ज्वालामुखी में श्मशानघाट पर बवाल: नितिका की जलती चिता के बीच पत्थरबाजी, मायकेवालों की मांग हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी में पंचायत प्रधान की पत्नी नितिका चौधरी के अंतिम संस्कार के दौरान जमकर पथराव हुआ। मायके पक्ष के लोगों ने दहेज वापसी की मांग को लेकर हंगामा किया और विधायक संजय रतन के खिलाफ भी नारेबाजी की। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी के अंतर्गत आने वाले इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब भाटी बोहन पंचायत के प्रधान कपिल देव की पत्नी नितिका चौधरी के अंतिम संस्कार के दौरान जमकर हिंसा भड़क उठी। यह पूरी घटना तब सामने आई जब एक तरफ श्मशानघाट में मृतका की चिता जल रही थी और दूसरी तरफ दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चलने लगे। इस खौफनाक हंगामे के बीच वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को भी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा और कई लोग इस झड़प में घायल हो गए। दहेज और गहनों को लेकर बढ़ा विवाद इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मुख्य रूप से मायके पक्ष की नाराजगी जुड़ी हुई है। मायकेवालों का सीधा आरोप था कि उन्होंने शादी के दौरान जो दान-दहेज और बहुमूल्य गहने दिए थे, उन्हें तुरंत वापस लौटाया जाए। सूत्रों के अनुसार, जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी, तभी बड़ी संख्या में मायके पक्ष की महिलाएं और अन्य लोग अचानक श्मशानघाट में आ धमके और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। दूसरी तरफ, ससुराल पक्ष का यह दावा था कि नितिका लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी और इसी बीमारी के कारण उसकी जान गई है। पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद बिगड़े हालात प्रशासन को पहले से ही अंदेशा था कि अंतिम संस्कार के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ सकता है, इसलिए पुलिस बल को पहले से ही श्मशानघाट पर तैनात किया गया था। हालांकि, पथराव इतना अचानक और तीव्र था कि तैनात पुलिसकर्मियों को भी अपने सिर बचाकर सुरक्षित स्थान पर छिपना पड़ा। हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी और काफी देर की जद्दोजहद के बाद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति पर काबू पाया गया। इस दौरान गुस्साई भीड़ ने स्थानीय विधायक संजय रतन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की, क्योंकि मायकेवालों का यह भी आरोप था कि उन्हें उनकी बेटी का आखिरी बार चेहरा तक नहीं देखने दिया गया था। अस्पताल में भर्ती रहने के बाद हुई थी मौत घटना की पृष्ठभूमि कुछ दिन पहले से ही तैयार हो रही थी जब नितिका को 2 नवंबर को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। मृतक नितिका का विवाह करीब दो वर्ष पूर्व पंचायत प्रधान कपिल देव के साथ संपन्न हुआ था। महिला की मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग अस्पताल और फिर ससुराल पहुंच गए, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मायकेवालों ने ससुराल पक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया था शव माहौल को शांत करने के लिए प्रशासन और पुलिस लगातार एक्टिव रही। बुधवार को भी दोनों पक्षों के बीच करीब तीन से चार घंटे तक भारी तनाव बना रहा था। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया और गुरुवार, 5 नवंबर को परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। पुलिस जिला देहरा के एएसपी नवदीप सिंह ने इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि पुलिस प्रशासन हर एक पहलू को ध्यान में रखकर गहराई से जांच-पड़ताल कर रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसका आप पर असर इस घटना से जुड़े स्थानीय घटनाक्रम के कारण आम नागरिकों और राहगीरों को कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। • भारत में: पारिवारिक विवादों और इस तरह की हिंसक घटनाओं से यह संदेश मिलता है कि संवेदनशील मामलों में पुलिस और प्रशासन को समय रहते सख्त कदम उठाने चाहिए। ऐसे मामलों से समाज में तनाव बढ़ने की आशंका रहती है। • ज्वालामुखी में: स्थानीय निवासियों और अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को इस प्रकार के हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा विवाद एक विवाहित महिला की संदिग्ध मौत और उसके बाद दोनों पक्षों के बीच उपजे गहरे अविश्वास के कारण भड़का। • संदिग्ध मौत: नितिका चौधरी की अस्पताल में इलाज के दौरान अचानक हुई मौत ने मायके पक्ष के मन में ससुराल वालों के प्रति गंभीर शंकाएं पैदा कर दीं। • दहेज की मांग: मायकेवालों का यह आक्रोश था कि शादी के दौरान दिए गए गहने और दहेज का सामान उन्हें वापस मिलना चाहिए, जिससे विवाद और गहरा गया। • अंतिम दर्शन का विवाद: मायके पक्ष को यह शिकायत थी कि उन्हें उनकी बेटी का अंतिम चेहरा नहीं दिखाया गया, जिसके कारण श्मशानघाट पर तनाव चरम पर पहुंच गया और पथराव हुआ। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जगह पर हुई? यह घटना हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में हुई। 2. मृतका का नाम क्या था और उसकी शादी कब हुई थी? मृतका का नाम नितिका चौधरी था और उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। 3. नितिका के पति का क्या नाम है? नितिका के पति का नाम कपिल देव है, जो भाटी बोहन पंचायत के प्रधान हैं। 4. अंतिम संस्कार के दौरान क्या हंगामा हुआ? अंतिम संस्कार के दौरान मायके पक्ष के लोगों ने श्मशानघाट पर धावा बोलकर पत्थरबाजी और लाठी-डंडे चलाए। 5. मायके पक्ष की मुख्य मांग क्या थी? मायके पक्ष की मांग थी कि उन्होंने शादी के दौरान जो दहेज और गहने दिए थे, वे उन्हें वापस मिलने चाहिए। 6. पुलिस जिला देहरा के किस अधिकारी ने मामले की पुष्टि की है? पुलिस जिला देहरा के एएसपी नवदीप सिंह ने इस मामले की पुष्टि की है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/jvalamukhi-men-shmashanaghata-para-bavala-nitika-ki-jalati-chita-ke-bicha-pattharabaji-mayakevalon-ki-manga-57058 TrendKia — Har trend, sabse pehle.