# कृषि विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति संशोधन कानून असंवैधानिक घोषित, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सुक्खू सरकार के नियम रद्द किए

> हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति पर सुक्खू सरकार द्वारा बनाए गए संशोधित नियमों को रद्द करते हुए यूजीसी दिशा-निर्देशों के तहत नई चयन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/krishi-vishvavidyalayo-me-vice-chancellor-niyukti-sanshodhan-kanoon-unconstitutional-ghoshit-himachal-pradesh-high-court-ne-sukhu--23572 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, सुक्खू सरकार, कुलपति नियुक्ति, यूजीसी नियम, चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय, डॉ यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी विश्वविद्यालय, विवेक सिंह ठाकुर, रंजन शर्मा

हिमाचल प्रदेश में कृषि तथा उद्यानिकी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कुलपति चयन में निर्णायक शक्ति प्रदान करने वाले संशोधित कानून और उसके तहत बनाए गए नियमों को असंवैधानिक ठहराते हुए खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा किया गया बदलाव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वर्ष 2018 के नियमों के सीधे विपरीत था।

## यूजीसी नियमों के उल्लंघन पर अदालत का कड़ा रुख
उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की पीठ ने नरेंद्र कुमार सांख्यन तथा संजीव कुमार चौहान की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा कुलपति चयन की प्रक्रिया में किए गए बदलावों को अदालत में चुनौती दी थी। खंडपीठ ने हिमाचल प्रदेश कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी (संशोधन) अधिनियम 2023, इसमें वर्ष 2025 में किए गए संशोधन तथा वर्ष 2026 के नियमों को असंवैधानिक और शुरुआत से ही शून्य घोषित कर दिया।

## दो प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों में नई चयन प्रक्रिया का आदेश
इस न्यायिक आदेश का प्रभाव राज्य के दो प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों पर पड़ेगा। पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय तथा सोलन स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में अब कुलपति पदों पर नए सिरे से नियुक्ति होगी। उच्च न्यायालय ने दोनों विश्वविद्यालयों में यूजीसी विनियम 2018 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए तुरंत नई चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

## फरवरी 2026 का विज्ञापन और पृष्ठभूमि
दोनों कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालयों में काफी लंबे समय से स्थायी कुलपतियों के पद खाली पड़े थे। इस स्थिति से निपटने और चयन प्रक्रिया में अंतिम अधिकार प्राप्त करने के लिए सुक्खू सरकार ने संबंधित कानून में संशोधन किया था। इसके पश्चात फरवरी 2026 में सरकार ने इन पदों के लिए विज्ञापन भी जारी किया था। हालांकि, संशोधित प्रावधानों में चयन का मुख्य नियंत्रण सरकार के पास रखे जाने के कारण यह मामला न्यायशास्त्र के सिद्धांतों और केंद्रीय अकादमिक मानकों के उल्लंघन के आधार पर अदालत की चौखट तक पहुंचा।

## इसका आप पर असर
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के इस निर्णय से राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों में कुलपतियों के चयन में पारदर्शिता और अकादमिक स्वायत्तता सुनिश्चित होगी।

- **हिमाचल प्रदेश में:** पालमपुर और सोलन स्थित राज्य के दोनों प्रमुख कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालयों में नियमित कुलपतियों की नियुक्ति का रास्ता साफ होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन में अनिश्चितता समाप्त होगी और शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
- **अकादमिक जगत के लिए:** उच्च शिक्षण संस्थानों में कुलपतियों के चयन में राज्य सरकारों के सीधे हस्तक्षेप पर रोक लगेगी। चयन प्रक्रिया पूरी तरह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संपन्न होगी।
- **छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए:** योग्य अकादमिक नेतृत्व मिलने से विश्वविद्यालयों के अनुसंधान, पठन-पाठन और राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार की संभावना बढ़ेगी।
- **राज्य सरकार के लिए:** फरवरी 2026 में जारी की गई नियुक्ति प्रक्रिया रद्द होने के बाद अब सरकार को यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार नया विज्ञापन और चयन मंडल गठित करना होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सुक्खू सरकार के किस फैसले को रद्द किया है?
अदालत ने कृषि और उद्यानिकी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति में सरकार को निर्णायक भूमिका देने वाले संशोधित अधिनियम और नियमों को रद्द कर दिया है।

### 2. यह मामला किन दो विश्वविद्यालयों से जुड़ा हुआ है?
यह फैसला पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय और सोलन स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय से जुड़ा है।

### 3. हाईकोर्ट ने किस कानून और नियमों को असंवैधानिक घोषित किया है?
अदालत ने हिमाचल प्रदेश कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी (संशोधन) अधिनियम 2023, वर्ष 2025 के संशोधन तथा वर्ष 2026 में बनाए गए नियमों को असंवैधानिक ठहराया है।

### 4. इस मामले की सुनवाई किस बेंच ने की?
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने की।

### 5. अदालत ने आगे नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में क्या निर्देश दिया है?
उच्च न्यायालय ने दोनों विश्वविद्यालयों में यूजीसी विनियम 2018 के तहत नए सिरे से कुलपति चयन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

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