हिमाचल में कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महिला को 11 साल बाद पुरानी पेंशन का सहारा, खाते में आएंगे हर माह 18000 रुपये कांगड़ा की 70 वर्षीय रत्नी देवी को सेवानिवृत्ति के 11 साल बाद ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत प्रतिमाह 18,000 रुपये मिलेंगे, जिससे उनके कैंसर के इलाज में बड़ी मदद मिलेगी। हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली के बाद लंबे समय से खाली हाथ बैठे सेवानिवृत्त कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा मिलने का सिलसिला जारी है। कांगड़ा जिले की धर्मशाला से सामने आए एक नए मामले में 70 वर्ष की बुजुर्ग महिला रत्नी देवी को आखिरकार पेंशन का लाभ मिलने जा रहा है। गंभीर बीमारी कैंसर से जूझ रहीं रत्नी देवी वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुई थीं, लेकिन उस समय पेंशन का कोई प्रावधान न होने के कारण उन्हें खाली हाथ रहना पड़ा था। अब व्यवस्था में हुए बदलाव के बाद उनके खाते में प्रतिमाह 18,000 रुपये की सम्मानजनक राशि आएगी, जिसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया है। लंबी सेवा के बाद भी एक दशक तक नहीं मिला कोई सहारा रत्नी देवी के सेवाकाल का इतिहास लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने सरकारी तंत्र में लगभग 15 वर्षों तक वन विभाग के भीतर अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद उनका स्थानांतरण शिक्षा विभाग में हुआ, जहां वे हाई स्कूल सतुआं में कार्यरत रहीं और वहीं से वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुईं। सेवानिवृत्ति के समय लागू व्यवस्था के तहत उन्हें किसी भी प्रकार की मासिक पेंशन नहीं मिल पा रही थी। न्यू पेंशन स्कीम एसोसिएशन के जिला कांगड़ा अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास ने उनके साथ बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रत्नी देवी कैंसर से पीड़ित हैं और उनके संगठन ने वर्ष 2017-18 के दौरान ही उनकी इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। संगठन के प्रतिनिधि त्योहारी मौकों पर भी उनसे मिलकर हौसला बढ़ाते रहे थे। कागजी औपचारिकताएं पूरी, अगले महीने से शुरू होगा भुगतान हाल ही में जब उनके पेंशन के मामले को हरी झंडी मिली, तब वे आवश्यक दस्तावेजों के काम के लिए कार्यालय पहुंचीं। जरूरी कागजात तैयार कर लिए गए हैं और तय प्रक्रिया के अनुसार अगले महीने से उनकी पेंशन का नियमित वितरण शुरू हो जाएगा। पहले जहां उन्हें हर महीने शून्य रुपये मिलते थे, वहीं अब 18,000 रुपये की तय राशि मिलने से वे अपने स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की जरूरतों को बिना किसी पर निर्भर रहे पूरा कर सकेंगी। बुजुर्ग महिला ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था की वापसी से उनका बुढ़ापा सुरक्षित हुआ है और अब उन्हें शासन से कोई शिकायत नहीं बची है। चुनावी वादे से लेकर धरातल पर क्रियान्वयन तक का सफर हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना की बहाली वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी की प्रमुख चुनावी गारंटियों में शामिल थी। सत्ता में आने के बाद राज्य प्रशासन ने 17 अप्रैल 2023 को इस संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर दी थी। इस नीतिगत निर्णय के दायरे में प्रदेश के लगभग 1.30 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक पिछले तीन वर्षों की अवधि में 9,739 सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का सीधा लाभ दिया जा चुका है, जबकि 1,656 दिवंगत कर्मियों के परिजनों को पारिवारिक पेंशन की सुरक्षा प्रदान की गई है। इसका आप पर असर सेवानिवृत्ति के लंबे अंतराल के बाद भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना बुजुर्गों और उनके परिवारों के लिए जीवनयापन का ठोस वित्तीय आधार तैयार करता है। • हिमाचल प्रदेश में: राज्य के लगभग 1.30 लाख सेवारत कर्मचारियों और हजारों सेवानिवृत्त कर्मियों को भविष्य में नियमित मासिक पेंशन मिलने का भरोसा मिला है। इसके तहत जनवरी 2026 तक 9,739 सेवानिवृत्त कर्मचारियों और 1,656 दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को वित्तीय मदद दी जा चुकी है। • कांगड़ा में: स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए 18,000 रुपये की मासिक पेंशन चिकित्सा खर्च उठाने में सीधे मददगार साबित होगी। आश्रितों पर वित्तीय निर्भरता कम होगी और गंभीर बीमारियों का इलाज समय पर कराना संभव होगा। • पेंशनभोगियों के लिए: पुराने लंबित मामलों में कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अगले महीने से बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। कर्मचारियों को अपने संबंधित विभागों में दस्तावेज दुरुस्त रखने की सलाह दी जाती है। • आश्रित परिवारों के लिए: योजना के तहत मृतक कर्मियों के परिवारों को पारिवारिक पेंशन दी जा रही है। इससे कमाने वाले सदस्य के न रहने पर भी घर का नियमित खर्च बिना रुकावट चलता रहता है। ऐसा क्यों हुआ यह मामला लंबे समय से शून्य पेंशन पर रह रहे सेवानिवृत्त कर्मियों को नई नीतिगत बहाली के तहत शामिल करने के प्रशासनिक निर्णय की वजह से संभव हुआ है। • नीतिगत बहाली: राज्य सरकार ने 2022 विधानसभा चुनाव के वादे को निभाते हुए 17 अप्रैल 2023 को पुरानी पेंशन योजना लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इसी कानूनी आदेश के आधार पर पहले पेंशन से वंचित रहे पात्र कर्मियों को दायित्व सूची में जोड़ा गया। • कर्मचारी संगठन का प्रयास: न्यू पेंशन स्कीम एसोसिएशन ने वर्ष 2017-18 से ही रत्नी देवी के मामले को निरंतर उठाया था। लंबे समय तक संगठन की पैरवी और कागजी प्रक्रिया पूरी कराने के चलते यह मामला प्रशासन की मंजूरी तक पहुंचा। • दस्तावेजी सत्यापन: हाल ही में पेंशन मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। दस्तावेज पूरे होते ही अगले महीने से निर्धारित पेंशन राशि जारी करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। सवाल-जवाब 1. रत्नी देवी कौन हैं और उन्हें किस योजना का लाभ मिला है? रत्नी देवी 70 वर्षीय कैंसर पीड़िता हैं, जो शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुई थीं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन मंजूर हुई है। 2. रत्नी देवी को प्रतिमाह कितनी पेंशन मिलेगी? उन्हें हर महीने 18,000 रुपये की पेंशन मिलेगी, जबकि इससे पहले उन्हें 11 वर्षों से कोई पेंशन नहीं मिल रही थी। 3. रत्नी देवी ने किन विभागों में अपनी सेवाएं दी थीं? उन्होंने 15 वर्ष तक वन विभाग में सेवा दी और उसके बाद हाई स्कूल सतुआं से वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुईं। 4. हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना की अधिसूचना कब जारी हुई थी? हिमाचल सरकार ने 17 अप्रैल 2023 को पुरानी पेंशन योजना लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। 5. राज्य में अब तक कितने सेवानिवृत्त कर्मियों को ओपीएस का लाभ मिल चुका है? 31 जनवरी 2026 तक पिछले तीन वर्षों में 9,739 सेवानिवृत्त कर्मियों को पुरानी पेंशन और 1,656 परिवारों को फैमिली पेंशन प्रदान की गई है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/himachala-men-kainsara-pirita-bujurga-mahila-ko-11-sala-bada-purani-penshana-ka-sahara-khate-men-aenge-hara-maha-18000-rupaye-44531 TrendKia — Har trend, sabse pehle.