# कांगड़ा में घट्टा टोल प्लाजा पर दरों में भारी बढ़ोतरी से आक्रोश, अधूरे फोरलेन पर कार की वापसी का शुल्क तिगुना होकर ₹100 हुआ

> कांगड़ा जिले में मटौर-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-88 पर स्थित घट्टा-रानीताल टोल प्लाजा पर नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिससे अधूरे निर्माण के बीच कार की वापसी यात्रा ₹35 से बढ़कर ₹100 हो गई है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/kangra-men-ghatta-tola-plaja-para-daron-men-bhari-barhotari-se-akrosha-adhure-phoralena-para-kara-ki-vapasi-ka-shulka-tiguna-hokar-43723 · **Language:** Hindi
**Tags:** घट्टा टोल प्लाजा, कांगड़ा, मटौर शिमला फोरलेन, टोल टैक्स, एनएचएआई, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मटौर-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-88 पर घट्टा-रानीताल टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने गुरुवार से प्रभावी करते हुए इस प्लाजा पर टोल टैक्स की संशोधित दरें लागू कर दी हैं। इन नए शुल्कों के तहत हल्के निजी वाहनों जैसे कार और जीप के 24 घंटे के भीतर आने-जाने का शुल्क सीधे 35 रुपये से बढ़कर 100 रुपये कर दिया गया है। करीब तीन गुना की इस बढ़ोतरी से क्षेत्र के वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों में जबरदस्त रोष पनप रहा है। लोगों का कहना है कि जिस मार्ग के लिए यह भारी भरकम वसूली शुरू की गई है, उसका निर्माण कार्य अब भी अधूरा पड़ा है और नवनिर्मित सुरंगों को भी आम यातायात के लिए नहीं खोला गया है।

## सड़क खंड की लंबाई और नए नियमों का विवरण
टोल प्लाजा पर नई व्यवस्था 1 अक्टूबर से प्रभावी की गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह टोल चैलबहल से भंगवार तथा भंगवार से कांगड़ा बाइपास तक के मार्ग खंड के लिए वसूला जा रहा है। आधिकारिक नोटिस में इस सड़क की कुल लंबाई का विस्तृत ब्योरा भी साझा किया गया है। इसमें 13.630 किलोमीटर लंबा 4-लेन हिस्सा और 35.745 किलोमीटर लंबा 2-लेन हिस्सा शामिल है। यानी पूरे रास्ते का एक बड़ा हिस्सा अब भी केवल दो लेन का ही है, जिस कारण लोग इस बढ़े हुए शुल्क को अनुचित ठहरा रहे हैं।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और नियमों के पालन के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी सूचना के अनुसार, बिना फास्टटैग वाले वाहनों से यदि यूपीआई के जरिए भुगतान किया जाता है, तो उनसे सामान्य निर्धारित टोल का 1.25 गुना शुल्क वसूला जाएगा। इसके अलावा, मार्ग पर किसी भी तरह की आपातकालीन सहायता की जरूरत पड़ने पर वाहन चालक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करके मदद मांग सकते हैं।

## श्रेणीवार तय किए गए नए टोल शुल्क
विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए टोल की दरें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए 65 रुपये चुकाने होंगे। यदि वाहन 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा करता है, तो कुल शुल्क 100 रुपये लगेगा। नियमित यात्रा करने वालों के लिए 50 एकल यात्राओं की वैधता वाला मासिक पास 2,210 रुपये में उपलब्ध कराया गया है।

हल्के वाणिज्यिक वाहनों, हल्के मालवाहक वाहनों और मिनी बसों के लिए एक तरफ का शुल्क 105 रुपये और उसी दिन वापसी का शुल्क 160 रुपये तय किया गया है। इस श्रेणी के लिए 50 यात्राओं का मासिक पास 3,570 रुपये रखा गया है। दो एक्सल वाली नियमित बसों और ट्रकों को एकल यात्रा के लिए 225 रुपये और वापसी के लिए 340 रुपये देने होंगे, जबकि इनका मासिक पास 7,480 रुपये का होगा।

तीन एक्सल वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए एकल यात्रा शुल्क 245 रुपये, वापसी यात्रा 370 रुपये और 50 यात्राओं का मासिक पास 8,155 रुपये निर्धारित हुआ है। भारी वाहनों की श्रेणी में चार से छह एक्सल वाले ट्रकों के लिए एक तरफ का टोल 350 रुपये और उसी दिन वापसी शुल्क 525 रुपये रहेगा, जिनका मासिक पास 11,725 रुपये रखा गया है। सात या उससे अधिक एक्सल वाले विशालकाय ट्रकों को एक तरफ के लिए 430 रुपये, वापसी के लिए 645 रुपये और 50 यात्राओं के मासिक पास के लिए 14,275 रुपये का भुगतान करना होगा।

## स्थानीय निवासियों के लिए पास और प्रशासन का रुख
आसपास रहने वाले लोगों की सहूलियत के लिए एक विशेष प्रावधान भी रखा गया है। टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गैर-वाणिज्यिक स्थानीय वाहनों के मालिकों के लिए 360 रुपये प्रति माह की दर से मासिक पास उपलब्ध रहेगा। इसी श्रेणी के लिए वर्ष 2026-27 के वार्षिक पास का शुल्क 3,075 रुपये तय किया गया है।

इस बीच, जनता के गुस्से को देखते हुए कांगड़ा की एसडीएम डॉ अंजलि गर्ग ने प्रशासनिक सोशल मीडिया मंच पर जानकारी दी कि टोल प्लाजा के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाली आबादी को अतिरिक्त राहत दिलाने का मुद्दा उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय होने में कुछ वक्त लग सकता है, इसलिए नागरिक संयम और सहयोग बनाए रखें। हालांकि स्थानीय लोग इस पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अंशु जोशी नामक युवा का कहना है कि जो लोग सिर्फ कांगड़ा से रानीताल और आगे देहरा जा रहे हैं, उनसे भी पूरे 65 रुपये वसूलना गलत है और एसडीएम को इस पर एनएचएआई से बात करनी चाहिए। वहीं अभिनव नाम के व्यक्ति ने इसे खुली लूट बताते हुए सवाल किया कि जब सड़क पूरी चालू ही नहीं है और वे हाईवे के एक छोटे से हिस्से का ही प्रयोग करते हैं, तो देहरा जाने और लौटने पर 100 रुपये क्यों दें। उल्लेखनीय है कि इसी मुद्दे पर बीते सप्ताह स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद एसडीएम ने मौके पर जाकर उनसे संवाद किया था।

## इसका आप पर असर
मटौर-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर घट्टा टोल प्लाजा से सफर करने वाले दैनिक यात्रियों और स्थानीय लोगों का सफर अब काफी महंगा हो जाएगा।

- **हिमाचल प्रदेश में:** इस मार्ग से गुजरने वाले कार चालकों को अब एक दिन में आने-जाने के लिए 35 रुपये की जगह सीधे 100 रुपये देने होंगे। इससे नियमित रूप से शिमला या कांगड़ा की ओर आने-जाने वालों के मासिक यात्रा खर्च में बड़ा उछाल आएगा।
- **कांगड़ा में:** टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले स्थानीय गैर-वाणिज्यिक वाहन चालक 360 रुपये प्रति माह का पास बनवा सकते हैं। यह पास स्थानीय लोगों को प्रतिदिन के भारी टोल खर्च से राहत दिलाएगा, जबकि वर्ष 2026-27 का वार्षिक पास 3,075 रुपये में मिलेगा।
- **बिना फास्टटैग वाले चालकों पर:** यदि वाहन चालक के पास फास्टटैग नहीं है और वह यूपीआई से भुगतान करता है, तो उसे निर्धारित दर से 1.25 गुना अधिक शुल्क चुकाना होगा। ऐसे चालकों को अतिरिक्त जुर्माने से बचने के लिए तुरंत अपने वाहन पर सक्रिय फास्टटैग लगाना चाहिए।
- **आपातकालीन सेवा उपयोग:** मार्ग पर किसी भी दुर्घटना या वाहन खराबी की स्थिति में चालकों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन उपलब्ध रहेगी। संकट में फंसे लोग तत्काल सहायता पाने के लिए टोल फ्री नंबर 1033 पर संपर्क कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने चैलबहल से भंगवार और कांगड़ा बाइपास के सड़क हिस्से को आधिकारिक रूप से टोल संग्रह के तहत अधिसूचित कर नई दरें लागू कर दी हैं।

- **राजमार्ग खंड की अधिसूचना:** एनएचएआई ने 13.630 किलोमीटर के फोरलेन और 35.745 किलोमीटर के टू-लेन हिस्से के संचालन को आधार बनाकर नया शुल्क ढांचा तैयार किया है। इसी आधार पर 1 अक्टूबर से इस पूरे कॉरिडोर पर संशोधित दरें लागू की गई हैं।
- **अधूरे निर्माण पर विवाद:** स्थानीय लोगों के भारी विरोध का मुख्य कारण यह है कि सड़क का बड़ा हिस्सा अभी केवल दो लेन का है और नई सुरंगें भी नहीं खोली गई हैं। लोग इस बात से नाराज हैं कि पूरी तरह फोरलेन बने बिना ही उनसे पूर्ण विकसित राजमार्ग का शुल्क वसूला जा रहा है।
- **प्रशासनिक पहल:** जनता के बढ़ते आक्रोश और हालिया प्रदर्शनों के बाद स्थानीय प्रशासन ने 5 किलोमीटर के दायरे के निवासियों को अतिरिक्त छूट देने की मांग उच्चाधिकारियों के समक्ष रखी है। इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम प्रशासनिक निर्णय आना बाकी है।

## सवाल-जवाब

### 1. घट्टा टोल प्लाजा पर कार के 24 घंटे के रिटर्न सफर का नया शुल्क क्या है?
कार, जीप और हल्के मोटर वाहनों के लिए 24 घंटे के भीतर वापसी का शुल्क 35 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है।

### 2. बिना फास्टटैग के यूपीआई से भुगतान करने पर कितना चार्ज लगेगा?
बिना फास्टटैग के यूपीआई द्वारा टोल भुगतान करने पर सामान्य निर्धारित शुल्क का 1.25 गुना चार्ज लिया जाएगा।

### 3. टोल प्लाजा के पास रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए मासिक पास की क्या दर है?
टोल के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों के लिए मासिक पास 360 रुपये प्रति माह रखा गया है।

### 4. साल 2026-27 के लिए स्थानीय लोगों का वार्षिक पास कितने का होगा?
वर्ष 2026-27 के लिए स्थानीय गैर-वाणिज्यिक वाहन स्वामियों के लिए वार्षिक पास का शुल्क 3,075 रुपये तय किया गया है।

### 5. मटौर-शिमला हाईवे पर आपातकालीन सहायता के लिए कौन सा नंबर जारी किया गया है?
किसी भी आपात स्थिति में वाहन चालक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क कर सकते हैं।

### 6. स्थानीय लोग इस टोल बढ़ोतरी का विरोध क्यों कर रहे हैं?
लोग इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि हाईवे का निर्माण कार्य अभी अधूरा है, अधिकांश हिस्सा केवल दो लेन का है और नई सुरंगें भी शुरू नहीं की गई हैं।

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