# देवठी में रामपुर के चार बार विधायक नंद लाल का अंतिम संस्कार, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

> रामपुर से चार बार के कांग्रेस विधायक और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे नंद लाल का पैतृक गांव देवठी में अंतिम संस्कार किया गया।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/devthi-men-rampur-ke-chara-bara-vidhayaka-nand-lal-ka-antima-snskara-rajakiya-sammana-ke-satha-di-gai-antima-vidai-56275 · **Language:** Hindi
**Tags:** नंद लाल, रामपुर, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, हिमाचल प्रदेश, कांग्रेस, जगत सिंह नेगी, देवठी

हिमाचल प्रदेश की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शुमार रहे कांग्रेस नेता नंद लाल को उनके पैतृक गांव देवठी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शिमला जिले के रामपुर से लगातार चार चुनाव जीतने वाले इस कद्दावर नेता की अंतिम यात्रा में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उनके बेटे ने रीति-रिवाजों के अनुसार चिता को मुखाग्नि सौंपी, जबकि कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने पार्थिव देह को कंधा दिया। सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे नंद लाल के जाने से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है।

## शीर्ष नेतृत्व ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार के मौके पर प्रदेश सरकार और संगठन के शीर्ष नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने देवठी पहुंचकर दिवंगत नेता को नमन किया। उनके साथ राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य विक्रमादित्य सिंह, रोहित ठाकुर और जगत सिंह नेगी भी उपस्थित थे। सभी नेताओं ने उनके निधन को संगठन तथा रामपुर इलाके के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया।

## शालीन व्यक्तित्व और तर्कपूर्ण शैली की मिसाल
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नंद लाल के सरल व्यक्तित्व को याद किया। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा, "वह बेहद सहज स्वभाव और अच्छे व्यक्तित्व के धनी थे।" मुख्यमंत्री ने बताया कि नंद लाल हमेशा शालीनता, तथ्य और मजबूत तर्कों के सहारे अपनी बात सामने रखते थे। उन्होंने रामपुर क्षेत्र की प्रगति में उनके निरंतर प्रयासों की सराहना की। सुक्खू के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समय से ही नंद लाल अपने हलके के विकास कार्यों को लेकर लगातार सक्रिय रहते थे और सरकार के सामने जनता के मुद्दे मजबूती से उठाते थे।

## चमियाना अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
दिवंगत नेता के अंतिम दिनों का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वह सोमवार को स्वयं चमियाना अस्पताल जाकर चिकित्सकों से मिले थे। वहां डॉक्टरों ने जानकारी दी थी कि नंद लाल का रक्तचाप अत्यधिक गिरकर 30 से 40 तक पहुंच गया था। स्थिति को संभालने के लिए मेडिकल टीम ने पेसमेकर भी लगाया, जिसके बाद रक्तचाप सुधरकर 80 से 90 के दायरे में आया था। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद सेहत में स्थायी सुधार नहीं आ सका और मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

## आईटीबीपी से राजनीति तक का सफर
राजनीति में कदम रखने से पूर्व नंद लाल ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी आईटीबीपी में अपनी सेवाएं दी थीं। वहां से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के उपरांत उन्होंने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया था। वर्ष 2007 में उन्होंने पहली बार जीत का स्वाद चखा और उसके बाद से लगातार चार बार रामपुर का प्रतिनिधित्व विधानसभा में किया। जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत पकड़ रखने वाले नंद लाल अपने पूरे राजनीतिक जीवन में स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहे। उनके जाने से रामपुर ने एक बेहद अनुभवी जनप्रतिनिधि खो दिया है।

## इसका आप पर असर
रामपुर के वरिष्ठ विधायक और राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष के निधन से इलाके में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खालीपन पैदा हुआ है।

- **हिमाचल प्रदेश में:** राज्य वित्त आयोग का नेतृत्व खाली होने से आगामी पंचायती और निकाय वित्तीय संस्तुतियों के कार्य की गति प्रभावित हो सकती है। सरकार को जल्द ही आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर निर्णय लेना होगा।
- **रामपुर में:** रामपुर विधानसभा सीट अब रिक्त हो गई है, जिससे आने वाले महीनों में नए जनप्रतिनिधि के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। लंबे समय से चल रही क्षेत्रीय विकास योजनाओं की निगरानी के लिए स्थानीय लोगों को फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
- **कांग्रेस संगठन पर:** शिमला जिले के मजबूत जनाधार वाले चार बार के विजयी चेहरे के जाने से पार्टी को संगठन में नया समीकरण साधना होगा। आगामी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की हलचल तेज होना तय है।
- **जनता के कामकाज पर:** विधायक कार्यालय के जरिए होने वाले रोजमर्रा के सिफारिशी और विकास कार्यों के लिए स्थानीय निवासियों को संबंधित विभागों से सीधे संपर्क साधना पड़ेगा। क्षेत्रीय समस्याओं की पैरवी के लिए नए नेतृत्व का इंतजार करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
लगातार गिरते स्वास्थ्य और गंभीर शारीरिक जटिलताओं के चलते विधायक नंद लाल का निधन हुआ।

- **गंभीर रक्तचाप पतन:** नंद लाल का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने पर उन्हें चमियाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनका रक्तचाप खतरनाक रूप से घटकर 30 से 40 तक पहुंच गया था।
- **चिकित्सीय हस्तक्षेप और पेसमेकर:** स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने पेसमेकर प्रत्यारोपित किया था। इस प्रयास से रक्तचाप बढ़कर 80 से 90 तक पहुंचा, किंतु शरीर अन्य जटिलताओं से पूरी तरह उबर नहीं पाया।
- **अस्पताल में अंतिम सांस:** जीवन रक्षक उपायों के बावजूद स्वास्थ्य में स्थायी स्थिरता नहीं आ सकी। अंततः मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे उन्होंने अस्पताल के बिस्तर पर अंतिम सांस ली।

## सवाल-जवाब

### 1. नंद लाल का अंतिम संस्कार कहां और किस तरह किया गया?
उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव देवठी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ, जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी।

### 2. नंद लाल किस विधानसभा सीट से चुनाव जीतते रहे थे?
वह शिमला जिले की रामपुर विधानसभा सीट से वर्ष 2007 से लगातार चार बार विधायक रहे।

### 3. राजनीति में शामिल होने से पहले नंद लाल किस विभाग में कार्यरत थे?
चुनावी राजनीति में उतरने से पहले उन्होंने आईटीबीपी में सेवा दी थी और वहां से वीआरएस ली थी।

### 4. निधन के समय नंद लाल के पास कौन सा संवैधानिक पद था?
विधायक होने के साथ-साथ वह सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पद का दायित्व भी संभाल रहे थे।

### 5. मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उनके इलाज के संदर्भ में क्या बताया?
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को चमियाना अस्पताल में उनका बीपी 30-40 तक गिर गया था और पेसमेकर के बाद भी मंगलवार सुबह 5:30 बजे उनका निधन हो गया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._