दीवाली से पूर्व खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई, खराब मिठाई और प्रतिबंधित केमिकल मिलने पर पांच दुकानों पर शिकंजा राजधानी शिमला में दीवाली से पहले मिठाई की दुकानों पर औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जहां दूषित गुलाब जामुन नष्ट किए गए और पांच हलवाइयों को नोटिस थमाए गए। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दीवाली के त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई की दुकानों पर सघन निगरानी शुरू कर दी है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की भारी मांग को देखते हुए विभाग की विशेष टीम ने शिमला के ओल्ड बस स्टैंड इलाके में औचक छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और दुकानों में साफ-सफाई की स्थिति की गहन पड़ताल करना था। जांच के दौरान मिठाई विक्रेताओं की ओर से बरती जा रही गंभीर लापरवाहियां और सुरक्षा मानकों की अनदेखी खुलकर सामने आई। दूषित सामग्री नष्ट और खतरनाक केमिकल का खुलासा निरीक्षण की इस कार्रवाई के दौरान एक दुकान में बिक्री के लिए सजाकर रखे गए गुलाब जामुन में कॉकरोच और रबर बैंड तैरते पाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इस अस्वच्छ और खतरनाक स्थिति को देखते हुए तुरंत कड़ा कदम उठाया और मौके पर ही लगभग 25 किलोग्राम दूषित गुलाब जामुन को पूरी तरह नष्ट करवा दिया। इसके साथ ही एक और बेहद चिंताजनक तथ्य प्रकाश में आया, जहां कुछ हलवाई चीनी की चाशनी को चमकाने और साफ करने के लिए 'रंग काट' नामक रसायन का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे थे। गौरतलब है कि यह रसायन सामान्य रूप से कपड़ों की रंगाई में काम आता है। विभाग ने खाद्य पदार्थों में इसके उपयोग पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने का फरमान सुनाया। पांच प्रतिष्ठानों को नोटिस और लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को इस पूरे इलाके की कुल पांच प्रमुख मिठाई दुकानों का सिलसिलेवार जायजा लिया। इस दौरान स्वच्छता, भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की गई, जिसमें अधिकांश दुकानों में साफ-सफाई के प्रबंध बेहद निराशाजनक और असंतोषजनक मिले। प्रतिष्ठानों में गंदगी और अस्वास्थ्यकर वातावरण को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। असिस्टेंट कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. विजया ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं और भारी खामियों को लेकर सभी पांचों दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है। यदि तय समयसीमा में दुकानदारों की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और मामलों को अदालत में चालान के रूप में पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिस दुकान में कीड़े-मकौड़े और रबर बैंड मिले थे, उसका कारोबारी लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। डॉ. विजया ने स्पष्ट किया कि त्योहारों में नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य उत्पाद मुहैया कराने के लिए यह औचक जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में शिमला के ओल्ड बस स्टैंड पर हुई इस कार्रवाई से नागरिकों को खाद्य सुरक्षा और मिलावटखोरी के प्रति सतर्क रहने की सीधी चेतावनी मिली है। • भारत में: त्योहारों के दौरान देश भर में मिठाइयों और चाशनी में अखाद्य पदार्थों की मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। खरीदारों को विश्वसनीय और अधिकृत प्रतिष्ठानों से ही प्रमाणित गुणवत्ता वाली मिठाइयां खरीदनी चाहिए। • शिमला में: स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को ओल्ड बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों से खुली चाशनी वाली मिठाइयां खरीदते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। किसी भी दूषित या संदेहास्पद खाद्य सामग्री की सूचना उपभोक्ता तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दे सकते हैं। • कारोबारियों पर असर: सभी मिठाई विक्रेताओं के लिए स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने पर भारी जुर्माना, चालान और व्यावसायिक लाइसेंस निरस्त होने का जोखिम बढ़ गया है। • स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता: अखाद्य केमिकल मिले या कीट-पतंगों से दूषित उत्पाद खाने से गंभीर पाचन विकार और फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। ग्राहकों को असामान्य रूप से ज्यादा सफेद या चमकदार चाशनी वाले उत्पादों से परहेज करने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ त्योहारी सीजन में मांग में अचानक हुए इजाफे के बीच विक्रेताओं द्वारा स्वच्छता नियमों की अनदेखी और मुनाफाखोरी के चलते यह औचक निरीक्षण किया गया। • सीजनल मांग और प्रशासनिक निगरानी: दीवाली के अवसर पर मिठाइयों की खपत कई गुना बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए प्रशासन पहले से विशेष जांच अभियान संचालित करता है। आपूर्ति का दबाव बढ़ने पर कई हलवाई जरूरी सफाई व्यवस्था को दरकिनार कर देते हैं। • मुनाफाखोरी और रासायनिक उपयोग: चाशनी को साफ और चमकदार दिखाने के लिए कुछ कारोबारी सस्ते और प्रतिबंधित औद्योगिक रसायनों का सहारा लेते हैं। पारंपरिक प्रक्रियाओं की जगह अखाद्य तत्वों का इस्तेमाल सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। • सख्त कानूनी प्रावधान: खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई में विफलता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। ऐसे मामलों में पूर्व में भी कई कारोबारियों पर जुर्माने और चालान की कार्रवाई की जाती रही है। सवाल-जवाब 1. खाद्य सुरक्षा विभाग ने शिमला में कहां पर औचक निरीक्षण किया? विभाग की विशेष टीम ने शिमला के ओल्ड बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। 2. निरीक्षण के दौरान गुलाब जामुन में क्या मिला था? एक दुकान में बिक्री के लिए रखे गए गुलाब जामुन में कॉकरोच और रबर बैंड पाए गए थे। 3. दूषित पाए जाने पर कितनी मिठाई नष्ट करवाई गई? अधिकारियों ने मौके पर ही लगभग 25 किलोग्राम दूषित गुलाब जामुन को पूरी तरह नष्ट करवा दिया। 4. हलवाई चाशनी साफ करने के लिए किस केमिकल का इस्तेमाल कर रहे थे? कुछ हलवाई चीनी की चाशनी साफ करने के लिए कपड़ों की रंगाई में उपयोग होने वाले केमिकल रंग काट का प्रयोग कर रहे थे। 5. नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं? पांचों दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कोर्ट में चालान तथा लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी। https://trendkia.com/himachal-pradesh/divali-se-purva-food-safety-department-ki-sakhta-karravai-kharaba-mithai-aura-pratibndhita-kemikala-milane-para-pancha-dukanon-par-56153 TrendKia — Har trend, sabse pehle.