कुल्लू सभा में सुक्खू प्रशासन पर बरसीं मंडी सांसद कंगना रनौत, बढ़ते कर्ज को लेकर जताई चिंता कुल्लू के ढालपुर मैदान में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में मंडी सांसद कंगना रनौत ने राज्य सरकार की वित्तीय नीतियों की आलोचना की और नशे की रोकथाम पर बल दिया। कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा के मंच से मंडी लोकसभा क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत ने राज्य के मौजूदा आर्थिक हालात को लेकर कड़ा रुख अपनाया। बुधवार, सात अक्तूबर को आयोजित इस विशाल जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यकर्ता एकत्र हुए थे। इस अवसर पर अपने लगभग 12 मिनट 30 सेकेंड के वक्तव्य के दौरान सांसद ने केंद्र सरकार की विकासात्मक प्राथमिकताओं की सराहना की और हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। राज्य के बढ़ते कर्ज और आर्थिक बदहाली पर उठाए सवाल जनसभा में बोलते हुए कंगना रनौत ने कहा कि राज्य की वर्तमान माली हालत बेहद चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि बार-बार ऋण लेने की नीति ने पहाड़ी प्रदेश को केंद्र पर निर्भर रहने की स्थिति में पहुंचा दिया है। “हमारा हिमाचल एक ऐसी स्टेट बनकर रह गई है जो केंद्र पर बोझ बन गई है और मुझे काफी शर्मिंदगी और दुख होता है।” सांसद ने दावा किया कि निरंतर कर्जे लेने से राज्य एक गहरे गड्ढे में धकेला जा रहा है, जिसका दुष्प्रभाव आने वाली व्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नकारात्मक दृष्टिकोण वाले लोगों को हर अच्छी पहल में केवल खामियां ही नजर आती हैं, जबकि उनकी प्राथमिकता प्रधानमंत्री के व्यापक विकास विजन के साथ राज्य को मजबूती से जोड़ना है। इसके साथ ही उन्होंने सांस्कृतिक चेतना, धर्म के उत्थान और भगवा ध्वज के सम्मान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। नशे के प्रसार के विरुद्ध ठोस कदम उठाने की अपील अपने भाषण में सांसद ने युवाओं में फैल रही नशे की लत को प्रदेश के भविष्य के लिए सबसे गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता स्वभाव से अत्यंत सरल और सीधी है, लेकिन नशीले पदार्थों का बढ़ता प्रभाव आंतरिक रूप से समाज को कमजोर कर रहा है। उन्होंने आगाह किया कि भावी पीढ़ी ही राज्य की असली ताकत है और यदि युवा नशे की चपेट में आकर बर्बाद हो गए, तो प्रदेश राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी नहीं निभा पाएगा। इसके चलते उन्होंने एक नशामुक्त और सशक्त हिमाचल के निर्माण का संकल्प दोहराया। विकसित भारत 2047 और राष्ट्र निर्माण की रूपरेखा कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा यात्रा की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रसेवा और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। सांसद के अनुसार, आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा, युवाओं की क्षमता, महिलाओं का सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन तथा पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना ही देश की प्रगति का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का विकास केवल शासन स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए इस राष्ट्रीय निर्माण यात्रा में आगे आना होगा। इसका आप पर असर कंगना रनौत के इस बयान से हिमाचल प्रदेश में कर्ज संकट और युवाओं में नशे के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। • भारत में: केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय निर्भरता और कर्ज सीमा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक जवाबदेही की मांग तेज होगी। इससे अन्य राज्यों में भी कल्याणकारी योजनाओं और राजकोषीय घाटे के संतुलन पर चर्चा गहराएगी। • हिमाचल प्रदेश में: राज्य सरकार की ऋण लेने की नीतियों और सार्वजनिक खर्चों पर जनता की निगरानी बढ़ सकती है। इसके साथ ही सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में नशा मुक्ति अभियानों को लेकर प्रशासन पर सख्त कदम उठाने का दबाव बनेगा। • स्थानीय राजनीति: आगामी स्थानीय और राज्य स्तरीय चुनावों में बढ़ते सार्वजनिक कर्ज का मुद्दा एक प्रमुख चुनावी विमर्श बनेगा। विपक्षी दल इसे वित्तीय कुप्रबंधन के रूप में भुनाने का प्रयास करेंगे। • युवा कल्याण: नशीले पदार्थों के प्रसार के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी के चलते सामाजिक और कानूनी स्तर पर कार्रवाई तेज होने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक टकराव कुल्लू में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति और सामाजिक समस्याओं पर टिप्पणी करने के कारण हुआ। • आर्थिक चुनौतियां: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी खर्चों को पूरा करने के लिए लगातार कर्ज लेने पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। यही असंतोष कंगना रनौत के तीखे बयानों का मुख्य आधार बना। • राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता: कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के बीच विकासात्मक प्राथमिकताओं को लेकर टकराव लगातार जारी है। कुल्लू की संकल्प सभा ने भाजपा नेताओं को राज्य सरकार पर हमला बोलने का खुला मंच दिया। • सामाजिक संकट: पहाड़ी क्षेत्रों में युवाओं के बीच फैल रही नशे की समस्या पर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चिंताएं जताई जा रही हैं। जनप्रतिनिधि के रूप में सांसद ने इसे सीधे जनहित के मुद्दे से जोड़कर पेश किया। सवाल-जवाब 1. कंगना रनौत ने यह संबोधन किस स्थान पर दिया? कंगना रनौत ने कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' में अपना संबोधन दिया। 2. इस सभा में उनके अलावा कौन से प्रमुख नेता उपस्थित थे? इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा के अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। 3. कंगना रनौत ने राज्य सरकार के संबंध में क्या मुख्य आरोप लगाया? उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार लगातार कर्ज ले रही है, जिससे हिमाचल प्रदेश केंद्र सरकार पर एक बोझ बनकर रह गया है। 4. सांसद ने युवाओं और समाज से जुड़ा कौन सा मुद्दा प्रमुखता से उठाया? उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन को समाज को खोखला करने वाला दीमक बताते हुए नशामुक्त हिमाचल बनाने का आह्वान किया। https://trendkia.com/himachal-pradesh/kullu-sabha-men-sukhu-prashasana-para-barasin-mandi-sansada-kangana-ranaut-barhate-karja-ko-lekara-jatai-chinta-44478 TrendKia — Har trend, sabse pehle.