कबड्डी स्टार रितु नेगी को हिमाचल सरकार देगी एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार, विवाद के बाद कैबिनेट ने बदला फैसला एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी रितु नेगी का नाम हटाए जाने पर उठे राजनीतिक और सामाजिक विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने यू-टर्न लेते हुए उन्हें एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तिरंगा लहराने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की पूर्व कप्तान रितु नेगी को आखिरकार उनका हक मिलने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ी को एक करोड़ रुपये का नकद ईनाम देने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। हाल ही में जापान में आयोजित एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं इस अनुभवी खिलाड़ी का नाम सम्मान सूची से बाहर कर दिया गया था, जिसके बाद प्रदेश भर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। इस फैसले पर उठे चौतरफा सवालों और राजनीतिक दबाव के बीच राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी रणनीति बदलते हुए संशोधित खेल नीति के तहत उन्हें पुरस्कार देने पर मुहर लगाई। विवाद की जड़ और अंतिम समय में सूची से बाहर हुआ नाम इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब राज्य प्रशासन ने एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को सम्मानित करने की घोषणा की। सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली रितु नेगी की शादी हरियाणा के पानीपत में हुई है। जब सरकार ने एक करोड़ रुपये के नकद प्रोत्साहन के लिए पात्र खिलाड़ियों की सूची जारी की, तो उसमें से अंतिम पलों में रितु का नाम गायब मिला। इस घटनाक्रम ने खिलाड़ी के साथ-साथ उनके परिजनों और खेल प्रेमियों को गहरा झटका दिया। शुरुआती ऐलान के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वर्ण पदक विजेता महिला कबड्डी टीम की अन्य तीन हिमाचली सदस्यों पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर के अलावा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी रेणुका ठाकुर को एक-एक करोड़ रुपये देने की बात कही थी। उसी दल का हिस्सा होने और टीम को स्वर्ण दिलाने में अहम भूमिका निभाने के बावजूद रितु को नजरअंदाज किए जाने से खेल जगत में नाराजगी फैल गई। खिलाड़ी का दर्द और परिवार के तीखे सवाल अचानक हुए इस फैसले से आहत होकर रितु नेगी ने खुलकर अपनी बात रखी और पूरे घटनाक्रम को गहरा अपमान बताया। उन्होंने कहा, "मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि दो दिन में अचानक क्या बदल गया." रितु ने याद दिलाया कि प्रतियोगिता संपन्न होने के ठीक बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर बधाई संदेश लिखा था। इसके अतिरिक्त पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग ठाकुर ने भी फोन करके उनकी उपलब्धि की सराहना की थी। ऐसे में महज अड़तालीस घंटों के भीतर नीतिगत आधार पर उन्हें बाहर कर दिया जाना समझ से परे था। अपने शानदार सफर का ब्योरा देते हुए रितु ने यह रेखांकित किया कि वह लगातार तीन बार एशियाई खेलों में भारत की नुमाइंदगी कर चुकी हैं, जहां उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए हैं। वर्तमान में वह भारतीय रेलवे की सेवा में हैं, लेकिन जब भी घरेलू स्पर्धाओं में उतरने की बात आई, उन्होंने हमेशा हरियाणा के बजाय अपनी जन्मभूमि हिमाचल प्रदेश का ही प्रतिनिधित्व किया। ऐसे में करियर के इस अहम मोड़ पर ऐसा सौतेला बर्ताव उन्हें कचोट रहा था। खिलाड़ी के पिता भवान सिंह नेगी ने भी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या दूसरे राज्य में विवाह हो जाने के बाद कोई बेटी अपने पैतृक राज्य से पराई हो जाती है। पिता ने ध्यान दिलाया कि वर्ष 2023 के एशियाई खेलों में जब रितु ने स्वर्ण पदक जीता था, तब भी उनका विवाह हरियाणा में हो चुका था और उस समय हिमाचल सरकार ने उन्हें नकद पुरस्कार प्रदान किया था। लिहाजा अब नया नियम बनाकर उन्हें वंचित करना तर्कसंगत नहीं था। मामले पर गरमाई राजनीति और विपक्ष के तेवर इस मुद्दे ने जल्द ही सियासी रंग ले लिया और विपक्ष ने इसे हिमाचल की बेटी के सम्मान और प्रदेश के स्वाभिमान से जोड़ दिया। शिलाई से पूर्व भाजपा विधायक और पार्टी के राज्य प्रवक्ता बलदेव सिंह तोमर ने सरकार की तीखी आलोचना की। तोमर ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने राज्य की बेटी की गरिमा को ठेस पहुंचाकर पूरे प्रदेश का गौरव गिराया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया था कि वह बिना किसी देरी के इस निर्णय की समीक्षा करे और खिलाड़ी को उचित सम्मान दे। इसी बीच यह बात भी सामने आई कि राज्य प्रशासन पड़ोसी राज्य हरियाणा के रुख की निगरानी कर रहा था। दरअसल हरियाणा सरकार ने उस समय तक रितु के लिए किसी भी नकद प्रोत्साहन की घोषणा नहीं की थी। जब विवाद बढ़ा, तो प्रदेश के खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने माना कि सूची में हुए फेरबदल की ठोस जानकारी उनके पास नहीं है और वह इस संदर्भ में मुख्यमंत्री से सीधी चर्चा करेंगे। कैबिनेट बैठक में लगी मुहर, बदले नियम बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में खेल नीति के नियमों को व्यापक स्तर पर लचीला बनाया गया। सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता ने जानकारी दी कि 20वें एशियाई खेलों के तमाम पदक विजेताओं के लिए अक्टूबर के महीने में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी टीम की चारों खिलाड़ियों रितु नेगी, पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर को एक-एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार सौंपा जाएगा। सरकार ने अन्य खेलों के पदकवीरों की झोली भी भरी है। पुरुष मैराथन स्पर्धा में रजत पदक हासिल करने वाले सावन बरवाल को दो करोड़ पचास लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं एथलेटिक्स की दस हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा कुमारी को एक करोड़ पचास लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी रेणुका ठाकुर को एक करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि जूडो स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी ताखेलाम्बम इनुनगांबी को तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इन सभी खिलाड़ियों को मिलाकर कुल नौ करोड़ तीन लाख रुपये की भारी-भरकम राशि बांटी जाएगी। खिलाड़ियों के लिए नई नीति और रोजगार का रास्ता मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय टीम स्पर्धाओं में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार व्यवस्था में बड़ा संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत भारतीय टीम में शामिल हिमाचल प्रदेश के सभी पात्र सदस्यों के बीच पुरस्कार राशि बराबर बांटी जा सकेगी। इसके तहत टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के बराबर की पूरी रकम पाने का अधिकार होगा। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर आनुपातिक वितरण की व्यवस्था भी रखी गई है, जिसमें कम से कम पच्चीस प्रतिशत राशि सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहराने वाले खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के विशेष पद सृजित करने की भी मंजूरी दी गई है। इसका आप पर असर इस फैसले से उन महिला एथलीटों को बड़ी राहत मिली है जो विवाह के बाद दूसरे राज्यों में बस जाती हैं और अपने गृह राज्य से प्रोत्साहन राशि पाने से वंचित रह जाती थीं। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों के अधिकारों और खेल नीतियों में वैवाहिक स्थिति को बाधा न बनने देने की एक सकारात्मक मिसाल कायम हुई है। इससे विभिन्न राज्यों में खेलने वाली बेटियों को अपने पैतृक राज्यों से प्रोत्साहन राशि पाने की कानूनी और नीतिगत उम्मीद बढ़ेगी। • हिमाचल प्रदेश में: राज्य की अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता महिला खिलाड़ियों को विवाह के बाद भी गृह राज्य की नीतियों का पूरा वित्तीय लाभ और सम्मान मिलना सुनिश्चित हो गया है। सरकार द्वारा जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के नए पद बनाने से पदकवीरों को सरकारी नौकरी और सुरक्षित भविष्य का सीधा रास्ता मिलेगा। • खेल प्रतिभाओं के लिए: टीम स्पर्धाओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अब व्यक्तिगत पदक विजेताओं के बराबर पूरी राशि या कम से कम 25 प्रतिशत नकद प्रोत्साहन की गारंटी मिलेगी। इसके चलते युवाओं में कबड्डी, क्रिकेट जैसे सामूहिक खेलों को करियर के रूप में चुनने का भरोसा और बढ़ेगा। • प्रशासनिक स्पष्टता: आगामी अक्टूबर माह में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में नौ करोड़ तीन लाख रुपये की कुल राशि सीधे खिलाड़ियों को वितरित की जाएगी। इससे प्रोत्साहन राशि के वितरण में होने वाली प्रशासनिक देरी और नियमों का असमंजस हमेशा के लिए दूर होगा। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम तब उत्पन्न हुआ जब एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता रितु नेगी का नाम नकद पुरस्कार की पहली सूची से अचानक हटा दिया गया। इसके पीछे की मुख्य वजह उनकी शादी दूसरे राज्य में होना और खेल नीति के अस्पष्ट नियम थे। • वैवाहिक स्थिति पर तकनीकी उलझन: सिरमौर की रहने वाली रितु नेगी की शादी हरियाणा के पानीपत में हुई थी, जिसके चलते राज्य खेल विभाग ने नीतिगत अस्पष्टता और पड़ोसी राज्य के रुख को देखते हुए अंतिम समय में उनका नाम सूची से बाहर कर दिया था। हालांकि हरियाणा ने उनके लिए किसी पुरस्कार का ऐलान नहीं किया था। • तीखी सार्वजनिक और राजनीतिक नाराजगी: रितु नेगी के पिता और पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर सहित कई नेताओं ने इसे 'हिमाचल की बेटी' के स्वाभिमान से जोड़ते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। खिलाड़ी द्वारा मीडिया में अपनी व्यथा रखने के बाद सरकार पर भारी दबाव बन गया। • खेल मंत्री की पहल और कैबिनेट सुधार: खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया, जिसके बाद राज्य मंत्रिमंडल ने टीम स्पर्धाओं के नकद पुरस्कार नियमों में तुरंत संशोधन कर इस विवाद का समाधान निकाला। सवाल-जवाब 1. रितु नेगी कौन हैं और उन्हें कितना नकद पुरस्कार मिलेगा? रितु नेगी भारतीय महिला कबड्डी टीम की पूर्व कप्तान और अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ी हैं, जिन्हें हिमाचल प्रदेश सरकार एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देगी। 2. रितु नेगी के नाम को लेकर विवाद क्यों हुआ था? हरियाणा में विवाह होने के आधार पर हिमाचल सरकार ने एशियाई खेलों के पदक विजेताओं की नकद पुरस्कार सूची से अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया था। 3. रितु नेगी ने एशियाई खेलों में क्या उपलब्धि हासिल की है? रितु नेगी लगातार तीन एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, जिनमें उन्होंने दो स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीता है। 4. हिमाचल प्रदेश सरकार कुल कितनी पुरस्कार राशि वितरित करेगी? हिमाचल प्रदेश सरकार 20वें एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को कुल नौ करोड़ तीन लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित करेगी। 5. कबड्डी टीम के अन्य किन खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये मिलेंगे? स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी टीम की खिलाड़ी पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर को भी एक-एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। 6. मैराथन और एथलेटिक्स के विजेताओं को कितनी राशि मिलेगी? पुरुष मैराथन में रजत पदक विजेता सावन बरवाल को दो करोड़ पचास लाख रुपये और दस हजार मीटर दौड़ की कांस्य पदक विजेता सीमा कुमारी को एक करोड़ पचास लाख रुपये मिलेंगे। 7. खिलाड़ियों के लिए सरकार ने कौन से नए पद सृजित किए हैं? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार ने जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के पद सृजित करने की मंजूरी दी है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/kabaddi-stara-ritu-negi-ko-himachal-sarakara-degi-1-karora-rupaye-ka-nakada-puraskara-vivada-ke-bada-cabinet-ne-badala-phaisala-46695 TrendKia — Har trend, sabse pehle.