आईआईटी मंडी में निदेशक पद के लिए आवेदन आमंत्रित, वेतन और योग्यता से जुड़ी पूरी जानकारी आईआईटी मंडी के नए निदेशक पद के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने योग्य शिक्षाविदों से आवेदन मांगे हैं। पद के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, वेतन और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ गई है। हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में स्थित प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मंडी में शीर्ष प्रशासनिक पद के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संस्थान के प्रमुख के रूप में सेवा दे रहे प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहेरा का कार्यकाल आगामी दिसंबर 2026 में पूरा होने जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिए योग्य और अनुभवी विद्वानों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। राष्ट्रीय महत्व के इस संस्थान में नेतृत्व संभालना केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह देश के तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के भविष्य को एक नई दिशा देने का बड़ा अवसर माना जाता है। आईआईटी मंडी में निदेशक पद का महत्व देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में से एक में मुखिया की कुर्सी हर उस शिक्षाविद् का सपना होती है जो शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान देना चाहता है। इस पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति को न केवल आकर्षक वेतनमान और सरकारी सुविधाएं मिलती हैं, बल्कि उन्हें हजारों मेधावी विद्यार्थियों और प्रोफेसरों का मार्गदर्शन करने का गौरव भी प्राप्त होता है। इस पद की गरिमा और प्रभाव को देखते हुए चयन प्रक्रिया काफी सख्त और पारदर्शी रखी गई है, ताकि संस्थान को एक सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व मिल सके। शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के मानदंड इस प्रतिष्ठित पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का शैक्षणिक इतिहास बेहद शानदार होना अनिवार्य है। आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए तथा स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर प्रथम श्रेणी अंक प्राप्त होने चाहिए। तकनीकी संस्थानों की प्रकृति को देखते हुए इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, विज्ञान, गणित या प्रबंधन जैसे क्षेत्रों के दिग्गज और अनुभवी शिक्षाविदों के आवेदनों पर भी विचार करने का प्रावधान रखा गया है ताकि बहुमुखी नेतृत्व मिल सके। अनुभव से जुड़ी जरूरी शर्तें केवल उच्च डिग्रियां होना ही इस पद के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है। आवेदक के पास किसी ख्याति प्राप्त तकनीकी संस्थान, इंजीनियरिंग कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में पढ़ाने का न्यूनतम 10 साल का लंबा अनुभव होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री के तहत मार्गदर्शन देने का व्यावहारिक अनुभव और किसी बड़े संस्थान में कम से कम 5 साल का प्रशासनिक अनुभव होना भी अनिवार्य किया गया है। यह अनुभव कैंपस के सुचारू संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों को गति देने में सहायक साबित होता है। आयु सीमा और कार्यकाल के नियम आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए आयु को लेकर एक निश्चित पैमाना तय किया गया है। भर्ती के लिए निर्धारित अंतिम तिथि के अनुसार उम्मीदवार की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। इस पद पर चुने जाने वाले व्यक्ति की नियुक्ति कुल 5 वर्षों के अनुबंध के आधार पर की जाएगी। हालांकि, यदि इस अवधि के दौरान उम्मीदवार की आयु 70 वर्ष पूरी हो जाती है, तो उनका कार्यकाल वहीं समाप्त हो जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि पांच साल की अवधि या सत्तर वर्ष की आयु, इनमें से जो भी पहले पूरी होगी, वही नियम लागू होगा। वेतन और मिलने वाली अन्य सुविधाएं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मंडी के निदेशक पद पर चयनित होने वाले विद्वान को प्रतिमाह दो लाख पच्चीस हजार रुपये का निश्चित मूल वेतन प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत मकान किराया भत्ता, आधिकारिक वाहन की सुविधा, संस्थान परिसर में रहने के लिए आवास तथा अन्य तमाम अनुमन्य भत्ते और सुविधाएं भी दी जाएंगी जो इस पद की गरिमा के अनुकूल हैं। आवेदन भेजने की पूरी प्रक्रिया इस पद के लिए आवेदन की प्रक्रिया को ऑफलाइन माध्यम से पूरा किया जाना है। इच्छुक उम्मीदवारों को आधिकारिक अधिसूचना से आवेदन पत्र डाउनलोड करके उसमें अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और प्रशासनिक जानकारियों को दर्ज करना होगा। भरे हुए फॉर्म के साथ अपना विस्तृत बायोडाटा और दो पन्नों का एक विशेष विजन स्टेटमेंट भी संलग्न करना होगा। इस आवेदन को स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए शिक्षा मंत्रालय के निर्धारित पते पर भेजना अनिवार्य है। आवेदन पत्र को 'द अंडर सेक्रेटरी, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, कमरा नंबर 21108, कर्तव्य भवन-2, नई दिल्ली-110001' के पते पर 31 अक्टूबर 2026 से पहले भेजना होगा। प्राप्त सभी आवेदनों की गहन समीक्षा के बाद एक विशेष सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी योग्य नाम की अंतिम सिफारिश करेगी। इसका आप पर असर आईआईटी मंडी में निदेशक की इस उच्च पदस्थ नियुक्ति प्रक्रिया का सीधा असर देश की तकनीकी शिक्षा प्रणाली और शोध संस्कृति पर पड़ता है। • भारत में: देश भर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के लिए यह एक बड़ा अवसर है जो राष्ट्रीय स्तर के संस्थान का नेतृत्व करना चाहते हैं। • मंडी में: हिमाचल प्रदेश स्थित इस संस्थान के विद्यार्थियों और शिक्षकों को नए नेतृत्व के मार्गदर्शन में शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ आईआईटी मंडी के वर्तमान निदेशक का कार्यकाल समाप्त होने के कारण यह प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की गई है। • कार्यकाल की समाप्ति: संस्थान के मौजूदा प्रमुख प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहेरा का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होने वाला है, जिसके चलते नए नेतृत्व की आवश्यकता है। • मंत्रालय के निर्देश: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नियमानुसार समय रहते चयन प्रक्रिया शुरू करने के लिए औपचारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। • प्रशासनिक निरंतरता: संस्थान में शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों के सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए समय पर नए निदेशक की नियुक्ति जरूरी होती है। सवाल-जवाब 1. आईआईटी मंडी में निदेशक का पद खाली क्यों हो रहा है? वर्तमान निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहेरा का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। 2. इस पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है? आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है। 3. चयनित उम्मीदवार को प्रति माह कितना वेतन मिलेगा? चयनित निदेशक को 2.25 लाख रुपये का निश्चित मूल वेतन दिया जाएगा। 4. इस पद के लिए क्या शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य है? आवेदक के पास पीएचडी की डिग्री और स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर प्रथम श्रेणी अंक होना अनिवार्य है। 5. आवेदन भेजने का पता क्या है? आवेदन पत्र द अंडर सेक्रेटरी, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के पते पर भेजना होगा। https://trendkia.com/himachal-pradesh/applications-invited-for-iit-mandi-director-post-check-salary-and-requirements-30876 TrendKia — Har trend, sabse pehle.