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  "type": "article",
  "title": "हिमाचल प्रदेश में चक्रवाती असर और पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम, 29 और 30 अक्तूबर को बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट",
  "summary": "बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान और सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमाचल प्रदेश में 29 और 30 अक्तूबर को आंधी, बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है।",
  "content": "पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में जल्द ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती सिस्टम और उत्तर हरियाणा के ऊपर सक्रिय होने वाली मौसमी हलचल के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है। पिछले 24 घंटों में राज्य का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहा, लेकिन शिमला के नारकंडा पीक पर इस सीजन की पहली हल्की बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है। 27 अक्टूबर 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है, जिसके असर से 29 और 30 अक्तूबर को मौसम खराब रहने और दोनों दिन बारिश व हिमपात को लेकर येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है।\n\nतापमान में उतार-चढ़ाव और लाहौल स्पीति में कड़ाके की ठंड\nशिमला मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा 26 अक्तूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, हालांकि कुछ चुनिंदा स्थानों पर पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। ऊंचाई वाले इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस 3 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि मध्य पर्वतीय इलाकों में यह 6 से 13 डिग्री सेल्सियस और निचले मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान की बात करें तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारा 10 से 16 डिग्री, मध्य पर्वतीय इलाकों में 19 से 28 डिग्री और निचले इलाकों में 23 से 31 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहा। सोमवार को राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रहा।\n\n28 अक्तूबर तक खिली रहेगी धूप, फिर बदलेगा मिजाज\nमौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 से 28 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। सोमवार को भी राज्यभर में अच्छी धूप खिली रही और अगले 3 से 4 दिनों के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम व अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी क्योंकि उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती सिस्टम बनने और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से 29 अक्तूबर से मौसम तेजी से पलटेगा।\n\nजिलों के अनुसार अलर्ट और बारिश-बर्फबारी की स्थिति\n29 और 30 अक्तूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना जताई गई है। जिलेवार स्थिति देखें तो 29 अक्तूबर को ऊना, बिलासपुर, सोलन, किन्नौर और लाहौल स्पीति में किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जबकि प्रदेश के बाकी सात जिलों में मौसम काफी खराब रहने की आशंका है। इसके अगले दिन यानी 30 अक्तूबर को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में बारिश तथा बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि बाकी जिलों में मौसम सामान्य और साफ रहने का पूर्वानुमान है।\n\nइसका आप पर असर\nहिमाचल प्रदेश में 29 और 30 अक्तूबर को होने वाले मौसमी बदलाव से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की दैनिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।\n\n• हिमाचल प्रदेश में: कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में 29 और 30 अक्तूबर को बारिश, बर्फबारी और आंधी की चेतावनी है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों को सावधानी बरतने और संभावित फिसलन से बचने के निर्देश दिए गए हैं।\n• पर्यटन पर प्रभाव: नारकंडा में पहली बर्फबारी के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। शिमला और कुल्लू की यात्रा की योजना बना रहे सैलानियों को गर्म कपड़ों का पर्याप्त इंतजाम करना होगा।\n• कृषि और बागवानी: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे जाने से फसलों पर पाला पड़ सकता है। किसानों और बागवानों को अपनी खुली फसलों और बगीचों की सुरक्षा के उपाय करने होंगे।\n• दैनिक तापमान: अगले तीन से चार दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की अस्थायी बढ़ोतरी होगी, लेकिन बारिश के बाद ठंड तेजी से बढ़ेगी। लोगों को अचानक बदलने वाले मौसम और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम बिगड़ने के पीछे दो अलग-अलग वायुमंडलीय प्रणालियों का एक साथ असरदार होना मुख्य कारण है।\n\n• चक्रवाती हलचल: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान का प्रभाव उत्तरी हरियाणा तक पहुंचेगा। इसके सक्रिय होने से हवाओं की दिशा और नमी का प्रवाह हिमाचल के निचले और मध्य भागों की ओर मुड़ रहा है।\n• पश्चिमी विक्षोभ: 27 अक्टूबर 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। यह प्रणाली ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में बादल, बारिश और बर्फबारी को प्रेरित करेगी।\n• मौसमी प्रणालियों का मेल: इन दोनों मौसमी गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव के चलते 29 और 30 अक्तूबर को गरज-चमक के साथ आंधी और वर्षण की परिस्थितियां उत्पन्न होंगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हिमाचल प्रदेश में किन तारीखों के लिए बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट है?\nमौसम विभाग ने 29 और 30 अक्तूबर को बारिश, बर्फबारी और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।\n\n2. राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान कहां और कितना दर्ज किया गया?\nसोमवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।\n\n3. 30 अक्तूबर को किन जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी है?\n30 अक्तूबर को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट रहेगा।\n\n4. सीजन की पहली बर्फबारी हिमाचल में कहां दर्ज की गई?\nरविवार को शिमला जिले के नारकंडा पीक पर इस सीजन का पहला हल्का हिमपात दर्ज किया गया।",
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  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-26",
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