# हिमाचल के राशन डिपो में 4G मशीनों की शुरुआत, 1958895 राशन कार्ड धारकों को मिलेगा तेज इंटरनेट का लाभ

> हिमाचल प्रदेश में राशन वितरण प्रणाली को हाई स्पीड इंटरनेट से लैस किया गया है, जहां पुरानी 2G मशीनों की जगह नई 4G तकनीक वाली मशीनों को लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachal-ke-rashana-dipo-men-4g-mashinon-ki-shuruata-1958895-rashana-karda-dharakon-ko-milega-teja-intaraneta-ka-labha-37569 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, राशन डिपो, खाद्य आपूर्ति विभाग, 4G मशीनें, मंडी, राशन कार्ड

हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन हासिल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम तकनीकी बदलाव सामने आया है। राज्य सरकार के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से राशन डिपो में पुरानी और सुस्त मशीनों की जगह आधुनिक उपकरण मुहैया करवाए जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था का सीधा असर प्रदेश भर के 1958895 कार्ड धारकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब खाद्यान्न लेते समय तकनीकी दिक्कतों और लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।

## मंडी जिले में 841 डिपो संचालकों को बांटी गईं नई मशीनें
इस योजना के शुरुआती चरण में मंडी जिले के सभी 841 डिपो संचालकों को 4G तकनीक वाली हाई स्पीड डिवाइसेज बांट दी गई हैं। इन उपकरणों को बिना किसी अड़चन के इस्तेमाल में लाने के लिए संबंधित डिपो संचालकों को विशेष संचालन प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। नई प्रणाली में बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी और आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं, जिससे सर्वर कनेक्शन टूटने या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में होने वाली देरी पर काबू पाया जा सकेगा।

## सरकारी सॉफ्टवेयर के परीक्षण के बाद शुरू होगा वितरण
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंडी के जिला नियंत्रक बृजेंद्र सिंह के मुताबिक, पहले डिपुओं में इस्तेमाल की जा रही 2G आधारित डिवाइसेज को पूरी तरह हटाकर 4G मशीनों को स्थापित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार राज्य सरकार अपने खुद के सॉफ्टवेयर के जरिए इन नई मशीनों का संचालन करने जा रही है। वर्तमान समय में इस सरकारी सॉफ्टवेयर की तकनीकी टेस्टिंग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सॉफ्टवेयर के परीक्षण को तकनीकी हरी झंडी मिलते ही नई डिवाइसों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया जमीनी स्तर पर औपचारिक रूप से आरंभ कर दी जाएगी।

## धीमी 2G तकनीक की दिक्कतों से डिपो धारकों को मिली राहत
डिपुओं पर काम करने वाले विक्रेताओं ने भी इस तकनीकी अपग्रेड पर संतोष व्यक्त किया है। मंडी शहरी डिपो होल्डर एसोसिएशन के प्रधान संजीव डिसिल्वा ने बताया कि पुरानी 2G मशीनों में नेटवर्क की बहुत ज्यादा समस्या बनी रहती थी, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को राशन बांटने में आए दिन भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि डिपो संचालकों की यह मांग काफी लंबे समय से लंबित थी, जिसे अब पूरा किया गया है। पूरे प्रदेश के सभी राशन डिपुओं तक नई मशीनें पहुंचा दी गई हैं और अब केवल सॉफ्टवेयर प्रणाली के सक्रिय होने की प्रतीक्षा की जा रही है।

## इसका आप पर असर
राशन डिपो में 4G मशीनों के आने से उपभोक्ताओं को खाद्यान्न लेते समय सर्वर डाउन और बायोमेट्रिक फेलियर के लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी।

- **हिमाचल प्रदेश में:** प्रदेश के 1958895 कार्ड धारकों को बिना रुकावट राशन मिलेगा और डिपुओं पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म होंगी। उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक सत्यापन अब चंद सेकंडों में पूरा हो सकेगा।
- **मंडी जिले में:** जिले के सभी 841 डिपो संचालकों को मशीनें और प्रशिक्षण मिल चुका है। सरकारी सॉफ्टवेयर की जांच पूरी होते ही स्थानीय उपभोक्ताओं को इस नई व्यवस्था का त्वरित फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।
- **डिपो संचालकों के लिए:** पुरानी 2G मशीनों की बार-बार नेटवर्क छूटने की परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। वितरण की रसीद और डेटा तुरंत सरकारी सर्वर पर अपडेट हो जाएगा।
- **पारदर्शिता के मामले में:** राज्य सरकार अपने खुद के सॉफ्टवेयर के जरिए पूरे वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेगी। इससे राशन वितरण में किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी की आशंका घटेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
राशन वितरण केंद्रों पर पुरानी 2G मशीनों के धीमे इंटरनेट और तकनीकी खामियों के कारण उपभोक्ताओं को अत्यधिक समय तक कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। इस व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सरकार ने आधुनिक नेटवर्क और स्वदेशी सॉफ्टवेयर लाने का निर्णय लिया।

- **धीमी कनेक्टिविटी का संकट:** पुरानी मशीनों में 2G सिम होने के चलते सर्वर से संपर्क बार-बार टूट जाता था। इसके कारण बायोमेट्रिक सत्यापन और पर्ची निकलने में कई मिनटों की देरी होती थी।
- **डिपो संचालकों की निरंतर मांग:** शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के डिपो संचालक पुरानी मशीनों की तकनीकी खराबी से त्रस्त थे। मंडी शहरी डिपो होल्डर एसोसिएशन सहित कई संघों ने सरकार से नई मशीनों की मांग रखी थी।
- **स्वतंत्र सॉफ्टवेयर का नियंत्रण:** सरकार वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए अपने खुद के सॉफ्टवेयर पर शिफ्ट हो रही है। इस सॉफ्टवेयर के सुचारू संचालन के लिए आधुनिक 4G हार्डवेयर उपलब्ध कराना अनिवार्य कदम था।

## सवाल-जवाब

### 1. हिमाचल प्रदेश में राशन डिपुओं में कौन सी नई तकनीक लागू की जा रही है?
प्रदेश के राशन डिपुओं में पुरानी 2G मशीनों को हटाकर हाई स्पीड इंटरनेट से लैस नई 4G मशीनें लगाई जा रही हैं।

### 2. इस तकनीकी बदलाव से हिमाचल प्रदेश के कितने कार्ड धारकों को लाभ पहुंचेगा?
इस कदम से राज्य भर के 1958895 राशन कार्ड धारकों को सीधा फायदा मिलेगा।

### 3. मंडी जिले में कितने डिपो संचालकों को 4G मशीनें दी गई हैं?
मंडी जिले के सभी 841 डिपो संचालकों को 4G मशीनें वितरित की जा चुकी हैं और उनका प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है।

### 4. नई मशीनों से राशन बांटने का काम कब से शुरू होगा?
प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग अंतिम चरण में है, जिसकी मंजूरी मिलते ही नई मशीनों से वितरण शुरू हो जाएगा।

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