हमीरपुर में पीएनबी अधिकारियों की सतर्कता से बुजुर्ग सूबेदार की 70 लाख रुपये की गाढ़ी कमाई डिजिटल अरेस्ट ठगी से बची हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 78 वर्षीय रिटायर सूबेदार से 70 लाख रुपये ठगने की कोशिश की गई, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक के सतर्क अधिकारियों ने सही समय पर कदम उठाकर बुजुर्ग की पूरी रकम सुरक्षित बचा ली। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में साइबर अपराधियों की एक बड़ी साजिश उस वक्त नाकाम हो गई, जब पंजाब नेशनल बैंक के सतर्क अधिकारियों ने अपनी सूझबूझ से एक बुजुर्ग सैन्य पेंशनर को वित्तीय तबाही से बचा लिया। 78 वर्षीय रिटायर सूबेदार को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 70 लाख रुपये ऐंठने की पूरी योजना बना ली थी। हालांकि, बैंक की भूंपल शाखा के अधिकारियों की सजगता के कारण यह पूरी रकम साइबर अपराधियों के हाथ लगने से बच गई और बुजुर्ग की जीवन भर की जमा पूंजी सुरक्षित रह सकी। व्हाट्सऐप कॉल पर दी गई थी गिरफ्तारी की धमकी पीड़ित बुजुर्ग सूबेदार के साथ साइबर ठगी का यह सिलसिला 19 अगस्त से शुरू हुआ था। अपराधियों ने खुद को उच्च पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके व्हाट्सऐप पर संपर्क साधा। कॉल करने वाले ठगों ने अपनी प्रोफाइल तस्वीर पर पुलिस अधिकारी की फोटो लगा रखी थी और अपना नाम भी किसी शीर्ष अधिकारी के रूप में पेश किया था। ठगों ने बुजुर्ग पर फर्जी आरोप लगाते हुए उन्हें डराया कि यदि उन्होंने तुरंत पैसे ट्रांसफर नहीं किए, तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। लगातार मिलने वाली धमकियों से बुजुर्ग सूबेदार काफी दबाव में आ गए और उन्होंने ठगों के बताए खाते में रकम भेजने की तैयारी कर ली। फ्लैट खरीदने का बहाना और 70 लाख का ट्रांजेक्शन साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसे बुजुर्ग 25 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक की भूंपल शाखा पहुंचे। वहां उन्होंने अधिकारियों से अपने दूसरे बैंक खाते से पीएनबी खाते में बड़ी धनराशि ट्रांसफर करने और फिर उसे किसी कंपनी के खाते में भेजने की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। उस समय रिटायर सूबेदार ने बैंक कर्मचारियों को बताया कि यह रकम उनके बेटे के लिए फ्लैट खरीदने के काम में इस्तेमाल होनी है। इसके बाद 29 अगस्त को बुजुर्ग ने 70 लाख रुपये भूंपल शाखा के अपने खाते में जमा कराए और पूरी रकम आईसीआईसीआई बैंक के एक अज्ञात खाते में तुरंत ट्रांसफर करने का आग्रह किया। बैंक अधिकारियों के संदेह से बेनकाब हुई साजिश एक झटके में 70 लाख रुपये की इतनी विशाल राशि किसी अन्य बैंक खाते में भेजने का आग्रह सुनकर शाखा के अधिकारियों के मन में गंभीर संदेह पैदा हुआ। शाखा प्रबंधक अंकिता संदल, उप प्रबंधक मीनाक्षी शर्मा और बैंक अधिकारी संजय सूद ने बिना देर किए इस संदिग्ध लेनदेन पर रोक लगाई और ग्राहक के बेटे से फोन पर संपर्क किया। जब बेटे से बातचीत में किसी फ्लैट खरीदारी की पुष्टि नहीं हुई, तो अधिकारियों का शक यकीन में बदल गया। इसके बाद 31 अगस्त को जब बुजुर्ग सूबेदार दोबारा शाखा पहुंचे, तो बैंक अधिकारियों ने उन्हें अपने केबिन में बैठाकर पूरे घटनाक्रम के बारे में गहराई से पूछताछ की। सुरक्षित हुई जीवन भर की कमाई और पुलिस की अपील पूछताछ के दौरान जब बुजुर्ग ने पुलिस अधिकारी बनकर आए व्हाट्सऐप कॉल और गिरफ्तारी की धमकियों की पूरी बात बताई, तो बैंक अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि वे डिजिटल अरेस्ट नाम की एक बड़ी साइबर ठगी का शिकार बन रहे थे। सच्चाई सामने आते ही बुजुर्ग के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पैसे आईसीआईसीआई बैंक में भेजने का विचार छोड़ दिया। अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने अपनी पूरी 70 लाख रुपये की राशि की फिक्स्ड डिपॉजिट करवा दी। इस मामले पर एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग कभी भी डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कार्रवाई नहीं करता है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान अधिकारी की संदिग्ध कॉल आने पर बिल्कुल न घबराएं और तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें। इसका आप पर असर यह मामला स्पष्ट करता है कि बैंक अधिकारियों की थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता किसी नागरिक की जीवन भर की गाढ़ी कमाई को लुटने से बचा सकती है। • भारत में: डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए बैंक अब बड़े और अचानक होने वाले ऑनलाइन फंड ट्रांसफर पर सख्त निगरानी रख रहे हैं। किसी भी अनजान अधिकारी की कॉल पर पैसे भेजने के बजाय निकटतम बैंक शाखा या 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। • हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) में: स्थानीय पुलिस और बैंक शाखाओं ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े साइबर फ्रॉड के खिलाफ जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। जिला वासियों से अपील की गई है कि व्हाट्सऐप या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी मिलने पर सीधे स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। सवाल-जवाब 1. डिजिटल अरेस्ट ठगी से पीड़ित 78 वर्षीय बुजुर्ग कौन थे? पीड़ित हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के निवासी एक 78 वर्षीय सेना से रिटायर सूबेदार हैं। 2. ठगों ने बुजुर्ग सूबेदार से कितने रुपये ऐंठने की कोशिश की थी? साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर बुजुर्ग से 70 लाख रुपये ट्रांसफर करवाने का प्रयास किया था। 3. पंजाब नेशनल बैंक की किस शाखा के अधिकारियों ने ठगी नाकाम की? पंजाब नेशनल बैंक की भूंपल शाखा के अधिकारियों - अंकिता संदल, मीनाक्षी शर्मा और संजय सूद ने इस ठगी को नाकाम किया। 4. बुजुर्ग ने बैंक अधिकारियों को 70 लाख रुपये किस काम के लिए भेजने की बात कही थी? बुजुर्ग ने बैंक कर्मचारियों को बताया था कि यह 70 लाख रुपये उनके बेटे के लिए नया फ्लैट खरीदने के काम में इस्तेमाल होने हैं। 5. क्या पुलिस विभाग डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी कार्रवाई करता है? एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर के अनुसार पुलिस विभाग में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था या कार्रवाई नहीं होती है। प्रेरणा और सबक पीएनबी भूंपल शाखा के कर्मचारियों का यह सतर्क रवैया दर्शाता है कि पेशेवर जिम्मेदारी से परे जाकर किया गया काम किसी की जिंदगी बचा सकता है। • संदेह होने पर सवाल पूछना: असामान्य और बड़े लेन-देन पर सवाल उठाकर बैंक अधिकारियों ने संभावित ठगी को समय रहते बेनकाब किया। • परिवार से सत्यापन: ग्राहक द्वारा दी गई जानकारी पर तुरंत भरोसा न करके उनके बेटे से संपर्क करना इस सफलता की मुख्य कुंजी रहा। • समय पर सही सलाह: घबराए हुए बुजुर्ग को सांत्वना देकर और समझा-बुझाकर उनके पैसे को एफडी में सुरक्षित कराना एक अनुकरणीय कदम है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/hamirpur-men-pnb-adhikariyon-ki-satarkata-se-bujurga-subedar-ki-70-lakha-rupaye-ki-garhi-kamai-dijitala-aresta-thagi-se-bachi-27054 TrendKia — Har trend, sabse pehle.