# हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट जारी

> हिमाचल प्रदेश में पिछले एक हफ्ते में सामान्य से 27 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनी दी है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-07-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachal-pradesh-men-manasuna-ka-kahara-agale-kuchha-dinon-men-bhari-barisha-aura-barha-ka-alarta-jari-6082 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, मानसून, भारी बारिश, भूस्खलन, मौसम विभाग

हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब अपने पूरे जोर पर हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के ज्यादातर हिस्सों में 13 जुलाई तक झमाझम बारिश होने की आशंका है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि राज्य के विभिन्न इलाकों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है और कई स्थानों पर सड़कों के बंद होने की खबरें सामने आई हैं।

## कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने विशेष रूप से चंबा, मंडी, सोलन और सिरमौर जैसे जिलों के लिए गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अतिरिक्त कांगड़ा, शिमला और कुल्लू में भी सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के अनुसार, राज्य में 1 जुलाई को मानसून ने पूरी तरह से दस्तक दी थी और तब से लगभग सभी जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। अगले सात दिनों तक यह मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की उम्मीद है, जिससे कुछ विशेष इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।

## बीते 24 घंटों का हाल और अगले कुछ दिन
पिछले एक दिन में मंडी, सिरमौर और कांगड़ा के क्षेत्रों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मंडी के जोगिंद्रनगर में 83 मिलीमीटर के करीब पानी बरसा है, जबकि शिमला, बिलासपुर और हमीरपुर में भी मध्यम स्तर की बारिश दर्ज हुई। विभाग की मानें तो सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में अगले 4 से 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रह सकती है। चंबा में 11 जुलाई को विशेष रूप से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में भी मानसून का प्रभाव 15 से 16 जुलाई तक बना रहने के संकेत हैं, जबकि मध्य पहाड़ियों में यह 22 से 23 जुलाई तक सक्रिय रहेगा। जुलाई के आखिर में बारिश के जोर में कुछ कमी आने की संभावना है।

## सामान्य से 27 प्रतिशत अधिक बारिश
वर्षा के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 1 जुलाई से 7 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश में 51 मिलीमीटर के सामान्य औसत के मुकाबले करीब 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य आंकड़ों से 27 प्रतिशत ज्यादा है। आने वाले समय में भी मौसम विभाग ने सामान्य से अधिक बारिश की संभावना जताई है।

## प्रशासन और आम जनता के लिए दिशा-निर्देश
लगातार हो रही बारिश ने भूस्खलन, मलबे का गिरना, अचानक बाढ़ और नदी-नालों के जलस्तर में एकाएक वृद्धि का खतरा पैदा कर दिया है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने के चलते यातायात भी प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने आम लोगों से नदी-नालों के करीब न जाने और खराब मौसम में बेवजह यात्रा न करने की अपील की है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए मौसम विभाग लगातार जिला प्रशासन और राज्य सरकार के साथ आगामी सात दिनों के मौसम अलर्ट के साथ तीन घंटे के शॉर्ट टर्म अपडेट भी साझा कर रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भूस्खलन और बंद सड़कों के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

**हिमाचल प्रदेश में:** स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने और खराब मौसम में अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. हिमाचल में मानसून के दौरान सबसे ज्यादा खतरा किन चीजों का है?
लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, मलबे का गिरना, अचानक बाढ़ और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा सबसे अधिक है।

### 2. पिछले एक हफ्ते में सामान्य से कितनी ज्यादा बारिश हुई है?
1 से 7 जुलाई के बीच हिमाचल में सामान्य से करीब 27 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

### 3. मौसम विभाग का भारी बारिश का अलर्ट किन जिलों के लिए है?
मौसम विभाग ने चंबा, मंडी, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और कांगड़ा जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है।

### 4. आम जनता को प्रशासन की ओर से क्या सलाह दी गई है?
लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की गई है।

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