# हिमाचल में बारिश का कहर, कुमारहट्टी में सड़क धंसी और नूरपुर में ढहा मकान

> हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण सोलन और कांगड़ा जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है, जहां सड़क धंसने से यातायात ठप है और एक मकान मलबे में तब्दील हो गया है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/heavy-rains-ravage-himachal-road-caves-in-near-kumarhatti-and-house-collapses-in-nurpur-27453 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, सोलन भूस्खलन, नालागढ़ सड़क, नूरपुर हादसा, मानसून तबाही, चंडीगढ़ हाईवे

हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिसके चलते बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और प्रशासनिक मशीनरी हाई अलर्ट पर आ गई है। सोलन जिले के बद्दी उपमंडल के अंतर्गत नालागढ़-रामशहर मार्ग पर कुमारहट्टी के पास एक बार फिर गंभीर भूस्खलन की घटना सामने आई है, जिसने पिछले साल के संकट की यादें ताजा कर दी हैं। लगातार बरस रहे पानी के कारण इस मुख्य सड़क का लगभग 100 मीटर लंबा हिस्सा करीब 15 फीट गहराई तक नीचे की तरफ खिसक गया है। सड़क के इस तरह अचानक बैठ जाने के बाद स्थिति की नजाकत को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है।

पिछले साल भी इसी विशिष्ट स्थल पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ था जिसके कारण मार्ग को भारी क्षति उठानी पड़ी थी। वर्तमान मानसूनी दौर में हालात और भी ज्यादा भयावह हो गए हैं और सड़क के जमीन में समा जाने की वजह से नालागढ़-रामशहर कॉरिडोर पर यातायात की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है। इस भूस्खलन के मलबे और बहाव की चपेट में आने से होमटाउन रिज़ॉर्ट के नजदीक बहने वाली चिकनी खड्ड भी बुरी तरह अवरुद्ध हो गई है, जिससे जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। संभावित खतरे को और करीब आते देख प्रशासन ने सड़क के ठीक सामने रहने वाले बलबीर के मकान को एहतियात के तौर पर तुरंत खाली करवा लिया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।

मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए नालागढ़ के एसडीएम नरेंद्र आहलुवालिया ने बताया कि इस क्षेत्र में सड़क पहले भी धंस चुकी थी और इस बार लगभग 15 फीट की भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द बहाली का काम शुरू हो सके।

सिरमौर जिले से गुजरने वाले देहरादून-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे की हालत भी मानसूनी आपदा के कारण बेहद खस्ता हो चुकी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने इस राष्ट्रीय राजमार्ग के एक बड़े हिस्से को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे सड़क की संरचना बेहद संवेदनशील और खतरनाक हो गई है। सड़क के कई हिस्सों के कमजोर होने के कारण यहां से भारी वाहनों का गुजरना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा साबित हो सकता है। इसी जोखिम को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एक कड़ा यातायात परामर्श जारी किया है।

यातायात के भारी दबाव को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं की आशंका को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रशासन ने इस हाइवे पर भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। डबल-एक्सल ट्रकों, टिपरों और डम्परों जैसे भारी वाहनों के लिए एक अस्थायी रूट डायवर्जन प्लान को अमल में लाया गया है, जिसके तहत अब इन सभी वाहनों को हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे हरियाणा के खिजराबाद मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है।

दूसरी ओर, कांगड़ा जिले के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरूही के जड़ा गांव में एक भयंकर प्राकृतिक आपदा ने गरीब ग्रामीण की दुनिया उजाड़ दी। बीती रात जब मूसलाधार बारिश अपने चरम पर थी, तब जड़ा निवासी मांगों राम अपने घर के भीतर गाढ़ी नींद में सो रहे थे। अचानक उन्हें मकान की दीवारों से ईंटें गिरने और चटकने की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद उन्होंने बिना एक पल गंवाए बाहर की तरफ दौड़ लगा दी और अपनी जान बचाई। उनके घर से बाहर निकलते ही पूरा का पूरा मकान भरभराकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

हादसे के बाद बेघर हुए मांगों राम ने बताया कि उनके सामने अब सिर छिपाने और दो वक्त की रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घर के अंदर रखा उनका तमाम रोजमर्रा का जरूरी सामान और राशन पूरी तरह मलबे में दबकर नष्ट हो चुका है। यदि आने वाले दिनों में फिर से बारिश होती है तो मलबे में दबा बचा-खुचा सामान भी पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। मांगों राम अत्यंत गरीब बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखते हैं और दिहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवन बसर करते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत हुआ था और उनके बैंक खाते में पहली किस्त की राशि भी आ चुकी थी, लेकिन बेहद तंगहाली के कारण वह सरकारी सहायता के भरोसे भी मकान का निर्माण कार्य पूरा नहीं करवा सके।

स्थानीय पंचायत के उपप्रधान पिकां धिमान ने भी इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मांगों राम अकेले रहते हैं और उनका नाम गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की सूची में दर्ज है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित को तुरंत हरसंभव सहायता प्रदान की जाए। इस संबंध में नूरपुर के एसडीएम अरुण शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया है और पीड़ित के लिए रहने व खाने के पुख्ता इंतजाम स्थानीय प्रतिनिधियों के सहयोग से किए जा रहे हैं।

## इसका आप पर असर
हिमाचल प्रदेश में जारी भारी मानसूनी बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा और दैनिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

- **भारत में:** पहाड़ी राज्यों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और माल ढुलाई करने वाले चालकों को लंबे रूट डायवर्जन और यातायात बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
- **हिमाचल प्रदेश में:** सोलन और सिरमौर तथा कांगड़ा जिलों के स्थानीय निवासियों को सड़क संपर्क टूटने और जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं से जूझना होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. कुमारहट्टी में सड़क क्यों बंद की गई है?
भारी बारिश के कारण सड़क का 100 मीटर हिस्सा करीब 15 फीट नीचे धंस गया है।

### 2. देहरादून-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर किन वाहनों को रोका गया है?
डबल-एक्सल ट्रक, टिपर और डम्पर जैसे भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।

### 3. नूरपुर के जड़ा गांव में क्या हादसा हुआ?
रात को सोते समय मांगों राम का मकान भारी बारिश के कारण भरभराकर गिर गया।

### 4. भारी वाहनों को किस वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है?
सभी भारी वाहनों को हरियाणा के खिजराबाद के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है।

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