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  "type": "article",
  "title": "हिमाचल प्रदेश में नारला से बिजणी के बीच नया सुपर हाईवे शुरू, मंडी से पधर का सफर अब 25 मिनट में",
  "summary": "भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मंडी जिले में 545 करोड़ रुपये की लागत वाला 19 किलोमीटर लंबा नया खंड जनता के लिए खोल दिया है, जिससे यात्रा का समय घटकर आधा रह गया है।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में सफर करने वाले मुसाफिरों और स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मंडी जिले के भीतर पड़ने वाले 19 किलोमीटर लंबे नारला-बिजणी सुपर हाईवे को आधिकारिक तौर पर वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू कर दिया है। इस आधुनिक सड़क गलियारे के खुल जाने के बाद अब मंडी से नारला तक का सफर तय करने में केवल 20 से 25 मिनट का समय लगेगा, जिससे पर्वतीय इलाकों में आवागमन पहले की तुलना में बेहद सुगम हो गया है।\n\nबरसात के नुकसान और मरम्मत के बाद मिली बड़ी राहत\nइस पूरे मार्ग पर यातायात शुरू होने से पहले वाहनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। बीते समय में मैगल पुल के पूरी तरह बहाल न होने और मानसून के मौसम में पुलों की व्यापक मरम्मत के चलते यह राजमार्ग बंद पड़ा हुआ था। बरसात के खत्म होने के बाद प्रशासन ने इसे टांडू से नारला तक ही चालू किया था, जिसके कारण वाहन चालकों को टांडू से आगे पुराने और संकरे रास्ते से होकर मंडी पहुंचना पड़ रहा था। अब पठानकोट-मंडी फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत तैयार इस 19 किलोमीटर लंबे हिस्से के पूरी तरह बहाल होने से बीड़ बिलिंग, कांगड़ा, पधर, धर्मशाला, मंडी और मनाली आने-जाने वाले हजारों मुसाफिरों को सीधी सहूलियत मिलेगी।\n\nचार पुलों की बहाली पूरी, द्रंग पुल का नया ढांचा होगा तैयार\nइस सुपर हाईवे परियोजना के तहत निर्मित कुल पांच प्रमुख पुलों में से चार पुलों को पूरी तरह दुरुस्त कर यातायात योग्य बना दिया गया है। भारी बारिश के दौरान जमीन धंसने की वजह से यहां के ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए थे। अब केवल द्रंग में स्थित पुल का निर्माण नए सिरे से किया जाना बाकी है। इसके लिए गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी नए सिरे से डिजाइन तैयार करवा रही है, ताकि भविष्य में भूस्खलन जैसी आपदाओं से इस ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके।\n\n545 करोड़ की लागत और समय की भारी बचत\nसामरिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद अहम पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे के इस 19 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण पर कुल 545 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस अहम परियोजना का टेंडर 20 जुलाई 2022 को अवार्ड किया गया था, जबकि धरातल पर काम 4 नवंबर 2024 को शुरू हुआ था। नए 12 मीटर चौड़े हाईवे के तैयार होने से मंडी से पधर के बीच की दूरी पौने चार किलोमीटर घट गई है। जहां पुराना घुमावदार मार्ग लगभग 23 किलोमीटर लंबा था, वहीं यह नया सीधा और सपाट गलियारा सिमटकर करीब 19 किलोमीटर रह गया है। नतीजतन, जिस दूरी को तय करने में पहले एक घंटे का वक्त लगता था, वह सफर अब सिर्फ 25 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।\n\nइसका आप पर असर\nइस नए मार्ग के खुलने से स्थानीय यात्रियों और पर्यटकों के यात्रा समय में 35 मिनट से अधिक की सीधी बचत होगी।\n\n• भारत में: कांगड़ा घाटी, बीड़ बिलिंग और मनाली जाने वाले देश भर के पर्यटकों को अब पहाड़ी घुमावों से राहत मिलेगी और सुगम सफर का अनुभव होगा। पर्यटन और माल ढुलाई से जुड़े वाहनों का ईंधन और समय दोनों बचेगा।\n• हिमाचल प्रदेश में: मंडी और पधर के बीच रोजाना आवागमन करने वाले स्थानीय निवासियों का सफर अब एक घंटे से घटकर महज 25 मिनट रह जाएगा। बेहतर सड़क संपर्क से घाटी में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और कृषि उत्पादों के परिवहन को गति मिलेगी।\n• वाहन चालकों के लिए: पुराने घुमावदार 23 किलोमीटर लंबे मार्ग की जगह 12 मीटर चौड़ा और सीधा 19 किलोमीटर का कॉरिडोर मिलने से दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा। सीधी सड़क पर वाहन चलाने से गाड़ियों के रख-रखाव का खर्च और ईंधन की खपत भी घटेगी।\n• व्यापार और पर्यटन के लिए: धर्मशाला और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से स्थानीय होमस्टे और टैक्सी चालकों का कारोबार बढ़ेगा। सुगम पहुंच के कारण सप्ताहांत में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबरसात के मौसम में हुए भूस्खलन और पुलों के क्षतिग्रस्त होने के बाद मरम्मत का काम पूरा होने पर इस नए हिस्से को यातायात के लिए खोला गया है।\n\n• मानसून का नुकसान: बारिश के दिनों में भारी जमीन धंसने के चलते मैगल पुल और अन्य संरचनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके चलते सुरक्षा कारणों से इस पूरे हिस्से को लंबे समय तक बंद रखना पड़ा था।\n• पुलों की बहाली: सुपर हाईवे पर बने पांच में से चार पुलों की तकनीकी मरम्मत पूरी होने के बाद ही सड़क को वाहनों के लिए सुरक्षित घोषित किया गया। टांडू से नारला के बीच वैकल्पिक व्यवस्था खत्म कर अब पूरी 19 किलोमीटर सड़क खोली गई है।\n• पुनर्निर्माण की आवश्यकता: द्रंग स्थित पुल जमीन धंसने से अत्यधिक प्रभावित हुआ था, जिसके चलते उसे पुराने स्वरूप में चालू करने के बजाय नए डिजाइन से दोबारा बनाने का निर्णय लिया गया। गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी इस पुल के लिए नया ढांचा तैयार कर रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नारला-बिजणी सुपर हाईवे के इस हिस्से की कुल लंबाई कितनी है?\nइस नवनिर्मित सुपर हाईवे खंड की कुल लंबाई 19 किलोमीटर है और इसकी चौड़ाई 12 मीटर है।\n\n2. इस 19 किलोमीटर लंबे हाईवे निर्माण में कुल कितनी लागत आई है?\nइस परियोजना के निर्माण पर कुल 545 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।\n\n3. मंडी से पधर के सफर में समय की कितनी बचत होगी?\nपहले इस दूरी को तय करने में 1 घंटा लगता था, जो अब घटकर मात्र 20 से 25 मिनट रह गया है।\n\n4. पुराने और नए रास्ते की दूरी में कितना अंतर आया है?\nपुराना मार्ग 23 किलोमीटर लंबा था जबकि नया मार्ग 19 किलोमीटर का है, जिससे दूरी पौने चार किलोमीटर कम हो गई है।\n\n5. सुपर हाईवे के पांच में से कितने पुल पूरी तरह बहाल हो चुके हैं?\nकुल पांच में से चार पुल पूरी तरह बहाल हो चुके हैं, जबकि द्रंग पुल का नए सिरे से निर्माण किया जाएगा।\n\n6. द्रंग के पुल का नया डिजाइन कौन सी कंपनी तैयार कर रही है?\nद्रंग के क्षतिग्रस्त पुल का नया डिजाइन गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी तैयार करवा रही है।",
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  "publishedAt": "2026-11-04",
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  "whyItHappened": "बरसात के मौसम में हुए भूस्खलन और पुलों के क्षतिग्रस्त होने के बाद मरम्मत का काम पूरा होने पर इस नए हिस्से को यातायात के लिए खोला गया है।\n\n• मानसून का नुकसान: बारिश के दिनों में भारी जमीन धंसने के चलते मैगल पुल और अन्य संरचनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके चलते सुरक्षा कारणों से इस पूरे हिस्से को लंबे समय तक बंद रखना पड़ा था।\n• पुलों की बहाली: सुपर हाईवे पर बने पांच में से चार पुलों की तकनीकी मरम्मत पूरी होने के बाद ही सड़क को वाहनों के लिए सुरक्षित घोषित किया गया। टांडू से नारला के बीच वैकल्पिक व्यवस्था खत्म कर अब पूरी 19 किलोमीटर सड़क खोली गई है।\n• पुनर्निर्माण की आवश्यकता: द्रंग स्थित पुल जमीन धंसने से अत्यधिक प्रभावित हुआ था, जिसके चलते उसे पुराने स्वरूप में चालू करने के बजाय नए डिजाइन से दोबारा बनाने का निर्णय लिया गया। गाबर कंस्ट्रक्शन कंपनी इस पुल के लिए नया ढांचा तैयार कर रही है।",
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