{
  "type": "article",
  "title": "हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में कितना चढ़ावा, जानिए किसके पास है सबसे ज्यादा सोना और चांदी",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की तरफ से भारी मात्रा में सोना और चांदी दान की गई है। राज्य के 30 मंदिरों की तिजोरियों में कुल मिलाकर 6.25 क्विंटल से अधिक सोना और 254 क्विंटल चांदी जमा हो चुकी है।",
  "content": "देश-विदेश से देवभूमि आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट करने के लिए मंदिरों में खुलकर कीमती धातुएं अर्पित कर रहे हैं। इस बात का खुलासा हुआ है कि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर अब तक भारी भंडार जमा हो चुका है। विभिन्न मंदिरों के खातों और रिकॉर्ड के मुताबिक कुल मिलाकर 6.25 क्विंटल सोना इन संस्थानों के पास पहुंच चुका है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 958 करोड़ रुपये बैठती है। भक्तजन लगातार शक्तिपीठों और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों पर सोने और चांदी के आभूषण के साथ मूल्यवान वस्तुएं दान कर रहे हैं।\n\nसालभर में हुआ भारी इजाफा\nकेवल एक साल यानी वर्ष 2025 के दौरान ही श्रद्धालुओं ने इन धार्मिक केंद्रों पर 10.858 किलो सोना और 9.15 क्विंटल से ज्यादा चांदी बतौर चढ़ावा चढ़ाई। इसके बाद दिसंबर 2025 के अंत तक मंदिरों के पास मौजूद कुल सोने की मात्रा बढ़कर 6 क्विंटल 25 किलो और 843 ग्राम हो गई। इसी तरह चांदी का कुल आंकड़ा भी बढ़कर 254 क्विंटल, 69 किलो और 129 ग्राम तक जा पहुंचा है, जो भक्तों की गहरी श्रद्धा का प्रमाण है।\n\nचिंतपूर्णी और नैना देवी सबसे आगे\nविभिन्न मंदिरों की बात करें तो ऊना का विख्यात चिंतपूर्णी मंदिर इस मामले में सबसे ऊपर है जहां प्रबंधन के पास करीब 2.17 क्विंटल सोना और 82 क्विंटल चांदी सुरक्षित रखी है। इसके बाद बिलासपुर स्थित नैना देवी मंदिर का स्थान आता है जहां श्रद्धालुओं ने लगभग 2.10 क्विंटल सोना और करीब 89.35 क्विंटल चांदी अर्पित की है। कांगड़ा के ज्वालाजी मंदिर में लगभग 50 किलो सोना और 20 क्विंटल से अधिक चांदी मौजूद है, जबकि बज्रेश्वरी देवी मंदिर के पास लगभग 37 किलो सोना और 15.45 क्विंटल चांदी का संग्रह है। हमीरपुर स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में भी करीब 30 किलो सोना और 3.82 क्विंटल चांदी भक्तों द्वारा दान दी जा चुकी है। इसके अलावा सिरमौर के माता बालासुंदरी मंदिर में 18 किलो सोना और 29.71 क्विंटल चांदी तथा कांगड़ा के चामुंडा देवी मंदिर में 20 किलो सोना और 7.82 क्विंटल चांदी जमा हुई है। प्रदेश के अन्य तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में भी इस तरह का कीमती चढ़ावा लगातार पहुंच रहा है।\n\nसरकारी नियंत्रण वाले मंदिर और नकदी का दान\nहिमाचल प्रदेश में कुल 36 ऐसे मंदिर हैं जिनका सीधा संचालन और प्रबंधन सरकार के हाथ में है। इन सरकारी नियंत्रण वाले संस्थानों में पिछले तीन वर्षों के भीतर कुल मिलाकर 419.88 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दान स्वरूप प्राप्त हुई है। इस संबंध में आंकड़े हिमाचल विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान सामने आए जब शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के एक सवाल पर सरकार की तरफ से लिखित जवाब पेश किया गया।\n\nकिस मंदिर को मिला सबसे ज्यादा नकद दान\nसरकार की ओर से दिए गए ब्योरे के अनुसार साल 2024, 2025 और साल 2026 में एक अगस्त तक के समय में सबसे अधिक वित्तीय चढ़ावा हमीरपुर के दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर को मिला है जहाँ कुल 99.19 करोड़ रुपये आए। इसके बाद दूसरे पायदान पर बिलासपुर का नैना देवी मंदिर रहा जिसे 86.94 करोड़ रुपये हासिल हुए। ज्वालामुखी मंदिर को 36.57 करोड़ रुपये, महामाया बाला सुंदरी मंदिर को 26.99 करोड़ रुपये, बज्रेश्वरी देवी मंदिर को 13.76 करोड़ रुपये, चामुंडा नंदिकेश्वर मंदिर एवं आदि हिमानी समूह को 11.68 करोड़ रुपये और शिमला के जाखू हनुमान मंदिर को 8.82 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। अगर साल-दर-साल कुल आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2024 में 153.32 करोड़ रुपये, वर्ष 2025 में 157.51 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में एक अगस्त तक 109.04 करोड़ रुपये श्रद्धालुओं ने अर्पित किए।\n\nदान राशि का उपयोग और प्रबंधन\nमंदिरों में आने वाली इस सारी आय का प्रबंधन और खर्च हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्था एवं पूर्त विन्यास अधिनियम, 1984 के तय नियमों के आधार पर किया जाता है। इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से तीर्थस्थलों के विकास कार्यों, वहां आने वाले यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, कर्मचारियों के वेतन भुगतान, पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, रखरखाव और परिसरों के सौंदर्यीकरण पर होता है। इसके अतिरिक्त साफ-सफाई रखने, शौचालय बनवाने, पार्किंग विकसित करने, स्ट्रीट लाइट लगाने, लंगर चलाने, शिक्षण संस्थानों की सहायता करने, गौशालाओं का संचालन करने तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं मेलों के आयोजन पर भी यह राशि खर्च की जाती है।\n\nइसका आप पर असर\nहिमाचल प्रदेश के मंदिरों में आने वाले भारी चढ़ावे और सोने-चांदी के भंडारों का सीधा असर राज्य के धार्मिक पर्यटन और बुनियादी विकास पर पड़ता है।\n\n• भारत में: देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों में बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाते हैं। इन चढ़ावे की राशियों से तीर्थस्थलों पर बुनियादी ढांचे का विकास होता है।\n• हिमाचल प्रदेश में: राज्य के इन 36 सरकारी नियंत्रित मंदिरों से मिलने वाले फंड का उपयोग स्थानीय विकास, सड़क, पार्किंग, पेयजल और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया जाता है। इससे धार्मिक नगरों की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में कुल कितना सोना जमा हो चुका है?\nहिमाचल के प्रमुख मंदिरों में अब तक 6.25 क्विंटल से अधिक सोना जमा हो चुका है।\n\n2. मंदिरों के पास कुल कितनी चांदी का भंडार है?\nश्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चांदी का कुल भंडार 254 क्विंटल से अधिक पहुंच गया है।\n\n3. किस मंदिर के पास सबसे ज्यादा सोना मौजूद है?\nऊना के प्रसिद्ध चिंतपूर्णी मंदिर के पास सबसे अधिक लगभग 2.17 क्विंटल सोना जमा है।\n\n4. सरकार के नियंत्रण में हिमाचल में कितने मंदिर आते हैं?\nहिमाचल प्रदेश में 36 ऐसे मंदिर हैं जिनका प्रबंधन सीधे तौर पर सरकार के अधीन है।\n\n5. पिछले तीन वर्षों में सरकारी मंदिरों में कुल कितना नकद दान आया है?\nइन 36 मंदिरों में पिछले तीन वर्षों के दौरान कुल 419.88 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा आया है।\n\n6. सबसे अधिक नकद दान किस मंदिर को प्राप्त हुआ है?\nहमीरपुर के दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर को सबसे अधिक 99.19 करोड़ रुपये का दान मिला है।\n\n7. मंदिरों में मिलने वाले दान का उपयोग किस कानून के तहत होता है?\nयह राशि हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्था एवं पूर्त विन्यास अधिनियम, 1984 के प्रावधानों के अनुसार खर्च की जाती है।",
  "url": "https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachal-pradesh-ke-mndiron-men-kitana-charhava-janie-kisake-pasa-hai-sabase-jyada-sona-aura-chandi-24973",
  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-08-31",
  "tags": [
    "हिमाचल प्रदेश मंदिर",
    "सोना और चांदी दान",
    "चिंतपूर्णी मंदिर",
    "नैना देवी मंदिर",
    "बाबा बालक नाथ",
    "धार्मिक चढ़ावा",
    "हिमाचल सरकार"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}