यूरिक एसिड और गाउट से राहत दिला सकती है चेरी, जानें सेवन की सही विधि और जरूरी परहेज शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में तेज दर्द और गाउट की समस्या हो सकती है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चेरी और जीवनशैली में जरूरी बदलाव इस परेशानी से राहत दिलाने में मददगार साबित होते हैं। शरीर के भीतर यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। जब हमारा शरीर प्यूरीन नामक प्राकृतिक रसायनों को पचाने और तोड़ने का काम करता है, तब उप-उत्पाद के रूप में यूरिक एसिड बनता है। आम स्थिति में किडनी इस तत्व को फ़िल्टर करके पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है। हालांकि, जब इसका उत्पादन आवश्यकता से अधिक होने लगता है या गुर्दे इसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पाते, तो यह रक्त में जमा होकर जोड़ों के आसपास क्रिस्टल बनाने लगता है। इसके कारण पैरों, अंगूठों और जोड़ों में बेहद तेज दर्द, लालिमा और सूजन पैदा हो जाती है, जिसे मेडिकल भाषा में गाउट कहा जाता है। यूरिक एसिड नियंत्रण में चेरी की भूमिका आहार विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अध्ययनों के अनुसार, यूरिक एसिड के स्तर को संतुलित रखने में चेरी एक बेहद असरदार फल साबित हो सकती है। चेरी में एंथोसायनिन नाम का शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। एंथोसायनिन में सूजनरोधी यानी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो जोड़ों की सूजन को घटाने और गाउट के बार-बार होने वाले हमलों को रोकने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य अध्ययनों में देखा गया है कि जो लोग नियमित रूप से चेरी का संतुलित मात्रा में सेवन करते हैं, उनमें जोड़ों के दर्द की तीव्रता काफी हद तक कम हो जाती है। सेवन का सही तरीका और सावधानियां चेरी का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए इसे ताजे फल के रूप में या बिना चीनी वाली फ्रोजन चेरी के तौर पर खाना सबसे बेहतर माना जाता है। इसे सीमित मात्रा में ही अपनी दैनिक खुराक का हिस्सा बनाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, चेरी या किसी भी अन्य फल के डिब्बाबंद जूस को पीते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बाजार में मिलने वाले प्रोसेस्ड जूस में शक्कर और फ्रुक्टोज की अत्यधिक मात्रा होती है। शरीर में फ्रुक्टोज का उच्च स्तर यूरिक एसिड के निर्माण को और अधिक तेज कर सकता है। इसलिए गाउट के मरीजों को मीठे ड्रिंक्स और पैक्ड फ्रूट जूस से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी जाती है। खान-पान के परहेज और जीवनशैली में सुधार केवल फल खाने से यूरिक एसिड पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकता, इसके लिए समग्र जीवनशैली में बदलाव करना आवश्यक है। मरीज को अपने दैनिक भोजन में से उच्च प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों को तुरंत हटा देना चाहिए। लाल मांस, ऑर्गन मीट (जैसे कलेजी या गुर्दा), कुछ विशेष प्रकार के समुद्री भोजन (सीफूड) और शराब के सेवन से यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा मीठे शीतल पेय भी स्थिति को बिगाड़ सकते हैं। जोड़ों की सेहत दुरुस्त रखने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, ताकि यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकलता रहे। साथ ही, शरीर का सही वजन बनाए रखना और नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करना बेहद जरूरी है। चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि कोई भी अकेला फल या घरेलू नुस्खा यूरिक एसिड की समस्या का तुरंत या जादुई समाधान नहीं हो सकता। खान-पान में सकारात्मक बदलाव गाउट के जोखिम को कम करने में सहायता अवश्य करते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में चिकित्सकीय इलाज की जगह नहीं ले सकते। यदि यूरिक एसिड का स्तर बहुत अधिक बढ़ गया है, तो बिना देरी किए किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कई बार इसे नियंत्रित रखने और जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाने के लिए नियमित दवाओं की आवश्यकता होती है। डॉक्टर की सलाह के साथ संतुलित आहार अपनाकर ही इस बीमारी पर प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकता है। इसका आप पर असर यह खबर उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो जोड़ों के दर्द, गाउट या बढ़े हुए यूरिक एसिड की समस्या से परेशान हैं। • दैनिक खान-पान में बदलाव: अपनी रोजमर्रा की डाइट में ताजा चेरी शामिल करके और मीठे प्रोसेस्ड जूस से परहेज करके आप यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रख सकते हैं। इससे गाउट के दर्दनाक हमलों की बारंबारता कम होती है। • खान-पान के परहेज: रेड मीट, ऑर्गन मीट, शराब और मीठे कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन तुरंत कम करने से खून में प्यूरीन का बनना रुकता है। यह कदम आपको जोड़ों के लंबे नुकसान से बचाता है। • पर्याप्त हाइड्रेशन: रोजाना 3 से 4 लीटर पानी पीने की आदत डालने से किडनी यूरिक एसिड को आसानी से पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल पाती है। • डॉक्टरी सलाह: यूरिक एसिड की समस्या होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की जांच कराना जरूरी है, ताकि सही समय पर दवाएं शुरू की जा सकें। ऐसा क्यों हुआ शरीर में यूरिक एसिड का स्तर मुख्य रूप से तब बढ़ता है जब प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन किया जाता है और गुर्दे इसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पाते। • प्यूरीन का पाचन: जब शरीर रेड मीट, ऑर्गन मीट और शराब जैसे पदार्थों में मौजूद प्यूरीन को तोड़ता है, तो उप-उत्पाद के रूप में यूरिक एसिड का निर्माण होता है। • किडनी की कार्यक्षमता: कम पानी पीने या किडनी द्वारा यूरिक एसिड को पूरी तरह फ़िल्टर न कर पाने से यह रक्त में जमा होने लगता है। • क्रिस्टल का जमाव: खून में यूरिक एसिड की अत्यधिक मात्रा जोड़ों के आसपास नुकीले क्रिस्टल बना देती है, जिससे गाउट और जोड़ों की तेज सूजन शुरू हो जाती है। • फ्रुक्टोज का प्रभाव: अत्यधिक मीठे ड्रिंक्स और पैक्ड फ्रूट जूस में मौजूद फ्रुक्टोज भी शरीर में यूरिक एसिड के उत्पादन को तेज कर देता है। सवाल-जवाब 1. क्या केवल चेरी खाने से यूरिक एसिड पूरी तरह खत्म हो सकता है? नहीं, चेरी यूरिक एसिड और सूजन को कम करने में मदद जरूर करती है, लेकिन इसे पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, परहेज और डॉक्टरी इलाज की जरूरत होती है। 2. गाउट के मरीजों को कौन से फ्रूट जूस नहीं पीने चाहिए? गाउट के मरीजों को डिब्बाबंद और अधिक शक्कर या फ्रुक्टोज वाले मीठे फ्रूट जूस से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकते हैं। 3. यूरिक एसिड बढ़ने पर किन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए? रेड मीट, ऑर्गन मीट, कुछ खास सीफ़ूड, शराब और अत्यधिक फ्रुक्टोज वाले मीठे ड्रिंक्स से सख्त परहेज करना चाहिए। 4. चेरी में ऐसा क्या होता है जो जोड़ों की सूजन कम करता है? चेरी में एंथोसायनिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिनमें सूजनरोधी (एंटी-इंफ्लेमेटरी) गुण पाए जाते हैं। https://trendkia.com/health/yurika-esida-aura-gauta-se-rahata-dila-sakati-hai-cheri-janen-sevana-ki-sahi-vidhi-aura-jaruri-paraheja-31826 TrendKia — Har trend, sabse pehle.