने रहें अथवा बढ़ते नजर आएं, तो बिना किसी देरी के योग्य चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। इसका आप पर असर अंडरआर्म्स की बदबू मिटाने और शेविंग के बाद कट पर फिटकरी का सही इस्तेमाल जानना त्वचा को गंभीर एलर्जी और नुकसान से बचा सकता है। • सीधे इस्तेमाल पर रोक: अंडरआर्म्स या चेहरे पर साबुन की तरह सूखा पत्थर रगड़ने से बचें। इसकी जगह गुलाब जल में थोड़ी मात्रा मिलाकर ही प्रयोग करें ताकि त्वचा पर खरोंच न आए। • गहरे घाव की देखभाल: गहरे कट लगने पर फिटकरी लगाने के बजाय सीधे डॉक्टर से संपर्क करें। सामान्य कट को केवल साफ पानी से धोना ही प्राथमिक सुरक्षा है। • एलर्जी की स्थिति: यदि त्वचा पर लालिमा या खुजली शुरू हो तो फौरन पानी से धो लें। दोबारा फिटकरी लगाकर जलन शांत करने का प्रयास बिल्कुल न करें। • वैक्सिंग के बाद सावधानी: शेविंग या वैक्सिंग के तुरंत बाद इसे खुली त्वचा पर न लगाएं। रोमछिद्र खुले होने पर यह जलन और चकत्ते पैदा कर सकता है। ऐसा क्यों हुआ फिटकरी में कसैले और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जिसके कारण लोग इसे खून रोकने और बदबू पैदा करने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। • रासायनिक कसैलापन: फिटकरी के रासायनिक तत्व त्वचा के ऊतकों और रोमछिद्रों को तेजी से सिकोड़ते हैं। इसी वजह से यह रक्तस्राव को थामने और त्वचा को कसने में काम आती है। • अत्यधिक प्रयोग से दुष्प्रभाव: संवेदनशील त्वचा पर बार-बार लगाने से यह त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेती है। इससे चकत्ते, तेज खुजली और जलन जैसी एलर्जी प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती हैं। • खुले रोमछिद्रों पर प्रभाव: शेविंग या वैक्सिंग के तुरंत बाद त्वचा अत्यधिक संवेदनशील हो जाती है। उस समय इसका प्रयोग रासायनिक जलन का सीधा कारण बनता है। सवाल-जवाब 1. क्या शेविंग के हर कट पर फिटकरी लगाना सुरक्षित है? हल्के कट पर इसका पारंपरिक उपयोग होता है, लेकिन गहरा घाव होने या खून न रुकने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 2. अंडरआर्म्स पर फिटकरी लगाने से बदबू क्यों कम होती है? फिटकरी में एंटीसेप्टिक और कसैले गुण होते हैं, जो पसीने की बदबू को नियंत्रित करने में घरेलू उपाय के तौर पर मदद करते हैं। 3. त्वचा पर फिटकरी का इस्तेमाल करने का सुरक्षित तरीका क्या है? आयुष चिकित्सा अधिकारी के अनुसार थोड़ी सी फिटकरी को गुलाब जल में मिलाकर लगाना ज्यादा सुरक्षित रहता है। 4. यदि फिटकरी लगाने के बाद त्वचा पर जलन या खुजली हो तो क्या करें? इसका इस्तेमाल तुरंत रोक दें, प्रभावित हिस्से को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और लक्षण बने रहने पर डॉक्टर को दिखाएं। https://trendkia.com/health/tvacha-para-alum-ka-istemala-karane-se-pahale-doktara-ki-ye-ahama-chetavaniyan-jarura-samajhen-45125 TrendKia — Har trend, sabse pehle.