# कठुआ के सेवा प्रोजेक्ट में सीआईएसएफ जवान ने चलाई अंधाधुंध गोलियां, असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार की मौत

> जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एनएचपीसी जल विद्युत परियोजना पर तैनात सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल ने सर्विस राइफल से गोलीबारी कर अपने चार साथियों की जान ले ली।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/kathua-ke-sewa-projekta-men-cisf-javana-ne-chalai-andhadhundha-goliyan-assistant-commandant-sameta-chara-ki-mauta-40456 · **Language:** Hindi
**Tags:** कठुआ, सीआईएसएफ, जम्मू कश्मीर, गोलीबारी, एनएचपीसी, चंबा, बसोहली

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से सटी सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण पावर प्रोजेक्ट में मंगलवार शाम भीषण गोलीबारी की घटना सामने आई। बसोहली क्षेत्र में मौजूद एनएचपीसी की माशका सेवा-II जल विद्युत परियोजना पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक हेड कांस्टेबल ने अपनी सर्विस राइफल से साथी कर्मियों पर गोलियां चला दीं। इस अचानक हुए हमले में असिस्टेंट कमांडेंट सहित चार जवानों की जान चली गई। घटना के फौरन बाद चारों गंभीर रूप से घायल कर्मियों को नजदीकी चिकित्सा सुविधा ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचाया नहीं जा सका।

## चंबा के खैरी अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
गोलीबारी में लहूलुहान हुए चारों जवानों को तत्काल उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित खैरी ले जाया गया था। वहां उन्हें एनएचपीसी के चमेरा पावर स्टेशन-1 परियोजना से संबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। मारे गए जवानों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कॉन्स्टेबल रफीक अहमद और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार के रूप में की गई है। इस दुखद घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव को देखते हुए वहां की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई थी।

## सर्विस राइफल से बरसाईं 10 से 15 गोलियां
यह वारदात मंगलवार शाम करीब 4 बजे उस समय हुई जब सभी कर्मी ड्यूटी पर तैनात थे। आरोप है कि हेड कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार (जिन्हें अभिदेश कुमार भी बताया गया) ने अचानक अपनी सर्विस राइफल तान दी और साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर ने हर जवान पर करीब 10 से 15 गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सामने आई जानकारी के अनुसार आरोपी हेड कांस्टेबल अपने सहायक कमांडेंट और अन्य साथियों से किसी बात को लेकर नाराज चल रहा था और ड्यूटी के दौरान पहले भी उसकी कई बार उनके साथ तीखी बहस हो चुकी थी।

## आरोपी हिरासत में, मामले की गहन जांच जारी
वारदात जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के अधिकार क्षेत्र में होने की वजह से हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम पर कोई भी आधिकारिक बयान देने से मना कर दिया। हालांकि, कानून व्यवस्था और समन्वय बनाए रखने के लिए डलहौजी से पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम अस्पताल रवाना की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक चारों शवों का पोस्टमार्टम बसोहली में कराया जाना तय हुआ है। फायरिंग के तुरंत बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया गया। एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की गहनता से तफ्तीश की जा रही है, वहीं सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने घटनास्थल पर पहुंचे।

## इसका आप पर असर
इस घातक गोलीबारी के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सीमावर्ती संवेदनशील परियोजनाओं पर सुरक्षा नियमों तथा प्रोटोकॉल में बदलाव हो सकते हैं।

- **भारत में:** संवेदनशील केंद्रीय प्रतिष्ठानों पर तैनात सुरक्षा बलों में तनाव प्रबंधन और कार्यस्थल की निगरानी के नियम सख्त किए जा सकते हैं। इससे देश भर के रणनीतिक ढांचों पर सुरक्षा कर्मियों की आपसी समीक्षा और शस्त्र निगरानी बढ़ाई जाएगी।
- **कठुआ और चंबा में:** अंतरराज्यीय सीमावर्ती जल विद्युत संयंत्रों के आसपास पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आवाजाही तथा गश्त बढ़ाई गई है। स्थानीय अस्पतालों और प्रशासनिक सीमाओं पर किसी भी आपात स्थिति के लिए समन्वय तेज कर दिया गया है।
- **परियोजना सुरक्षा:** एनएचपीसी की माशका सेवा-II जैसी महत्वपूर्ण संपत्तियों पर सुरक्षा जांच दोगुनी की जा सकती है। वहां कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों और कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन होगा।
- **परिवारों के लिए:** मृत जवानों के परिवारों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर सौंपे जाने और विभागीय सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पोस्टमार्टम और औपचारिक जांच पूरी होते ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना सुरक्षा कर्मियों के बीच आपसी तनातनी और ड्यूटी के दौरान लंबे समय से चल रहे मतभेदों के चरम पर पहुंचने की वजह से हुई।

- **सीधा कारण:** आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे अपनी सर्विस राइफल से सहकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियों की जद में आने से मौके पर मौजूद चार अधिकारियों और जवानों की मौत हो गई।
- **आपसी विवाद और तनाव:** सामने आए विवरण के मुताबिक आरोपी जवान सहायक कमांडेंट और अपने साथियों से खफा था। ड्यूटी पर आते-जाते समय पहले भी उनके बीच कई बार तीखी नोकझोंक और बहस हो चुकी थी।
- **कानूनी कार्रवाई:** घटना के तुरंत बाद आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया और पुलिस ने हथियार जब्त कर लिया। कठुआ पुलिस और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी अब विवाद की मूल जड़ और परिस्थितियों की आधिकारिक पड़ताल कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. कठुआ के किस प्रोजेक्ट में यह गोलीबारी हुई?
यह घटना कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में स्थित एनएचपीसी की माशका सेवा-II जल विद्युत परियोजना में हुई।

### 2. इस हमले में जान गंवाने वाले चार जवान कौन हैं?
मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कॉन्स्टेबल रफीक अहमद और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार शामिल हैं।

### 3. गोलीबारी करने का आरोपी कौन है?
गोलीबारी का आरोप सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार (अभिदेश कुमार) पर लगा है, जिसे हिरासत में ले लिया गया है।

### 4. घायलों को इलाज के लिए किस अस्पताल ले जाया गया था?
उन्हें हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में खैरी स्थित एनएचपीसी चमेरा पावर स्टेशन-1 के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

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