कुल्लू में नरम पड़े कंगना रनौत के तेवर, नशे के मुद्दे पर एसपी को प्यार भरे लहजे में समझाया मंडी में अफसरों पर भड़कने के कुछ दिन बाद सांसद कंगना रनौत कुल्लू की दिशा कमेटी बैठक में शांत नजर आईं, हालांकि नशे के कारोबार पर एसपी से तीखे सवाल पूछने से नहीं चूकीं। हिमाचल प्रदेश में मंडी सीट से सांसद कंगना रनौत का मिजाज़ इस हफ्ते दो अलग-अलग जिलों में पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। कुछ दिन पहले मंडी में दिशा कमेटी की बैठक में वे अफसरों पर जमकर बरसी थीं, लेकिन कुल्लू में हुई इसी तरह की बैठक में उनका अंदाज़ पूरी तरह ठहरा हुआ और संयमित रहा। हालांकि नशे के कारोबार को लेकर उन्होंने पुलिस से सवाल पूछने में कोई कोताही नहीं बरती। नशे पर एसपी से सधे शब्दों में बातचीत कुल्लू में हुई दिशा कमेटी की बैठक में कंगना रनौत मौजूद रहीं और नशे के मुद्दे पर एसपी कुल्लू से मुखातिब हुईं। इस बार उनके शब्द नपे-तुले थे और लहजा भी नरम रहा, लेकिन सवाल तीखे ही थे। उन्होंने पूछा कि गांवों में खुलेआम खोखों में नशा बिक रहा है, फिर पुलिस इस पर सख्त कदम क्यों नहीं उठा रही। बैठक में शामिल गैर सरकारी सदस्यों ने ही सबसे पहले यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद सांसद ने इसे आगे बढ़ाया। "यह पुलिस की बहुत बड़ी हार है" कंगना ने बैठक में कहा कि नशे की समस्या पूरे देश में फैली हुई है और यह सोचना गलत होगा कि हिमाचल इससे अछूता रह जाएगा। उन्होंने साफ कहा, "यह पुलिस की बहुत बड़ी हार है।" उनके मुताबिक नशा तस्करी पर लगाम ना लगा पाना पुलिस व्यवस्था की बड़ी नाकामी है, और इसे सिर्फ आंकड़ों या बयानों से नहीं बल्कि जमीनी कार्रवाई से ही सुधारा जा सकता है। एसपी ने सुनी बात, गिनाईं मजबूरियां भी सांसद की बातें एसपी अभिषेक सेकर पूरे ध्यान से सुनते रहे। उनकी तरफ से बताया गया कि दोबारा अपराध करने वाले तस्कर भी पकड़े जा रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर नशे को लेकर सख्त कानून बनाए जाते हैं तो कई बार अभिभावक भी शिकायत लेकर सामने आते हैं, यानी कार्रवाई का असर सीधा घर-परिवार तक पहुंचता है। बहरहाल, इतना जरूर तय हुआ कि नशा तस्करी दोबारा ना हो, ऐसा मजबूत सिस्टम बनाना पुलिस की ही जिम्मेदारी है और उसे यह जिम्मेदारी निभानी होगी। मंडी में क्यों गरम हो गया था कंगना का मिजाज़ दरअसल कुछ दिन पहले मंडी में हुई दिशा कमेटी की बैठक में कंगना रनौत का रुख बेहद तीखा था और उन्होंने वहां मौजूद अफसरों पर जमकर सवाल दागे थे। उस दौरान उनके बोलने के तरीके को लेकर भी खूब चर्चा हुई और बैठक का वीडियो तेजी से वायरल हो गया था। बाद में कंगना ने कहा था कि सुक्खू सरकार ने हिमाचल का बेड़ा गर्क कर दिया है। बैठक में उन्होंने यह भी बताया था कि केंद्र सरकार से करीब 11 करोड़ रुपये की राशि वे साथ लाई थीं, लेकिन अफसर अब तक सिर्फ 50 लाख रुपये ही खर्च कर पाए हैं। उनका कहना था कि इतनी धीमी रफ्तार पर वे दिल्ली में नेशनल मीडिया को क्या जवाब देंगी। मंडी और कुल्लू की इन दो बैठकों को साथ रखकर देखें तो साफ है कि सांसद का गुस्सा फंड खर्च में देरी पर ज्यादा और नशे के मुद्दे पर तुलनात्मक रूप से समझाने वाले अंदाज़ में सामने आया, हालांकि दोनों ही मामलों में निशाना प्रशासनिक सुस्ती पर ही रहा। इसका आप पर असर इस पूरे मामले का असर नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर जनप्रतिनिधियों की नजर बढ़ने के तौर पर दिख सकता है। • भारत में: जब कोई सांसद सार्वजनिक मंच पर पुलिस से नशा तस्करी पर सीधा जवाब मांगती है तो दूसरे राज्यों के जनप्रतिनिधि भी इसी तरह जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बना सकते हैं। इससे दिशा कमेटी जैसी बैठकों में निगरानी सख्त होने की उम्मीद बनती है। • कुल्लू और मंडी में: स्थानीय पुलिस पर ग्रामीण इलाकों के खोखों और अन्य ठिकानों पर नशे की बिक्री रोकने का दबाव बढ़ेगा, जिससे वहां रहने वाले परिवारों के लिए शिकायत दर्ज कराना और कार्रवाई तेज होना आसान हो सकता है। • फंड खर्च पर असर: मंडी में सामने आए 11 करोड़ रुपये में से सिर्फ 50 लाख खर्च होने के मुद्दे के बाद प्रशासन पर बचे हुए फंड को तेजी से खर्च करने का दबाव बढ़ सकता है, जिसका फायदा क्षेत्र के विकास कार्यों को मिल सकता है। • अभिभावकों के लिए: अगर नशे को लेकर सख्त कानून लागू होते हैं तो पेरेंट्स को शिकायत दर्ज कराने के ज्यादा मौके मिलेंगे, जिससे बच्चों को नशे से बचाने में मदद मिल सकती है। सवाल-जवाब 1. कंगना रनौत किस सीट से सांसद हैं? वे हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से सांसद हैं। 2. कुल्लू की दिशा कमेटी बैठक में कंगना ने किस मुद्दे पर सवाल उठाए? उन्होंने ग्रामीण इलाकों में खोखों में खुलेआम बिक रहे नशे और पुलिस की सुस्त कार्रवाई पर सवाल उठाए। 3. कुल्लू के एसपी कौन हैं? कुल्लू के एसपी अभिषेक सेकर हैं, जिन्होंने बैठक में सांसद की बात ध्यान से सुनी। 4. मंडी की बैठक में कंगना क्यों भड़की थीं? क्योंकि केंद्र से मिले करीब 11 करोड़ रुपये में से अफसर अब तक सिर्फ 50 लाख रुपये ही खर्च कर पाए थे। 5. कुल्लू में नशे का मुद्दा सबसे पहले किसने उठाया? बैठक में मौजूद गैर सरकारी सदस्यों ने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया था। 6. एसपी ने नशा तस्करी को लेकर क्या जवाब दिया? उन्होंने बताया कि रिपीट ऑफेंडर पकड़े जा रहे हैं और दोबारा तस्करी रोकने का सिस्टम बनाना पुलिस की जिम्मेदारी है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/kullu-men-narama-pare-kangana-ranaut-ke-tevara-nashe-ke-mudde-para-sp-ko-pyara-bhare-lahaje-men-samajhaya-28985 TrendKia — Har trend, sabse pehle.