{
  "type": "article",
  "title": "हिमाचल के युवाओं को खाड़ी देशों में नौकरी का मौका, सरकाघाट में 12 विदेशी कंपनियों ने लिया 1500 युवाओं का इंटरव्यू",
  "summary": "मंडी जिले के सरकाघाट में आयोजित रोजगार मेले में खाड़ी देशों की 12 कंपनियों ने युवाओं का हुनर परखा, जहां चयनित उम्मीदवारों को 40 से 80 हजार रुपये तक का वेतन मिलेगा।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आने वाले सरकाघाट क्षेत्र में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने की कवायद तेज हो गई है। महज डेढ़ महीने के भीतर यहां दूसरे बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय और आसपास के इलाकों से पहुंचे 1500 से अधिक युवाओं ने विदेश में नौकरी पाने के लिए अपनी दावेदारी पेश की। इस विशेष भर्ती अभियान में मिडिल ईस्ट और गल्फ देशों की 12 प्रमुख कंपनियों से आए विदेशी इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के दल ने उम्मीदवारों की कार्यकुशलता और तकनीकी योग्यता की बारीकी से जांच की।\n\nविदेश में मैनपॉवर की मांग और स्थानीय प्रतिभा को जोड़ने की पहल\nसरकाघाट के स्थानीय समाजसेवी चंद्रमोहन शर्मा इस पूरी मुहिम का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य क्षेत्र के हुनरमंद युवाओं को सीधे विदेशी कंपनियों से जोड़ना है। चंद्रमोहन शर्मा के मुताबिक, विदेशों में काम कर रही बड़ी औद्योगिक इकाइयों को व्यापक स्तर पर कुशल मानव संसाधन की सख्त जरूरत है। इसके विपरीत, हिमाचल के योग्य और तकनीकी रूप से सक्षम युवा सही मार्गदर्शन, सूचना और सीधे अवसरों की कमी के चलते बाहर नहीं निकल पाते। इसी फासले को पाटने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर विदेशी कंपनियों से संपर्क साधा और उन्हें यहां आकर सीधी भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए आमंत्रित किया, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के सीमित साधनों के बीच युवाओं को एक मजबूत वैश्विक मंच मिल सके।\n\nपहले चरण की सफलता और दूसरे मेले का आयोजन\nइस सिलसिले का पहला रोजगार मेला 14 अगस्त को आयोजित किया गया था, जिसमें तकरीबन 500 युवाओं को विदेशी कंपनियों में काम करने के लिए चुना गया। पहले चरण में चयनित युवाओं का शुरुआती दल कार्यभार संभालने के लिए विदेश रवाना भी हो चुका है। पहले आयोजन की सफलता को देखते हुए गुरुवार को इस दूसरे रोजगार मेले का मंच सजाया गया, जिसमें युवाओं का भारी उत्साह देखने को मिला।\n\nतकनीकी पदों पर इंटरव्यू और आकर्षक वेतनमान\nइस भर्ती प्रक्रिया के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों श्रेणियों के पदों के लिए साक्षात्कार लिए गए। इनमें प्रमुख रूप से प्लंबर, मैकेनिकल, कंप्यूटर ऑपरेटर और इलेक्ट्रीशियन सहित कई अन्य विधाओं से जुड़े पद शामिल रहे। साक्षात्कार देने वाले युवाओं के परिणाम कंपनियों द्वारा बाद में घोषित किए जाएंगे। चंद्रमोहन शर्मा ने स्पष्ट किया कि जितने भी युवा परीक्षण में सफल घोषित होंगे, उन सभी को रोजगार वीजा के साथ संबंधित देशों में भेजा जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को उनके पद और दक्षता के आधार पर 40 हजार से 80 हजार रुपये के बीच मासिक वेतन मिलेगा।\n\nकिन देशों में काम करने का मिलेगा अवसर\nरोजगार मेले में सफल रहने वाले युवाओं को गल्फ देशों और व्यापक मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तैनाती दी जाएगी। जिन देशों में मुख्य रूप से अवसर तैयार किए गए हैं, उनमें दुबई और कुवैत के अलावा सऊदी अरब, ओमान, कतर और बहरीन शामिल हैं। विभिन्न देशों के औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में स्थानीय युवाओं को अपनी विशेषज्ञता दिखाने और आर्थिक रूप से खुद को मजबूत करने का यह सीधा रास्ता बनकर उभरा है।\n\nइसका आप पर असर\nइस भर्ती अभियान से पहाड़ी राज्य के तकनीकी कामगारों के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार और बेहतर आय के सीधे दरवाजे खुल गए हैं।\n\n• भारत में: खाड़ी देशों में भारतीय तकनीकी कामगारों की निरंतर मांग से विदेशी मुद्रा प्रवाह और कुशल प्रवासन को नई मजबूती मिलती है। इससे घरेलू बाजार में सीमित अवसरों के बीच कामगारों को विदेशी वेतनमान हासिल करने का रास्ता मिलता है।\n• हिमाचल प्रदेश में: मंडी और आसपास के युवाओं को प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और कंप्यूटर जैसे ट्रेडों में 40 हजार से 80 हजार रुपये तक का मासिक वेतन कमाने का सीधा अवसर मिला है। स्थानीय स्तर पर सीमित औद्योगिक नौकरियों के बीच यह पहल युवाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेरोजगारी कम करने में मददगार साबित होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों की कमी के चलते युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए सामाजिक स्तर पर विदेशी नियोक्ताओं को सीधे इलाके में आमंत्रित करने का रास्ता चुना गया।\n\n• सीधा कारण: क्षेत्र के युवाओं को सीधे विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने के मकसद से सरकाघाट में इस दूसरे रोजगार मेले का आयोजन किया गया। स्थानीय स्तर पर सही मार्गदर्शन और कंपनियों के साथ सीधे संपर्क की कमी को पाटने के लिए यह पहल की गई।\n• पृष्ठभूमि और स्थितियां: विदेशों में औद्योगिक और निर्माण परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में कुशल कर्मियों की आवश्यकता है। दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश में रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं होने से हुनरमंद युवा बाहर जाने के सही मौकों से वंचित रह जाते थे।\n• पिछला घटनाक्रम: इसी पहल के तहत 14 अगस्त को पहला रोजगार मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 500 युवाओं का चयन हुआ था। उन चयनित उम्मीदवारों का पहला जत्था पहले ही विदेश रवाना हो चुका है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सरकाघाट रोजगार मेले में कितनी कंपनियों ने भाग लिया?\nइस रोजगार मेले में मिडिल ईस्ट और गल्फ देशों की 12 कंपनियों के विदेशी इंजीनियरों ने युवाओं का साक्षात्कार लिया।\n\n2. इस मेले में कुल कितने युवाओं ने आवेदन किया था?\nइस रोजगार मेले में 1500 से अधिक युवाओं ने शामिल होकर विदेश में नौकरी के लिए आवेदन किया।\n\n3. चयनित युवाओं को कितना मासिक वेतन मिलेगा?\nचयनित उम्मीदवारों को 40 हजार से 80 हजार रुपये के बीच मासिक वेतन मिलेगा।\n\n4. किन-किन पदों और ट्रेडों के लिए इंटरव्यू लिए गए?\nमेले में मुख्य रूप से प्लंबर, मैकेनिकल, कंप्यूटर ऑपरेटर और इलेक्ट्रीशियन सहित अन्य संबंधित तकनीकी पदों के लिए इंटरव्यू लिए गए।\n\n5. युवाओं को किन देशों में काम करने का मौका मिलेगा?\nसफल अभ्यर्थियों को कुवैत और दुबई के अलावा सऊदी अरब, ओमान, कतर और बहरीन में रोजगार के अवसर मिलेंगे।\n\n6. सरकाघाट में पहला रोजगार मेला कब आयोजित हुआ था और उसमें कितने लोग चुने गए थे?\nपहला रोजगार मेला 14 अगस्त को आयोजित हुआ था, जिसमें लगभग 500 युवाओं का चयन हुआ था और उनका पहला बैच विदेश जा चुका है।\n\nप्रेरणा और सबक\nयह पहल दिखाती है कि कैसे व्यक्तिगत प्रयासों और स्पष्ट सोच के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मौकों से जोड़ा जा सकता है।\n\n• समस्या का व्यावहारिक समाधान: रोजगार की कमी पर केवल निर्भर रहने के बजाय सीधे वैश्विक नियोक्ताओं से संपर्क साधकर स्थानीय स्तर पर समाधान निकाला गया।\n• कौशल को सही मंच: प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और कंप्यूटर जैसे बुनियादी तकनीकी हुनर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा आर्थिक बदलाव ला सकते हैं, बशर्ते उन्हें सही दिशा मिले।\n• सामूहिक भागीदारी: एक सफल चरण के बाद प्रयासों को निरंतर बनाए रखने से बड़े पैमाने पर समुदाय और युवाओं का भरोसा बढ़ता है।",
  "url": "https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachal-ke-yuvaon-ko-khari-deshon-men-naukari-ka-mauka-sarkaghat-men-12-videshi-knpaniyon-ne-liya-1500-yuvaon-ka-intaravyu-41802",
  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-02",
  "tags": [
    "सरकाघाट",
    "मंडी",
    "हिमाचल प्रदेश",
    "रोजगार मेला",
    "विदेश में नौकरी",
    "गल्फ जॉब्स",
    "चंद्रमोहन शर्मा"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}