# कांगड़ा के रानीताल में घट्टा टोल प्लाजा पर भारी विरोध, टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ ग्रामीण उतरे सड़क पर

> हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में घट्टा टोल प्लाजा पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और टोल को पूरी तरह बंद करवा दिया।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-11-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/kangara-ke-ranital-men-ghatta-toll-plaza-para-bhari-virodha-tax-barhotari-ke-khilapha-gramina-utare-saraka-para-57121 · **Language:** Hindi
**Tags:** घट्टा टोल प्लाजा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, टोल टैक्स विरोध, रानीताल, पवन काजल

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रानीताल स्थित घट्टा टोल प्लाजा पर टैक्स दरों में भारी इजाफा किए जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। टोल टैक्स की दरों में अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी के विरोध में आसपास के दर्जनों गांवों के लोग एकजुट होकर सड़क पर उतर आए हैं और इस टोल प्लाजा को यहां से पूरी तरह हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों के इस अचानक और कड़े विरोध प्रदर्शन के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने टोल प्लाजा को जबरन बंद करवा दिया।

## प्रशासन की मौजूदगी और बातचीत
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि तुरंत हरकत में आ गए। मौके पर स्थिति को संभालने के लिए कांगड़ा विधायक पवन काजल और एसडीएम कांगड़ा अंजलि मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से लंबी बातचीत की। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समझाने के बाद हालांकि प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल रास्ते का जाम खोल दिया है, लेकिन ग्रामीण अभी भी मौके पर ही डटे हुए हैं और अपनी मांग पर कायम हैं।

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## टैक्स में भारी बढ़ोतरी और जनता का आक्रोश
घट्टा टोल प्लाजा पर हाल ही में लागू किए गए नए नियमों के तहत कारों और जीपों के लिए एक दिन में आने-जाने का शुल्क अब 100 रुपये तय कर दिया गया है, जबकि इससे पहले यह शुल्क मात्र 35 रुपये हुआ करता था। टैक्स की दरों में सीधे तौर पर की गई इस भारी बढ़ोतरी से आम जनता और वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है, जिसके चलते लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इसके अलावा, जिस शिमला-मटौर नेशनल हाईवे-88 पर यह टोल प्लाजा स्थित है, उसका निर्माण कार्य भी अभी तक अधूरा पड़ा है।

## फोरलेन के इस्तेमाल पर भारी शुल्क का विरोध
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस फोरलेन हाईवे के महज कुछ ही छोटे हिस्से का इस्तेमाल करते हैं, इसके बावजूद उन्हें रोजाना केवल चंद किलोमीटर की आवाजाही के लिए भारी-भरकम टोल चुकाना पड़ रहा है। चंगर क्षेत्र और आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि उन्हें रोजाना देहरा और अस्पताल की तरफ अपने जरूरी कामों से आना-जाना पड़ता है, और हर दिन 100 रुपये का टोल देना उनके लिए आर्थिक रूप से बेहद मुश्किल और असहनीय है।

## महा-आंदोलन और संघर्ष समिति की तैयारी
ग्रामीणों ने पहले ही 6 नवंबर के लिए एक महा-आंदोलन का ऐलान कर रखा था और घट्टा टोल प्लाजा संघर्ष समिति ने हाईवे के किनारे अपने तंबू भी गाड़ दिए हैं। संघर्ष समिति के एक पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह विरोध प्रदर्शन किसी एक व्यक्ति की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे चंगर क्षेत्र और आसपास के सभी प्रभावित लोगों का साझा संघर्ष है। समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि यह लड़ाई काफी लंबी चलने वाली है और इसके लिए सभी ग्रामीणों को पूरी तरह तैयार रहना होगा।

## वार्षिक और मासिक पास के सरकारी नियम
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने हाल ही में टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों को कुछ राहत प्रदान करने की घोषणा की है। नए नियमों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों के लिए 1,500 रुपये में सालाना पास की व्यवस्था की गई है, जबकि म्युनिसिपल क्षेत्रों में आने वाले टोल प्लाजा के दायरे के पात्र लोगों के लिए इसकी कीमत 3,000 रुपये तय की गई है। इसके अलावा चालकों के पास 360 रुपये का मासिक पास बनवाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

## फास्टैग और दायरे की शर्तें
सरकार द्वारा दी जा रही इस विशेष सुविधा का लाभ केवल वही स्थानीय नागरिक उठा सकेंगे जो संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे के भीतर निवास करते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि उनके पास निजी और गैर-व्यावसायिक वाहन होना चाहिए जिस पर वैध तथा सक्रिय फास्टटैग लगा होना अनिवार्य है। वाहन चालक अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार मासिक या फिर सालाना पास का विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन यह पास केवल उसी विशिष्ट टोल प्लाजा पर ही मान्य होगा जहां से इसे जारी किया गया है।

## इसका आप पर असर
टोल टैक्स दरों में भारी बढ़ोतरी का सीधा असर स्थानीय चालकों और दैनिक यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है, जिन्हें अब रोजाना आने-जाने के लिए अधिक पैसे चुकाने होंगे।

- **भारत में:** केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले ग्रामीण और म्युनिसिपल क्षेत्रों के लोग क्रमशः 1,500 रुपये और 3,000 रुपये में सालाना पास खरीद सकते हैं। इसके अलावा 360 रुपये का मासिक पास लेने का विकल्प भी वाहन चालकों के लिए उपलब्ध कराया गया है।
- **कांगड़ा में:** रानीताल के घट्टा टोल प्लाजा पर कार और जीप का एक दिन का शुल्क 35 रुपये से बढ़कर 100 रुपये होने के कारण स्थानीय निवासियों और देहरा तथा अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को भारी आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
टोल प्लाजा पर अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण दरों में भारी इजाफा और अधूरा निर्माण कार्य है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे हाईवे के बहुत छोटे हिस्से का उपयोग करते हैं लेकिन उन्हें इसके लिए भारी शुल्क देना पड़ रहा है।

- **शुल्कों में भारी वृद्धि:** कार और जीप का एक दिन का आने-जाने का टैक्स अचानक 35 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है।
- **अधूरा हाईवे निर्माण:** शिमला-मटौर नेशनल हाईवे-88 का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
- **लंबे संघर्ष की तैयारी:** ग्रामीणों और संघर्ष समिति ने अपनी मांगों के समर्थन में टोल प्लाजा के पास तंबू गाड़कर आंदोलन को लंबा चलाने का ऐलान किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. घट्टा टोल प्लाजा कहां स्थित है?
घट्टा टोल प्लाजा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रानीताल में शिमला-मटौर नेशनल हाईवे-88 पर स्थित है।

### 2. कार और जीप के लिए नया टोल टैक्स कितना कर दिया गया है?
कार और जीप के लिए एक दिन में आने-जाने का टोल टैक्स 35 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है।

### 3. टोल प्लाजा पर प्रदर्शन के दौरान कौन-से नेता मौके पर पहुंचे थे?
प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए कांगड़ा विधायक पवन काजल और एसडीएम कांगड़ा अंजलि मौके पर पहुंचे थे।

### 4. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सालाना टोल पास की कीमत कितनी है?
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों के लिए सालाना टोल पास की कीमत 1,500 रुपये निर्धारित की गई है।

### 5. वार्षिक या मासिक पास के लिए क्या मुख्य शर्त है?
पास का फायदा उठाने के लिए वाहन चालक को टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहना होगा और वाहन पर वैध फास्टटैग होना चाहिए।

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