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  "title": "चंबा की ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा मतगणना से पलटा नतीजा, भारती ठाकुर 44 मतों से बनीं प्रधान",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की ठाकरी मट्टी पंचायत में चार महीने बाद मतों की दोबारा गिनती होने पर परिणाम पूरी तरह बदल गया, जहां पहले हारी घोषित की गईं भारती ठाकुर ने 44 वोटों से जीत हासिल की।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से पंचायत चुनाव के नतीजों में एक अप्रत्याशित उलटफेर सामने आया है। डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सलूणी विकासखंड की ठाकरी मट्टी ग्राम पंचायत में प्रधान पद के चुनाव की कहानी चार महीने बाद पूरी तरह बदल गई है। पहले राउंड की गिनती में जिस महिला उम्मीदवार को पराजित बता दिया गया था, मतों की आधिकारिक दोबारा गिनती यानी रिकाउंटिंग पूरी होने पर वही प्रत्याशी 44 मतों के अंतर से विजयी घोषित की गई हैं। इस अप्रत्याशित बदलाव ने स्थानीय स्तर पर चुनावी गिनती की पूरी व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।\n\nमई महीने के पहले नतीजे और शुरुआती आंकड़े\nठाकरी मट्टी पंचायत में प्रधान पद के लिए मतदान 26 मई को आयोजित किया गया था। वोटिंग के तुरंत बाद जब शुरुआती मतगणना हुई, तब चुनावी मैदान में मुख्य मुकाबला संतोष कुमारी और भारती ठाकुर के बीच देखा गया था। पहली गिनती के आंकड़ों के अनुसार संतोष कुमारी के पक्ष में कुल 597 वोट दर्ज किए गए थे, जबकि भारती ठाकुर को केवल 561 वोट मिले दिखाए गए। उस समय जारी परिणाम में भारती ठाकुर 36 वोटों से पीछे रह गई थीं। इसके आधार पर चुनाव अधिकारियों ने संतोष कुमारी को विधिवत विजेता घोषित कर दिया था और भारती ठाकुर दूसरे स्थान पर संतोष करने को मजबूर हुई थीं।\n\nएसडीएम कोर्ट में चुनौती और दोबारा गिनती का आदेश\nप्रारंभिक परिणाम सामने आने के बाद भारती ठाकुर ने इस गिनती को स्वीकार नहीं किया। उन्हें मतदान और मतगणना की प्रक्रिया में त्रुटि का अंदेशा था, जिसके चलते उन्होंने तय समय सीमा का पालन करते हुए सलूणी के एसडीएम के समक्ष विधिवत चुनाव याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने प्रधान पद के सभी वोटों की निष्पक्ष रूप से दोबारा गिनती करवाने की पुरजोर मांग उठाई थी। एसडीएम सलूणी की अदालत में इस चुनाव याचिका पर विस्तार से सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें और रिकॉर्ड परखने के बाद एसडीएम ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठाकरी मट्टी पंचायत के मतपत्रों की दोबारा गिनती कराने का औपचारिक आदेश पारित कर दिया।\n\nतीन सदस्यीय कमेटी की निगरानी में हुई रिकाउंटिंग\nएसडीएम के निर्देशानुसार पुनर्मतगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन अधिकारियों की एक विशेष कमेटी गठित की गई थी। इस प्रशासनिक टीम में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), सामाजिक शिक्षा एवं योजना अधिकारी (एसईपीओ) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) को शामिल किया गया। सलूणी के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कंवर सिंह ने प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया कि रिकाउंटिंग एसडीएम सलूणी के प्रत्यक्ष दिशा-निर्देशों और मौजूदगी में पूरी की गई। गठित तीन सदस्यीय कमेटी के सामने हर एक मतपत्र को दोबारा खोला गया, मतों की गहन जांच की गई और दोनों प्रत्याशियों के हासिल मतों का अंतिम मिलान संपन्न कराया गया।\n\nरिकाउंटिंग का अंतिम आंकड़ा और 44 वोटों का फैसला\nजब कमेटी की मौजूदगी में मतों का अंतिम टैली तैयार हुआ, तो परिणाम पूरी तरह उलट चुका था। दोबारा गिनती में भारती ठाकुर के खाते में कुल 601 वैध मत पाए गए, जबकि पूर्व में विजेता घोषित की गईं संतोष कुमारी के मतों की संख्या घटकर 557 रह गई। इस तरह भारती ठाकुर ने संतोष कुमारी को 44 वोटों के स्पष्ट अंतर से मात दे दी। दोबारा हुई इस जांच के दौरान कुल पांच मतपत्र पूरी तरह अवैध पाए गए और उन्हें खारिज कर दिया गया। इसके अलावा चार मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए नोटा विकल्प का चयन किया था। सभी गणनाएं पूरी होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भारती ठाकुर को ठाकरी मट्टी पंचायत के प्रधान पद का नया और आधिकारिक विजेता घोषित किया।\n\nन्यायिक प्रक्रिया और अपनी जीत पर बोलीं भारती ठाकुर\nनतीजे पक्ष में आने के बाद भारती ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहली गिनती के तुरंत बाद उन्हें गलत तरीके से पराजित घोषित कर दिया गया था, जिससे वे कतई संतुष्ट नहीं थीं। इसी वजह से उन्होंने नियमों के तहत एसडीएम की अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपनी आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि चार महीने के लंबे इंतजार के बाद अब सच्चाई सामने आई है और वे 44 वोटों से जीतकर प्रधान निर्वाचित हुई हैं। अब वे ठाकरी मट्टी पंचायत में प्रधान का पदभार संभालकर क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।\n\nइसका आप पर असर\nचंबा की ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा हुई मतगणना ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और जनमत के अधिकार को लेकर एक अहम नजीर पेश की है।\n\n• हिमाचल प्रदेश में: ग्रामीण स्तर के चुनावों में यदि किसी प्रत्याशी या मतदाता को मतगणना में गड़बड़ी का अंदेशा हो, तो कानूनी याचिका के जरिए निष्पक्ष जांच का रास्ता खुला रहता है। चुनाव परिणाम को तय समय सीमा के भीतर एसडीएम अदालत में चुनौती देकर वास्तविक जनमत बहाल कराया जा सकता है।\n• चंबा जिले में: ठाकरी मट्टी पंचायत के निवासियों को अब भारती ठाकुर के आधिकारिक नेतृत्व में नई ग्राम पंचायत कार्यकारिणी मिलेगी। चार महीने से चल रहा चुनावी विवाद खत्म होने से अब गांव के लंबित विकास कार्य और ग्राम सभा के फैसले तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।\n• मतगणना प्रक्रिया पर असर: पहले दौर की गिनती में 36 मतों से हारने वाली प्रत्याशी का रिकाउंटिंग में 44 मतों से जीतना चुनावी कर्मियों की सटीकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भविष्य के पंचायत चुनावों में प्रशासन मतगणना कर्मियों के प्रशिक्षण और मतपत्रों की जांच में अधिक सतर्कता बरतेगा।\n• उम्मीदवारों के लिए सीख: मामूली अंतर से हारने वाले प्रत्याशियों के लिए यह घटना बताती है कि वैध प्रक्रिया के तहत उठाया गया कदम परिणाम बदल सकता है। नियमों के अनुसार समय पर याचिका दायर करने से चुनावी विसंगतियों को सुधारा जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nठाकरी मट्टी पंचायत के परिणाम में यह उलटफेर कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक पुनर्मतगणना के बाद सामने आया है।\n\n• प्रारंभिक गणना पर असंतोष: 26 मई को हुई पहली मतगणना के नतीजों पर पराजित प्रत्याशी भारती ठाकुर ने संदेह जताया था। उनका मानना था कि मतपत्रों की गिनती में गंभीर त्रुटि हुई है, जिसके चलते उन्होंने तुरंत कानूनी रास्ता अपनाया।\n• समयबद्ध चुनाव याचिका: निर्धारित कानूनी समय सीमा के भीतर भारती ठाकुर ने एसडीएम सलूणी के समक्ष विधिवत चुनाव याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई के दौरान तथ्यों के आधार पर एसडीएम ने मतपत्रों की दोबारा गिनती की मंजूरी दी।\n• निष्पक्ष प्रशासनिक जांच: एसडीएम ने गिनती में पूरी निष्पक्षता बरतने के लिए सीडीपीओ, एसईपीओ और जेई की तीन सदस्यीय स्वतंत्र कमेटी का गठन किया। इस टीम द्वारा एक-एक वोट की दोबारा जांच करने पर भारती ठाकुर के वैध मत 601 और संतोष कुमारी के मत 557 पाए गए, जिससे परिणाम पलट गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा मतगणना के बाद कौन विजयी घोषित हुआ?\nदोबारा मतगणना के बाद भारती ठाकुर को 44 मतों के अंतर से विजेता घोषित किया गया है।\n\n2. 26 मई को हुई पहली गिनती में क्या परिणाम रहा था?\nपहली गिनती में संतोष कुमारी को 597 और भारती ठाकुर को 561 वोट मिले थे, जिसके आधार पर संतोष कुमारी को विजेता घोषित किया गया था।\n\n3. रिकाउंटिंग में दोनों प्रत्याशियों को कितने-कितने वोट मिले?\nरिकाउंटिंग में भारती ठाकुर को 601 वोट और संतोष कुमारी को 557 वोट मिले।\n\n4. दोबारा मतगणना में कितने मत अवैध पाए गए और कितने नोटा रहे?\nदोबारा हुई गिनती में कुल पांच मत अवैध पाए गए, जबकि चार मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था।\n\n5. दोबारा गिनती की निगरानी के लिए किस कमेटी का गठन किया गया था?\nएसडीएम सलूणी के निर्देश पर सीडीपीओ, एसईपीओ और जेई को शामिल करके एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी।",
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  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-25",
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