# हिमाचल के नाहन में उफनती रुण नदी के बीच 5 घंटे फंसे रहे दो लोग, वायु सेना के हेलीकॉप्टर और NDRF ने ऐसे बचाई जान

> हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भारी बारिश के बाद रुण नदी में आई बाढ़ में एक बुजुर्ग और उन्हें बचाने गया युवक 5 घंटे तक फंसे रहे, जिन्हें बाद में वायु सेना के हेलीकॉप्टर और एनडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित निकाला।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachal-ke-nahan-men-uphanati-run-nadi-ke-bicha-5-ghnte-phnse-rahe-do-loga-vayu-sena-ke-helikoptara-aura-ndrf-ne-aise-bachai-jana-26124 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, सिरमौर, नाहन, रेस्क्यू ऑपरेशन, भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ, बाढ़

हिमाचल प्रदेश में मानसून की तेज बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। मंगलवार को सिरमौर जिले के नाहन विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले बर्मा पापड़ी इलाके में रुण नदी में आई अचानक बाढ़ के कारण एक बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। यहां रुण नदी के तेज बहाव के बीच बने एक छोटे टापू पर एक बुजुर्ग और उन्हें बचाने गए स्थानीय युवा करीब 5 घंटे तक मौत के साये में फंसे रहे। देर रात करीब 9 बजे भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और होमगार्ड के जवानों के संयुक्त प्रयासों से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

## भैंसों को बचाने गए बुजुर्ग और उनकी मदद में उतरा साहसी युवा
घटनाक्रम के अनुसार, बर्मा पापड़ी के स्थानीय निवासी बनारसी दास मंगलवार को अपने मवेशियों (भैंसों) को चरने के बाद नदी क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रुण नदी के पास गए थे। इसी दौरान पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश की वजह से नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। पानी के प्रचंड वेग के कारण बनारसी दास नदी के बीचोबीच बने एक टापू पर फंस गए। उन्हें संकट में देखकर जल शक्ति विभाग में कार्यरत स्थानीय युवा अंशुल ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। अंशुल बुजुर्ग बनारसी दास को सुरक्षित तट तक लाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि वे खुद भी बुजुर्ग के साथ उसी टापू पर फंस गए।

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## बहाव के कारण जमीनी प्रयास विफल, वायु सेना से ली गई मदद
स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद पुलिस, होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें राहत सामग्री तथा रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। हालांकि, रुण नदी में पानी का बहाव इतना तेज था कि नाव या रस्सियों के सहारे टापू तक पहुंचना बेहद खतरनाक साबित हो रहा था। जमीनी टीमों द्वारा रेस्क्यू करने में असमर्थ रहने के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क साधा। इसके पश्चात भारतीय वायु सेना से आपातकालीन हेलीकॉप्टर सेवा की मांग की गई। सूचना मिलते ही वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर तुरंत मौके पर पहुंचा और उफनती नदी के ऊपर मंडराते हुए बुजुर्ग बनारसी दास को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया।

## एनडीआरएफ का सफल अभियान और प्रशासनिक तालमेल
बुजुर्ग को एयरलिफ्ट किए जाने के कुछ समय बाद नदी के जलस्तर और बहाव में थोड़ी कमी दर्ज की गई। इसका फायदा उठाते हुए एनडीआरएफ और होमगार्ड के जांबाज जवानों ने नदी में उतरकर जल शक्ति विभाग के कर्मचारी अंशुल का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार समन्वय बनाए रखा ताकि रेस्क्यू टीम को सहायता मिल सके। इस घटना का एक वीडियो और विवरण X पोस्ट के माध्यम से भी साझा किया गया, जिसमें युवा अंशुल की बहादुरी की जमकर सराहना की गई। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद डॉ. बिंदल ने वीडियो कॉल के जरिए स्थानीय ग्रामीणों की बातचीत मुख्यमंत्री से करवाई, जहां ग्रामीणों ने राहत दल और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

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## इसका आप पर असर
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान नदियों के पास जाना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

- **भारत में:** पहाड़ी राज्यों में मानसून के समय नदियों और नदी घाटियों के आसपास जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
- **हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में:** नाहन और बर्मा पापड़ी जैसे नदी तटीय इलाकों में रहने वाले निवासियों को भारी बारिश के अलर्ट के दौरान मवेशियों को नदी क्षेत्र में ले जाने से बचना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. यह हादसा हिमाचल प्रदेश के किस जिले और नदी में हुआ?
यह हादसा हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की नाहन विधानसभा के अंतर्गत बर्मा पापड़ी स्थित रुण नदी में हुआ।

### 2. रुण नदी की बाढ़ में कौन-कौन से दो लोग फंस गए थे?
इस घटना में स्थानीय बुजुर्ग बनारसी दास और उन्हें बचाने गए जल शक्ति विभाग के युवा कर्मचारी अंशुल फंस गए थे।

### 3. रेस्क्यू ऑपरेशन में किन एजेंसियों और बलों ने भाग लिया?
रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर, एनडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय पुलिस के जवानों ने भाग लिया।

### 4. दोनों लोग नदी में कितने समय तक फंसे रहे?
दोनों लोग लगभग 5 घंटे तक उफनती रुण नदी के बीच बने टापू पर फंसे रहे, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित निकाला गया।

## प्रेरणा और सबक
जल शक्ति विभाग के युवा कर्मचारी अंशुल का निस्वार्थ कदम सामाजिक एकजुटता और वीरता की अद्भुत मिसाल पेश करता है।

- **निस्वार्थ सेवा भावना:** अपनी जान को जोखिम में डालकर बुजुर्ग की मदद के लिए उफनती नदी में उतरना मानवीय मूल्यों की गहरी छाप छोड़ता है।
- **कठिन समय में धैर्य:** 5 घंटे तक उफनती नदी के बीच फंसे रहने के बावजूद घबराने के बजाय प्रशासनिक मदद का इंतजार करना महत्वपूर्ण रहा।
- **त्वरित प्रशासनिक समन्वय:** संकट के समय स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा बलों का त्वरित समन्वय जीवन रक्षा में निर्णायक साबित होता है।

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