# हिमाचल के हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में जूनियर से दुर्व्यवहार पर नौ छात्र निलंबित, 3 लाख रुपये का कुल जुर्माना

> डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में जूनियर छात्र से रैगिंग करने के आरोप में नौ एमबीबीएस छात्रों को निलंबित कर उन पर भारी जुर्माना लगाया गया है.

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/hamirpur-medical-college-men-ragging-para-mbbs-ke-nau-chhatra-saspenda-3-lakha-rupaye-ka-kula-jurmana-48069 · **Language:** Hindi
**Tags:** हमीरपुर मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस छात्र, रैगिंग, एंटी रैगिंग कमेटी, हिमाचल प्रदेश, छात्र निलंबन, रोगी कल्याण समिति

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन ने अनुशासनहीनता के एक गंभीर मामले पर कड़ा रुख अपनाया है. एमबीबीएस के एक कनिष्ठ छात्र के साथ दुर्व्यवहार और रैगिंग के आरोपों की पुष्टि होने के बाद संस्थान की एंटी रैगिंग कमेटी ने त्वरित अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए बैच 2025 के कुल नौ छात्रों को दोषी ठहराया है. इन सभी छात्रों को आगामी दो हफ्तों के लिए थ्योरी, क्लिनिकल और प्रैक्टिकल कक्षाओं में शामिल होने से पूरी तरह रोक दिया गया है.

## तीन मुख्य आरोपियों पर पचास हजार और छह अन्य पर पच्चीस हजार का दंड
कॉलेज प्रबंधन द्वारा 14 अक्टूबर को जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के अनुसार, दोषी पाए गए छात्रों पर निलंबन के अतिरिक्त आर्थिक दंड भी लगाया गया है. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर रमेश भारती के अनुसार जांच प्रक्रिया में पुलकित सिंह, नितिन सेहरा और यश मोदी को इस घटना के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार पाया गया है. मुख्य भूमिका सामने आने के कारण इन तीनों पर पचास-पचास हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है.

इसी मामले में एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छह अन्य छात्रों की संलिप्तता भी साबित हुई है. इनमें समीर जसयाल, सोहेल खान, अर्शदीप सिंह, अनिरुद्ध शर्मा, विवेक कुमार और सूर्यान्श पठानिया शामिल हैं. इन छह छात्रों को दो सप्ताह के कक्षा निलंबन के साथ पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है. इस प्रकार सभी नौ विद्यार्थियों पर कुल मिलाकर तीन लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित हुआ है.

## रोगी कल्याण समिति के छात्र कोष में जमा होगी राशि
प्रशासन ने सभी नौ दंडित छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश निर्गत होने के एक सप्ताह की समयसीमा के भीतर उन्हें जुर्माने की राशि जमा करवानी होगी. यह पूरी धनराशि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कार्यालय के अधीन संचालित रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के स्टूडेंट फंड खाते में स्थानांतरित की जाएगी. छात्रों को बैंक में राशि जमा करने के तुरंत बाद उसकी मूल रसीद कॉलेज के छात्र अनुभाग में सत्यापन हेतु प्रस्तुत करनी होगी.

## ईमेल शिकायत से उजागर हुआ मामला
रैगिंग की यह पूरी घटना तब सामने आई जब पीड़ित जूनियर छात्र ने एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य सचिव को ईमेल के माध्यम से औपचारिक शिकायत भेजी. संस्थान ने तत्काल संज्ञान लेते हुए लागू एंटी रैगिंग नियमों और स्थापित अनुशासनात्मक नियमावली के तहत गहन जांच शुरू की. शिकायत पत्र में पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ छात्र उसे निरंतर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. आरोप के अनुसार, सीनियर्स ने उस पर यह पाबंदी लगाई थी कि जब भी वह उनसे मिले, कभी नजरें मिलाकर बात न करे और हमेशा अपनी आंखें नीचे रखे. इसके अतिरिक्त, सीनियर्स ने यह सख्त फरमान भी सुनाया था कि बातचीत के दौरान जूनियर उन्हें अनिवार्य रूप से केवल डॉक्टर साहब कहकर ही संबोधित करे.

## इसका आप पर असर
इस कार्रवाई से मेडिकल शिक्षण संस्थानों में रैगिंग और दुर्व्यवहार के खिलाफ स्पष्ट संदेश गया है.

- **भारत में:** मेडिकल और उच्च शिक्षण संस्थानों में नए दाखिला लेने वाले छात्र उत्पीड़न के खिलाफ बिना किसी भय के औपचारिक ईमेल या पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. त्वरित निलंबन और भारी आर्थिक दंड के ऐसे मामले अन्य संस्थानों के लिए भी मिसाल बनते हैं.
- **हिमाचल प्रदेश में:** हमीरपुर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के परिसर में छात्र अनुशासन और सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी लागू रहेगी. दोषी छात्रों को एक सप्ताह के अंदर कुल तीन लाख रुपये की राशि छात्र कोष में अनिवार्य रूप से जमा करानी होगी.
- **पीड़ित छात्रों के लिए:** कॉलेज स्तर पर एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने से कनिष्ठ विद्यार्थियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी. वे बिना किसी संकोच के अपनी पढ़ाई और क्लिनिकल प्रशिक्षण पर ध्यान दे सकेंगे.
- **अभिभावकों के लिए:** छात्रावासों और परिसरों में अनुशासन बनाए रखने के कड़े नियमों से अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भरोसा मिलता है. इस फैसले से अन्य विद्यार्थियों में भी अनुशासनात्मक नियमों के उल्लंघन से बचने की सजगता बढ़ेगी.

## ऐसा क्यों हुआ
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई जूनियर छात्र द्वारा संस्थान की एंटी रैगिंग कमेटी को भेजी गई एक औपचारिक ईमेल शिकायत के बाद शुरू की गई जांच के आधार पर की गई है.

- **शिकायत का संज्ञान:** एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य सचिव को प्राप्त ईमेल में पीड़ित ने सीनियर्स द्वारा नजरें नीचे रखने और जबरन डॉक्टर साहब कहलवाने जैसे मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे. इसके बाद कॉलेज ने नियमों के तहत तुरंत आधिकारिक जांच बैठाई.
- **कमेटी की पड़ताल:** एंटी रैगिंग कमेटी ने स्थापित नियमों और कॉलेज की अनुशासन प्रक्रिया के अनुसार दोनों पक्षों के साक्ष्य जुटाए. इस जांच में नौ छात्रों की प्रत्यक्ष संलिप्तता प्रमाणित हुई.
- **दोषियों का वर्गीकरण:** जांच में तीन छात्रों की भूमिका मुख्य पाई गई, जबकि छह अन्य छात्र इस दुर्व्यवहार में सहायक या शामिल पाए गए. इसी आधार पर 14 अक्टूबर को भिन्न-भिन्न जुर्माने और समान निलंबन का अंतिम आदेश जारी किया गया.

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस मेडिकल कॉलेज में हुई?
यह घटना हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई.

### 2. कितने छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है?
बैच 2025 के कुल नौ एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ निलंबन और जुर्माने की कार्रवाई की गई है.

### 3. छात्रों को कितने समय के लिए कक्षाओं से निलंबित किया गया है?
सभी नौ दोषी छात्रों को दो सप्ताह के लिए थ्योरी, क्लिनिकल और प्रैक्टिकल कक्षाओं से निलंबित किया गया है.

### 4. छात्रों पर कितना आर्थिक दंड लगाया गया है?
तीन मुख्य आरोपी छात्रों पर पचास-पचास हजार रुपये और छह अन्य छात्रों पर पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

### 5. जुर्माने की राशि कहां और कब तक जमा करवानी होगी?
छात्रों को आदेश जारी होने के एक सप्ताह के भीतर रोगी कल्याण समिति के छात्र कोष खाते में राशि जमा कराकर रसीद प्रस्तुत करनी होगी.

### 6. पीड़ित छात्र ने सीनियर्स पर क्या मुख्य आरोप लगाए थे?
पीड़ित ने आरोप लगाया था कि सीनियर्स उसे आंखें नीचे रखकर बात करने और हमेशा डॉक्टर साहब कहकर संबोधित करने के लिए मजबूर करते थे.

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