भूस्खलन और बारिश से हिमाचल प्रदेश में 99 सड़कें बंद, जानें अगले तीन दिन के मौसम का हाल हिमाचल प्रदेश में धूप खिली रहने के बावजूद भूस्खलन से 99 सड़कें अवरुद्ध हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है और कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से कई हिस्सों में धूप खिली रहने के बावजूद बारिश और भूस्खलन का प्रभाव थमा नहीं है। पर्वतीय इलाकों में हुए भूस्खलन के कारण राज्य की 99 प्रमुख सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बाधित हैं। हालांकि बुधवार को मंडी और अन्य जिलों में हल्की धूप के साथ बादलों की मौजूदगी रही, लेकिन इसके बाद भी बुनियादी ढांचे और सड़कों की स्थिति में सुधार आने में समय लग रहा है। ज़िलों में बंद सड़कों का विवरण और बिजली-पानी पर असर राज्य आपात अभियान केंद्र (एसईओसी) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सबसे अधिक नुकसान मंडी जिले में हुआ है, जहां 44 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 23, सिरमौर में 12, कांगड़ा में 7, चंबा में 5, ऊना में 4, शिमला में 3 और लाहौल-स्पीति जिले में 1 सड़क पर वाहनों का आवागमन ठप्प है। सड़कों के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जिससे राज्य में 7 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 6 पेयजल आपूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। भरमौर में बड़ा भूस्खलन, वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में मंगलवार को कोडला-उराई मार्ग पर भारी भूस्खलन की घटना सामने आई। भूस्खलन के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इस घटना के दौरान एक विशालकाय पत्थर पहाड़ी से नीचे गिरता हुआ दिखा, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। उराई जाने वाले यात्रियों को अब वैकल्पिक कंडी-कुठेड़ मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। ज़िलावार बारिश के आंकड़े मौसम आंकड़ों के मुताबिक सिरमौर जिले के धौलाकुआं में सबसे तेज़ बारिश दर्ज की गई, जहां सोमवार शाम से 24 घंटों में 117.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा धर्मशाला में 23 मिलीमीटर, पोंटा साहिब में 22.6 मिलीमीटर, जट्टोन बैराज में 22 मिलीमीटर, ऊना में 13.3 मिलीमीटर, जुब्बरहट्टी में 11 मिलीमीटर, शिमला में 8.4 मिलीमीटर और जोगिंदरनगर में 7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान और मानसून से कुल नुकसान मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आगामी तीन दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। राहत की बात यह है कि इस दौरान मौसम विभाग की तरफ से कोई भी अलर्ट जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, चालू मानसून सीजन में भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश को अब तक 1150 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो चुका है। इसका आप पर असर • भारत में: पर्वतीय राज्यों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और ट्रांसपोर्टरों को भूस्खलन प्रभावित मार्गों के कारण यात्रा योजनाओं की पहले से जांच करने की सलाह दी जाती है। • हिमाचल प्रदेश में: मंडी, कुल्लू और सिरमौर समेत प्रभावित ज़िलों के स्थानीय निवासियों को 99 बंद सड़कों और बाधित पेयजल व बिजली सेवाओं के कारण परेशानी झेलनी पड़ सकती है। सवाल-जवाब 1. हिमाचल प्रदेश में इस समय कितनी सड़कें बंद हैं? भूस्खलन और बारिश के कारण प्रदेश भर में कुल 99 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें सबसे अधिक 44 सड़कें मंडी जिले की हैं। 2. अगले तीन दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा? शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले तीन दिनों में राज्य में हल्की बारिश होने की संभावना है और इसके लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 3. राज्य में सबसे अधिक बारिश किस इलाके में दर्ज की गई? सिरमौर जिले के धौलाकुआं में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जहां 24 घंटों के दौरान 117.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। 4. भरमौर के कोडला-उराई मार्ग पर क्या नुकसान हुआ है? चंबा जिले के भरमौर में भारी भूस्खलन से सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बह गया, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप्प हो गई और यात्रियों को वैकल्पिक कंडी-कुठेड़ मार्ग का प्रयोग करना पड़ा। 5. हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक कितना नुकसान हुआ है? मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से हिमाचल प्रदेश को अब तक करीब 1150 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो चुका है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/bhuskhalana-aura-barisha-se-himachal-pradesh-men-99-saraken-bnda-janen-agale-tina-dina-ke-mausama-ka-hala-22158 TrendKia — Har trend, sabse pehle.