हिमाचल में सीएम पर जमीन और उपकरण खरीद में घोटाले का आरोप लगाने वाले भाजपा विधायक आशीष शर्मा पर पुलिस केस दर्ज हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके परिवार पर भूमि सौदे व चिकित्सा उपकरणों की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले हमीरपुर सदर के भाजपा विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखे तेवर दिखाना सदर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक आशीष शर्मा के लिए कानूनी मुश्किलें लेकर आया है। हमीरपुर के सदर पुलिस थाने में विधायक के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने यह कदम एपीएमसी हमीरपुर के चेयरमैन अजय शर्मा की ओर से मिली औपचारिक शिकायत के आधार पर उठाया है। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस टीम ने मामले की गहन पड़ताल आरंभ कर दी है। गांधी चौक पर भाजपा का प्रदर्शन और गंभीर आरोप यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम बुधवार को हमीरपुर जिला मुख्यालय पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया। प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ गांधी चौक पर आयोजित इस धरने और रोष रैली में हमीरपुर विधायक आशीष शर्मा के साथ भोरंज की पूर्व विधायक कमलेश कुमारी, भाजपा के जिला पदाधिकारी तथा हमीरपुर मंडल के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। धरने के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने वर्तमान सरकार पर जनता से किए गए वादों से मुकरने और शासन स्तर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप जड़े। इसी मंच से विधायक आशीष शर्मा ने सीधे मुख्यमंत्री और उनके परिजनों पर सरकारी विभागों को जमीन बेचने तथा अनुचित लाभ कमाने के आरोप लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। जमीन सौदे और रोबोटिक सर्जरी उपकरणों में कमीशन का दावा रैली को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के परिवार ने पूर्व में लगभग 750 कनाल जमीन महज 70 हजार रुपये में खरीदी थी। शर्मा के अनुसार, इसके बाद इस भूमि को 10 लाख 60 हजार रुपये में मुख्यमंत्री के नाम स्थानांतरित किया गया। विधायक ने दावा किया कि बाद में सरकारी विभाग को सौंपने के लिए इसी भूमि का मूल्यांकन करीब 73 करोड़ रुपये तय किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि महज कुछ ही महीनों के अंतराल में इस संपत्ति के मूल्यांकन में इतनी भारी बढ़ोतरी कैसे हो गई, इसका जवाब सरकार के मुखिया को देना चाहिए। इसके साथ ही विधायक ने स्वास्थ्य विभाग में रोबोटिक सर्जरी के लिए खरीदे गए चिकित्सा उपकरणों के मामले में भी वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए। आशीष शर्मा ने कहा कि इन आधुनिक उपकरणों की खरीद निर्धारित दरों से अधिक दामों पर की गई, जिसमें लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये का कमीशन खाया गया है। राजनीतिक कटाक्ष करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पहले बातें होती थीं कि पांच सूटकेस आते हैं, जिनमें से तीन दिल्ली और दो शिमला जाते हैं, लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि हर महीने पचास सूटकेस आ रहे हैं, जिनमें से चालीस दिल्ली और दस शिमला भेजे जा रहे हैं। इसी सार्वजनिक बयानबाजी को आधार बनाकर अब उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। विपक्ष के नेताओं पर कानूनी शिकंजा हिमाचल प्रदेश की सियासत में भाजपा के नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों की कड़ी में यह नया मामला जुड़ गया है। अब तक भाजपा के तीन नेताओं पर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है, जिसमें विजिलेंस विभाग उनसे दो बार पूछताछ कर चुका है। वहीं, देहरा से पूर्व विधायक होशियार सिंह अपनी ऐच्छिक निधि के वितरण को लेकर जांच एजेंसियों के घेरे में हैं और उनके मामले की भी तफ्तीश चल रही है। अब हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा पर सार्वजनिक मंच से की गई बयानबाजी को लेकर सदर थाने में केस दर्ज होने से राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। इसका आप पर असर इस राजनीतिक टकराव और कानूनी कार्रवाई का राज्य के प्रशासनिक व राजनीतिक माहौल पर सीधा असर पड़ता है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर यह घटनाक्रम राज्यों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सार्वजनिक बयानों पर दर्ज होने वाले मुकदमों की बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करता है। इससे सार्वजनिक मंचों पर भाषण और राजनीतिक जवाबदेही की सीमाओं पर बहस तेज हो सकती है। • हिमाचल प्रदेश में: राज्य के मतदाताओं के लिए यह मामला सरकारी जमीनों के मूल्यांकन और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी खरीद की पारदर्शिता से जुड़ा है। विपक्ष पर बढ़ते मुकदमों के चलते विधानसभा और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जगह राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। • आम जनता के लिए: नागरिकों के लिए अस्पतालों में लगने वाले महंगे रोबोटिक सर्जरी उपकरणों और सरकारी जमीन सौदों की वित्तीय निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसे मामलों में जांच से यह तय होगा कि सार्वजनिक धन का उपयोग नियमों के तहत हुआ है या नहीं। • राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए: विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के लिए सार्वजनिक मंचों पर बिना अदालती प्रमाण के आंकड़े पेश करने पर कानूनी मुकदमे का जोखिम बढ़ गया है। इससे नेताओं को भविष्य में विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपने बयानों के प्रति अधिक सतर्क रहना होगा। ऐसा क्यों हुआ यह कानूनी कार्रवाई हमीरपुर में भाजपा की विरोध रैली के दौरान मंच से मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर लगाए गए वित्तीय आरोपों के चलते हुई है। एपीएमसी हमीरपुर के अध्यक्ष द्वारा दी गई लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया। • सीधा कारण: सदर विधायक आशीष शर्मा ने बुधवार को गांधी चौक पर खुले मंच से मुख्यमंत्री परिवार पर 73 करोड़ रुपये की जमीन और मेडिकल उपकरणों में 10 से 12 करोड़ रुपये के कमीशन का आरोप लगाया था। इस सार्वजनिक बयान पर आपत्ति जताते हुए एपीएमसी चेयरमैन अजय शर्मा ने थाने में शिकायत दी। • पृष्ठभूमि और विवाद: भाजपा ने राज्य सरकार के कथित वादों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के विरोध में जिला स्तरीय रोष प्रदर्शन आयोजित किया था। इस दौरान विधायकों ने पूर्व जमीन सौदों के हस्तांतरण और कुछ ही महीनों में उसके सरकारी मूल्यांकन में हुए भारी अंतर को उजागर करने का दावा किया। • नेताओं पर कार्रवाई का सिलसिला: राज्य में विपक्षी नेताओं पर कानूनी कार्रवाई का यह तीसरा मामला है। इससे पूर्व धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा पर विजिलेंस और देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह पर ऐच्छिक निधि को लेकर मामले पहले से चल रहे हैं। सवाल-जवाब 1. भाजपा विधायक आशीष शर्मा पर केस क्यों दर्ज किया गया है? हमीरपुर में गांधी चौक पर आयोजित भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री और सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के चलते उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 2. विधायक के खिलाफ शिकायत किसने दर्ज कराई है? एपीएमसी हमीरपुर के चेयरमैन अजय शर्मा ने सदर पुलिस थाने में विधायक के बयानों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। 3. विधायक आशीष शर्मा ने जमीन सौदे को लेकर क्या आरोप लगाए थे? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के परिवार ने 70 हजार रुपये में 750 कनाल जमीन खरीदी थी, जिसे बाद में 10 लाख 60 हजार में हस्तांतरित किया गया और फिर सरकार के लिए इसकी कीमत करीब 73 करोड़ रुपये आंकी गई। 4. चिकित्सा उपकरणों की खरीद को लेकर क्या दावा किया गया था? आशीष शर्मा ने दावा किया कि रोबोटिक सर्जरी के उपकरणों की खरीद में तय दर से अधिक पैसे दिए गए और लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये का कमीशन खाया गया। 5. हिमाचल में भाजपा के किन अन्य नेताओं पर मामले दर्ज हैं? धर्मशाला से सुधीर शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है और देहरा से पूर्व विधायक होशियार सिंह ऐच्छिक निधि आवंटन के मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachala-men-cm-para-jamina-aura-upakarana-kharida-men-ghotale-ka-aropa-lagane-vale-bjp-mla-ashish-sharma-para-pulisa-kesa-darja-37661 TrendKia — Har trend, sabse pehle.