हिमाचल प्रशासनिक सेवा और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा एक ही तारीख पर टकराईं, उम्मीदवारों ने उठाई तारीख बदलने की मांग हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक सेवा और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की तिथियां 13 दिसंबर 2026 को टकराने से उम्मीदवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा कार्यक्रम में फेरबदल करने की गुहार लगाई है। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे हजारों अभ्यर्थियों के सामने एक अजीबोगरीब धर्मसंकट पैदा हो गया है। प्रदेश में दो बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन एक ही दिन तय होने से उम्मीदवार भारी तनाव में हैं। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का 22वां संस्करण, दोनों ही 13 दिसंबर 2026 के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस टकराव की वजह से कई उम्मीदवारों को अपनी मेहनत और अवसरों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। दो प्रमुख भर्ती परीक्षाओं का कार्यक्रम टकराया केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के 22वें संस्करण को लेकर आधिकारिक वेबसाइट पर वर्ष 2026 की परीक्षा समय सारिणी से संबंधित अधिसूचना पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी है। इसी बीच हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से भी हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 के संबंध में विस्तृत विज्ञापन निकाला गया और परीक्षा तिथियों को लेकर प्रेस नोट जारी किया गया। जब दोनों संस्थाओं के आधिकारिक कार्यक्रम सामने आए, तो यह स्पष्ट हुआ कि दोनों अहम परीक्षाएं ठीक एक ही तारीख यानी 13 दिसंबर 2026 को आयोजित हो रही हैं। उम्मीदवारों की मेहनत और आर्थिक लागत पर असर मंडी जिले के प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि वे इन दोनों परीक्षाओं की तैयारी महीनों से कर रहे हैं। कई ऐसे युवा हैं जिन्होंने अपनी योग्यता के अनुसार दोनों ही परीक्षाओं के लिए विधिवत फॉर्म भरे हैं। दोनों परीक्षाओं के लिए अलग अलग आवेदन शुल्क का भुगतान किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रशासनिक सेवा और शिक्षण क्षेत्र दोनों ही उनके भविष्य और करियर के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण हैं। एक ही तारीख पर दोनों परीक्षाएं होने से उम्मीदवारों को मजबूरी में किसी एक ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा, जिसका सीधा मतलब है कि उन्हें दूसरे बड़े अवसर से हाथ धोना पड़ेगा। इस पूरी प्रक्रिया में समय के साथ साथ अभ्यर्थियों के आर्थिक संसाधन भी दांव पर लगे हुए हैं। आयोग से परीक्षा तिथि आगे पीछे करने की गुहार इस विकट स्थिति को देखते हुए अभ्यर्थियों ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परीक्षा कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने का जोरदार आग्रह किया है। उम्मीदवारों की मांग है कि राज्य प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा की तारीख में मामूली बदलाव किया जाए, जिससे दोनों परीक्षाओं में बैठने की योजना बना रहे परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिल सके। छात्रों का कहना है कि आयोग यदि परीक्षा की तारीख को कुछ दिन आगे या पीछे खिसका दे, तो किसी भी अभ्यर्थी का साल खराब नहीं होगा और न ही उन्हें किसी एक परीक्षा को जबरन छोड़ना पड़ेगा। इसका आप पर असर इस परीक्षा टकराव से हिमाचल प्रदेश के उन सभी प्रतियोगी छात्रों के अवसर और पैसे सीधे प्रभावित हो रहे हैं जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए अलग अलग फॉर्म भरे हैं। • भारत में: केंद्रीय स्तर पर सीटेट की 22वीं परीक्षा में बैठने वाले राष्ट्रीय अभ्यर्थियों के लिए यह तय कार्यक्रम है। दूसरे राज्यों के छात्र अपनी सामान्य योजना जारी रख सकते हैं। • हिमाचल प्रदेश में: राज्य के अभ्यर्थियों को 13 दिसंबर 2026 को किसी एक परीक्षा को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। तारीख न बदलने पर छात्रों की महीनों की तैयारी और आवेदन शुल्क का नुकसान तय है। • आगामी कदम: प्रभावित उम्मीदवारों को आयोग के जवाब या आधिकारिक संशोधन अधिसूचना पर नजर रखनी होगी। आयोग की ओर से तारीख बदलने पर ही दोनों परीक्षाओं में बैठने की अनुमति मिल पाएगी। • तैयारी रणनीति: अभ्यर्थियों को अभी दोनों परीक्षाओं के सामान्य और विषय आधारित पाठ्यक्रमों की पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। निर्णय आने तक अपनी प्राथमिक परीक्षा का चुनाव सावधानी से करके रखें। ऐसा क्यों हुआ यह समस्या दो अलग अलग परीक्षा संस्थाओं द्वारा एक ही दिन अपने अपने परीक्षा कार्यक्रम जारी करने के कारण पैदा हुई है। • सीधा कारण: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के 22वें संस्करण और हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा दोनों के लिए 13 दिसंबर 2026 की तारीख तय की गई। आधिकारिक अधिसूचनाओं के जारी होते ही तिथियों का यह टकराव सामने आया। • संबंधित संस्थाओं का तालमेल: केंद्रीय संस्था और राज्य लोक सेवा आयोग के अलग अलग स्वायत्त ढांचे होने से परीक्षा कैलेंडर तय करते समय समन्वय नहीं हो सका। दोनों संस्थाओं ने स्वतंत्र रूप से अपने अपने प्रेस नोट और विज्ञापन जारी किए। • छात्रों की स्थिति: शिक्षक पात्रता और प्रशासनिक सेवा दोनों में रुचि रखने वाले मंडी और अन्य जिलों के अभ्यर्थियों ने दोनों में आवेदन किया था। दोनों पक्षों के सामने आने के बाद अब आयोग से राहत की उम्मीद की जा रही है। सवाल-जवाब 1. हिमाचल प्रदेश में कौन सी दो परीक्षाएं एक ही दिन टकरा रही हैं? हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का 22वां संस्करण एक ही दिन टकरा रहे हैं। 2. दोनों परीक्षाओं के लिए कौन सी तारीख तय की गई है? दोनों ही प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन 13 दिसंबर 2026 को निर्धारित किया गया है। 3. परीक्षार्थी किस बात को लेकर परेशान हैं? परीक्षार्थियों ने दोनों परीक्षाओं के लिए अलग अलग आवेदन शुल्क भरा है और एक ही तारीख होने से उन्हें किसी एक परीक्षा को छोड़ना पड़ेगा। 4. अभ्यर्थियों ने आयोग से क्या मांग की है? अभ्यर्थियों ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से आग्रह किया है कि प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तारीख को कुछ दिन आगे या पीछे खिसकाया जाए। https://trendkia.com/himachal-pradesh/hpas-aura-ctet-eka-hi-tarikha-para-takarain-ummidavaron-ne-uthai-tarikha-badalane-ki-manga-41266 TrendKia — Har trend, sabse pehle.