वजन कम करना है तो जल्दबाजी छोड़ें, न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर के इन तीन नियमों पर करें अमल सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर हेल्दी वेट लॉस के तीन जरूरी नियम बताए, जिनमें जल्दबाजी न करने से लेकर अपने परंपरागत खानपान पर टिके रहने की सलाह शामिल है। वजन कम करना चाहते हैं लेकिन क्रैश डाइटिंग या भूखे रहकर तुरंत नतीजा पाने के तरीकों से थक चुके हैं? सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने इसी उलझन को सुलझाने के लिए 30 जून को अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने हेल्दी तरीके से वजन घटाने के तीन जरूरी नियम बताए। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि आज के दौर में जिस तरह लोग बहुत ज्यादा डाइटिंग करके तुरंत रिजल्ट पाने की कोशिश करते हैं, वह तरीका शरीर के लिए फायदेमंद नहीं बल्कि नुकसानदायक साबित होता है। नंबर घटाने की जल्दबाजी छोड़ें, धैर्य रखें रुजुता दिवेकर का कहना है कि वजन घटाना कोई रातों-रात होने वाला काम नहीं है, यह एक लंबी प्रक्रिया है। उनके मुताबिक वजन मापने वाली मशीन पर नंबर तेजी से नीचे लाने की बजाय अपनी बायोलॉजिकल यानी शारीरिक सेहत पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि वजन कम करने में जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए, बल्कि इसे आराम से और धीरे-धीरे होने देना चाहिए। चाहे किसी को सिर्फ 2 किलो वजन कम करना हो या पूरे 20 किलो, तरीका दोनों ही स्थितियों में एक जैसा रहना चाहिए। उनके अनुसार तेजी से वजन घटाने की कोशिश शरीर को नुकसान पहुंचाती है, जबकि धीरे-धीरे किए गए बदलाव शरीर के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं। अगर किसी को अभी भी काफी वजन कम करना है, तो इसमें कुछ और साल भी लग सकते हैं, लेकिन यह कमी धीरे-धीरे ही होनी चाहिए। रुजुता के मुताबिक इस धीमी और स्थिर प्रक्रिया को अपनाने से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड की समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस और कुछ खास तरह के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। इसके साथ ही त्वचा, बाल और मूड भी बेहतर बने रहते हैं, संक्रामक बीमारियों का जोखिम घटता है और यूरिक एसिड से जुड़ी परेशानी भी कम हो जाती है। अपने परंपरागत खानपान से न भटकें रुजुता दिवेकर की दूसरी सलाह यह है कि डाइट हमेशा किसी की अपनी पुरानी खानपान की आदतों और परंपरागत नियमों पर आधारित होनी चाहिए। यानी डाइट में वही खाना शामिल करें जो आप बरसों से खाते आ रहे हैं। अगर कोई दाल-चावल खाकर बड़ा हुआ है, तो उसकी डाइट भी उसी पर आधारित होनी चाहिए। इडली-डोसा खाने वाले, चिकन-चावल पसंद करने वाले या मछली खाने वाले लोगों के लिए भी यही नियम लागू होता है, यानी हर किसी की डाइट उसके अपने खानपान के हिसाब से तय होनी चाहिए। रुजुता के अनुसार ऐसा हरगिज नहीं होना चाहिए कि हर व्यक्ति एक जैसी चीजें खाने लगे, क्योंकि हर किसी का शरीर और खानपान का इतिहास अलग होता है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि प्रोटीन, फैट और कार्ब्स जैसे मैक्रोन्यूट्रिएंट्स को अलग-अलग करके उन्हीं पर बहुत ज्यादा ध्यान केंद्रित करना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। मैजिक प्रोडक्ट्स नहीं, प्रोसेस पर भरोसा रखें आजकल सोशल मीडिया पर वेलनेस से जुड़े वीडियो की भरमार है, और रुजुता ने इसी को लेकर आगाह किया कि फिटनेस के लक्ष्यों को केवल 'सुपरफूड्स' या खाने की जगह लेने वाले अजीबोगरीब विकल्पों के सहारे हासिल करने की कोशिश न करें। उनकी सलाह है कि इंटरनेट पर कुछ समय के लिए वायरल होने वाले और जल्दी ही भुला दिए जाने वाले तरीकों से दूर रहा जाए। रुजुता ने वीडियो में तीसरी और आखिरी बात यह बताई कि किसी की भी डाइट में कोई एक 'मैजिक इंग्रीडिएंट' नहीं होना चाहिए, यानी वजन घटाने का कोई शॉर्टकट या चमत्कारी नुस्खा नहीं होता। उनके मुताबिक असली नतीजे सही प्रोसेस को लगातार अपनाने से ही मिलते हैं, न कि किसी एक जादुई प्रोडक्ट या सुपरफूड को डाइट में शामिल करने से। इसका आप पर असर आम लोगों के लिए इसका मतलब: • जो लोग जल्दी नतीजे पाने के लालच में क्रैश डाइटिंग या सुपरफूड्स के पीछे भागते हैं, उनके लिए यह सलाह वजन घटाने का नजरिया बदल सकती है, यानी वजन मशीन के नंबर के बजाय धीरे-धीरे और सेहतमंद तरीके से वजन कम करने पर फोकस करना, जिससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और थायरॉयड जैसी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। सवाल-जवाब 1. रुजुता दिवेकर ने ये टिप्स कब और कहां शेयर किए? उन्होंने 30 जून को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके वजन घटाने के तीन गोल्डन रूल्स बताए। 2. रुजुता के मुताबिक वजन घटाने में सबसे बड़ी गलती क्या है? जल्दी नतीजे पाने के लिए क्रैश डाइटिंग करना और वजन मशीन के नंबर पर ज्यादा ध्यान देना, जबकि इसके बजाय बायोलॉजिकल सेहत पर फोकस करना चाहिए। 3. क्या 2 किलो और 20 किलो वजन घटाने का तरीका अलग होना चाहिए? नहीं, रुजुता के मुताबिक चाहे 2 किलो हो या 20 किलो, वजन घटाने का तरीका एक जैसा ही रहना चाहिए, यानी धीरे-धीरे और धैर्य के साथ। 4. धीरे-धीरे वजन घटाने से सेहत को क्या फायदे होते हैं? इससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड, ऑस्टियोपोरोसिस और कुछ तरह के कैंसर का खतरा घटता है, साथ ही त्वचा, बाल और मूड भी बेहतर रहते हैं। 5. डाइट में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स को लेकर रुजुता की क्या चेतावनी है? उनका कहना है कि प्रोटीन, फैट और कार्ब्स को अलग-अलग करके उन पर बहुत ज्यादा ध्यान देना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। 6. रुजुता दिवेकर ने डाइट को लेकर तीसरा नियम क्या बताया? उनके मुताबिक डाइट में कोई 'मैजिक इंग्रीडिएंट' नहीं होना चाहिए और सुपरफूड्स या शॉर्टकट तरीकों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। https://trendkia.com/health/vajana-kama-karana-hai-to-jaldabaji-chhoren-nyutrishanista-rujuta-diwekar-ke-ina-tina-niyamon-para-karen-amala-3913 TrendKia — Har trend, sabse pehle.