हिमाचल प्रदेश में समय से पहले बर्फबारी और भारी बारिश से बढ़ी ठंड, लेह मनाली हाईवे बंद हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर में ही कड़ाके की सर्दी ने दस्तक दे दी है, जहां सिस्सू में ताजा बर्फबारी के बाद लेह मनाली हाईवे को बंद करना पड़ा और कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने सामान्य जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। अक्टूबर के महीने में ही राज्य भर में दिसंबर जैसी ठिठुरन महसूस होने लगी है, क्योंकि इस बार सर्दी का आगमन तय समय से काफी पहले हो गया है। जनजातीय जिले लाहौल स्पीति के सिस्सू में मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया, जिससे समूची घाटी सफेद चादर में लिपट गई है। वहीं मैदानी और निचले क्षेत्रों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। कांगड़ा जिले के बैजनाथ में सुबह के वक्त हुई भारी बारिश से पूरे इलाके के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 15 अक्टूबर की सुबह से ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए हुए थे और मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश तथा बर्फबारी की शुरुआत हो गई। लाहौल घाटी में बर्फबारी से यातायात प्रभावित, कई प्रमुख सड़कें बंद लाहौल स्पीति जिले के सिस्सू क्षेत्र में सुबह से लगातार बर्फ गिर रही है। सिस्सू के एक स्थानीय होटल कर्मी लक्की ने बताया कि सुबह से हो रही बर्फबारी के चलते इलाके में ठंड बेहद बढ़ गई है, हालांकि मौसम के इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए अच्छी संख्या में पर्यटक भी लाहौल स्पीति पहुंच रहे हैं। बर्फबारी के कारण पर्वतीय मार्गों पर फिसलन और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। लाहौल स्पीति जिला आपदा प्रबंधन के अनुसार, बर्फ जमने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लेह मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को दारचा से आगे एहतियातन बंद कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त दारचा से शिंकुला की ओर जाने वाला मार्ग भी बर्फबारी की भेंट चढ़ गया है और मनाली काजा सड़क संपर्क भी पूरी तरह ठप हो गया है। आपदा प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि केवल उदयपुर की ओर जाने वाला रास्ता ही वाहनों के लिए खुला रखा गया है। दस जिलों में आंधी तूफान का ऑरेंज अलर्ट, कड़ाके की ठंड की चेतावनी मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 15 अक्टूबर के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर बाकी 10 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार सिरमौर, हमीरपुर, मंडी, शिमला, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की आशंका है, जिसके चलते इन छह जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा चंबा, लाहौल स्पीति और सोलन में हल्की बारिश और बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है। 14 अक्टूबर को लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 0.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 17 अक्टूबर तक मौसम का यह कड़ा रुख बना रहेगा, जिसके बाद 18 से 20 अक्टूबर के बीच पूरे प्रदेश में धूप खिलने और मौसम साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का यह भी आकलन है कि इस बार दशहरे से दिवाली के दौरान मॉनसून जैसी बारिश देखने को मिलेगी, जिससे आने वाले विंटर मॉनसून में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड का दौर देखने को मिलेगा। इसका आप पर असर हिमाचल प्रदेश में समय से पहले हुई बर्फबारी और भारी बारिश से स्थानीय निवासियों, यात्रियों और पर्यटकों के लिए यात्रा जोखिम और सर्दी बढ़ गई है। • भारत में यात्रियों के लिए: लेह और लद्दाख की ओर जाने वाले पर्यटकों और ट्रांसपोर्टरों को अपनी यात्रा योजना तुरंत टालनी होगी। दारचा, शिंकुला और काजा जाने वाले मार्ग बंद होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वाहन लेकर जाने से बचें। • हिमाचल प्रदेश में: स्थानीय नागरिकों और किसानों को अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान और तापमान में तेज गिरावट के लिए तैयार रहना होगा। 17 अक्टूबर तक ऑरेंज और येलो अलर्ट के चलते घरों में गर्म कपड़ों का प्रबंध कर लें और फिसलन भरी पहाड़ी सड़कों पर अनावश्यक सफर से बचें। • पर्यटन व्यवसायियों के लिए: सिस्सू में सीजन की पहली बर्फबारी से सैलानियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। होटल और होमस्टे संचालकों को कमरे गर्म रखने और पर्यटकों को बंद मार्गों की सही जानकारी देने के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। • पहाड़ी वाहन चालकों के लिए: सड़क पर बर्फ की परत जमने से फिसलन का गंभीर खतरा बना हुआ है। केवल उदयपुर मार्ग ही सुचारू है, इसलिए किसी भी आपातकालीन सफर से पहले स्थानीय आपदा प्रबंधन की ताजा सूचना जरूर जांचें। ऐसा क्यों हुआ पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी बदलाव के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में समय से पहले सक्रिय हुए दबाव तंत्र ने भारी बारिश और बर्फबारी को प्रेरित किया है। • मौसम प्रणाली का बदलाव: चक्रवाती परिसंचरण और पर्वतीय आर्द्रता के कारण 15 अक्टूबर की सुबह से ही राज्य भर में घने बादल छा गए थे। इसके परिणामस्वरूप मैदानी इलाकों में तेज आंधी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमाच्छादन शुरू हो गया। • तापमान में भारी गिरावट: 14 अक्टूबर को ही लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में रात का तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। इस तीव्र शीतलन ने ऊपरी वायुमंडल में नमी को तुरंत बर्फ में तब्दील कर दिया। • विंटर मॉनसून की सक्रियता: मौसम विभाग के अनुसार इस बार दशहरे और दिवाली के मध्य मॉनसून जैसी बारिश की स्थितियां बन रही हैं। यह मौसमी चक्र समय से पहले शीत ऋतु के आगमन को गति दे रहा है। सवाल-जवाब 1. हिमाचल प्रदेश में सीजन की पहली बर्फबारी कहां दर्ज की गई? लाहौल स्पीति जिले की घाटी में स्थित सिस्सू में इस मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। 2. बर्फबारी के चलते कौन-कौन से मुख्य मार्ग बंद कर दिए गए हैं? लेह मनाली नेशनल हाईवे दारचा से आगे बंद है, इसके अलावा दारचा-शिंकुला मार्ग और मनाली-काजा सड़क भी बर्फबारी के कारण बंद कर दी गई है। 3. क्या लाहौल स्पीति में कोई मार्ग अभी भी खुला हुआ है? जिला आपदा प्रबंधन के अनुसार उदयपुर की ओर जाने वाला रास्ता वाहनों की आवाजाही के लिए खुला रखा गया है। 4. मौसम विभाग ने किन जिलों में भारी बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट दिया है? सिरमौर, हमीरपुर, मंडी, शिमला, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश और आंधी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 5. हिमाचल प्रदेश में मौसम कब तक खराब रहने का अनुमान है? मौसम 17 अक्टूबर तक खराब रहने की संभावना है, जिसके बाद 18 से 20 अक्टूबर के बीच पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। 6. कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान कितना दर्ज किया गया? 14 अक्टूबर को लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachal-pradesh-men-samaya-se-pahale-barphabari-aura-bhari-barisha-se-barhi-thnda-leh-manali-highway-bnda-47735 TrendKia — Har trend, sabse pehle.