हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में झड़प के बाद बैग से मिले हथियार, डीएसपी की फटकार और सात छात्र गिरफ्तार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लॉ विभाग में हुए टकराव के बाद कुलपति कार्यालय में बैग चेकिंग के दौरान हथियार मिलने पर पुलिस ने सात युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के दो पक्षों के बीच हुई तीखी भिड़ंत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। विश्वविद्यालय के विधि यानी लॉ विभाग में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी एसएफआई से जुड़े छात्र नेताओं और सामान्य छात्रों के बीच टकराव हुआ। हालात बिगड़ते ही कैंपस में तनाव फैल गया, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा की कमान संभाल रहे डीएसपी गौरी दत्त शंकर पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे। कुलपति कार्यालय में तलाशी और धारदार हथियारों की बरामदगी विवाद बढ़ने पर लॉ विभाग से जुड़े कई छात्र सीधे कुलपति कार्यालय पहुंच गए। वहां सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए छात्रों के सामान की सघन तलाशी शुरू की। जांच के दौरान कुछ छात्र नेताओं के बैग से धारदार हथियार बरामद किए गए। जब अधिकारियों ने हथियारों को लेकर सवाल किए, तो वहां मौजूद छात्र नेता अपना पल्ला झाड़ते नजर आए और दावा करने लगे कि यह बैग उनका नहीं बल्कि किसी दूसरे छात्र का है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारियों का गुस्सा भड़क गया। डीएसपी की तीखी फटकार और वीडियो फुटेज हथियार मिलने के बाद डीएसपी गौरी दत्त शंकर ने छात्रों को कड़ी फटकार लगाई और उनके आचरण पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछताछ करते हुए सख्त लहजे में कहा कि क्या कसाई हो तुम, जो इस तरह हथियार लेकर यूनिवर्सिटी में पढ़ने और मर्डर करने आते हो। इस पूरी घटना और पूछताछ का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस अधिकारी छात्रों से जवाब-तलब करते और उन्हें अनुशासन का पाठ पढ़ाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने पर क्यूआरटी ने सात को दबोचा कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान कुछ युवकों ने पुलिसकर्मियों के सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद त्वरित प्रतिक्रिया टीम यानी क्यूआरटी ने तुरंत एक्शन लेते हुए सात युवकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें बालूगंज पुलिस थाने पहुंचाया। पकड़े गए युवकों की पहचान इस प्रकार दर्ज की गई है • मंडी जिले के करसोग निवासी कमलेश, जिनके पिता का नाम लाभ सिंह है। • सिरमौर जिले के शिलाई निवासी प्रवेश, जिनके पिता फकीर चन्द हैं। • चम्बा जिले के चूराह निवासी मुकेश, जिनके पिता का नाम सुखदेव है। • शिमला जिले के ननखड़ी निवासी आशीष, जिनके पिता जोगिन्द्र हैं। • कुल्लू सदर निवासी किशोर कुमार, जिनके पिता का नाम जीत राम है। • मंडी जिले के थुनाग निवासी हैप्पी, जिनके पिता वीर सिंह हैं। • चम्बा जिले के चूराह निवासी चमन, जिनके पिता का नाम सुखदेव है। जांच प्रक्रिया और कैंपस का तनावपूर्ण माहौल हिरासत में लिए गए सभी सातों आरोपियों का नियमानुसार चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उन्हें थाने की हवालात में रखा गया, जिसके बाद उन्हें सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन लॉ विभाग में हुई हिंसक झड़प और बैग में मिले धारदार हथियारों के पूरे नेटवर्क की तहकीकात कर रहा है। विश्वविद्यालय में सुरक्षा का संकट इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इस घटना से ठीक दो दिन पहले भी कैंपस के भीतर खूनी झड़प हो चुकी थी। इसका आप पर असर विश्वविद्यालय परिसर में हथियार बरामदगी और छात्रों की गिरफ्तारी से कैंपस सुरक्षा और अनुशासन संबंधी नियमों पर तत्काल असर पड़ा है। • भारत में: उच्च शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक छात्र गुटों के बीच हिंसक घटनाओं पर निगरानी बढ़ाने को लेकर देश भर के शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा मानक कड़े हो सकते हैं। छात्रों और अभिभावकों के लिए हॉस्टल व कैंपस अनुशासन नियमों की समीक्षा अनिवार्य हो सकती है। • हिमाचल प्रदेश में: शिमला स्थित विश्वविद्यालय में लगातार दूसरे हिंसक विवाद के बाद परिसर में चेकिंग और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। हॉस्टल में रहने वाले आम छात्रों को पहचान पत्र जांच और आवाजाही पर कड़ी पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा। • छात्रों के लिए: आपराधिक मामलों या पुलिस कार्रवाई में नाम आने वाले विद्यार्थियों पर अनुशासनात्मक निष्कासन का खतरा मंडरा रहा है। कानूनी विवाद में फंसने से युवाओं के भविष्य के करियर और सरकारी सत्यापन पर असर पड़ सकता है। • प्रशासन के लिए: विश्वविद्यालय सुरक्षा विंग को संवेदनशील विभागों और कुलपति कार्यालय के आसपास स्थायी सुरक्षा व्यवस्था तय करनी होगी। बाहरी तत्वों के कैंपस में अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए नए नियम बनाए जा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ विश्वविद्यालय परिसर में यह टकराव छात्र संगठनों के बीच आपसी रंजिश और कानून विभाग में शुरू हुई तनातनी के चलते पैदा हुआ। • सीधा कारण: लॉ विभाग के भीतर एसएफआई से जुड़े छात्र नेताओं और अन्य छात्रों के बीच तीखी कहासुनी हुई जो देखते ही देखते हाथापाई और झड़प में बदल गई। इसके बाद कुलपति कार्यालय पहुंचे कुछ छात्रों के बैग से धारदार हथियार मिले और पुलिस से उलझने की कोशिश की गई। • पहले की घटनाएं: विश्वविद्यालय में यह कोई अलग-थलग घटना नहीं थी क्योंकि ठीक दो दिन पहले भी परिसर में दो गुटों के बीच गंभीर खूनी झड़प दर्ज की गई थी। उस तनाव के चलते छात्र गुट पहले से ही टकराव की स्थिति में थे। • प्रशासनिक कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही क्यूआरटी और डीएसपी मौके पर पहुंचे और जांच में असहयोग व बाधा डालने पर सात युवकों को पकड़ लिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हथियारों को किस मंशा से बैग में छिपाकर प्रशासनिक भवन तक लाया गया था। सवाल-जवाब 1. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विवाद किस जगह शुरू हुआ? यह विवाद विश्वविद्यालय के लॉ विभाग में एसएफआई से जुड़े छात्र नेताओं और अन्य छात्रों के बीच शुरू हुआ था। 2. छात्रों के बैग की तलाशी कहां ली गई और क्या बरामद हुआ? छात्रों के बैग की तलाशी कुलपति कार्यालय के पास ली गई, जहां बैग से धारदार हथियार बरामद किए गए। 3. हथियार मिलने पर डीएसपी ने छात्रों से क्या कहा? डीएसपी गौरी दत्त शंकर ने छात्रों को फटकारते हुए पूछा कि क्या कसाई हो तुम और क्या ऐसे पढ़ने तथा मर्डर करने आते हो। 4. पुलिस ने कितने युवकों को गिरफ्तार किया है? पुलिस के काम में बाधा डालने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में क्यूआरटी ने सात युवकों को गिरफ्तार किया है। 5. गिरफ्तार किए गए युवक किन-किन जिलों के रहने वाले हैं? गिरफ्तार युवक मंडी, सिरमौर, चम्बा, शिमला और कुल्लू जिलों के निवासी हैं। 6. क्या विश्वविद्यालय में इससे पहले भी कोई हिंसक घटना हुई थी? हां, इस घटना से ठीक दो दिन पहले भी विश्वविद्यालय परिसर में एक खूनी झड़प की घटना सामने आई थी। https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachal-pradesh-university-men-jharapa-ke-bada-baiga-se-mile-hathiyara-dsp-ki-phatakara-aura-sata-chhatra-giraphtara-36971 TrendKia — Har trend, sabse pehle.