{
  "type": "article",
  "title": "मानसून के कहर से हिमाचल में 270 की जान गई, संपत्ति को 1,242 करोड़ रुपये का घाटा",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, भूस्खलन और सड़क हादसों ने भारी तबाही मचाई है, अब तक 270 लोगों की मौत हो चुकी है और सरकारी-निजी संपत्ति को 1,242 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचा है।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश में इस साल के मानसून ने बड़ी तबाही मचाई है। राज्य के राजस्व विभाग से जुड़े स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने 5 सितंबर 2026 तक के जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक बारिश के मौसम में अब तक 270 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं 492 लोगों को चोटें आई हैं। इनमें से 110 मौतें सीधे तौर पर आपदा से जुड़ी घटनाओं में हुईं, जबकि 160 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई।\n\nसंपत्ति को भारी चोट, आंकड़ा पहुंचा 1,242 करोड़ के पार\nसरकारी दस्तावेज के अनुसार मानसून की वजह से सरकारी व निजी संपत्तियों को कुल मिलाकर 1,24,236.93 लाख रुपये यानी लगभग 1,242.37 करोड़ रुपये की चपत लगी है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग का है, जिसे करीब 951.23 करोड़ रुपये की क्षति झेलनी पड़ी है, यानी सड़कों और पुलों जैसी बुनियादी संरचनाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा जल संसाधनों से जुड़ी जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं में भी करीब 258.61 करोड़ रुपये की क्षति हुई, जिससे पेयजल आपूर्ति और सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं।\n\nआपदा में 110 मौतों के पीछे अलग-अलग वजहें\nराजस्व विभाग के आंकड़े बताते हैं कि आपदा संबंधी 110 मौतों में सबसे ज्यादा 38 लोगों की जान पेड़ या चट्टान गिरने से गई। भूस्खलन की चपेट में आकर 18 लोगों की मौत हुई, जबकि पानी में डूबने से 13 लोगों की जान गई। सांप के डसने से 11 लोगों की जान गई, जबकि करंट की चपेट में आकर 10 लोगों की मौत हुई। इनके अलावा अचानक आई बाढ़, आग लगने और कुछ अन्य हादसों में भी लोगों की जान गई है, जिससे यह साफ होता है कि पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान खतरे कई तरह के होते हैं।\n\nसड़कों पर भी टूटा कहर, 160 लोगों की गई जान\nबारिश के मौसम में फिसलन भरी और खतरनाक हो चुकी सड़कों पर हादसे भी बड़ी संख्या में हुए, जिनमें 160 लोगों की मौत हुई। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो शिमला और सिरमौर में सबसे ज्यादा 20-20 मौतें सड़क हादसों में हुईं। इसके बाद चंबा और कांगड़ा में 18-18, जबकि सोलन और कुल्लू में 16-16 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई।\n\nपशु-पक्षी और आम लोगों की संपत्ति भी चपेट में\nइंसानी जान के नुकसान के साथ ही मानसून ने मवेशियों और पक्षियों पर भी भारी असर डाला है, अब तक 467 पशु-पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा घर, दुकानें, गोशालाएं और अन्य निजी संपत्तियां भी बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य में सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था तथा सरकारी भवनों व सड़कों की मरम्मत को लेकर मानसून का असर लगातार बना हुआ है, जिससे प्रशासन के सामने राहत और पुनर्निर्माण कार्यों की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।\n\nइसका आप पर असर\nहिमाचल जाने वाले यात्रियों और वहां रहने वाले लोगों दोनों के लिए यह आंकड़े सीधी चेतावनी हैं कि मानसून खत्म होने तक सफर और दैनिक जिंदगी में सावधानी जरूरी है।\n\n• भारत में: पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान सड़क हादसे और भूस्खलन जानलेवा साबित हो रहे हैं, इसलिए बरसात के मौसम में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले किसी भी राज्य के लोगों को रूट की ताजा स्थिति जांचकर ही निकलना चाहिए।\n• हिमाचल प्रदेश में: शिमला, सिरमौर, चंबा, कांगड़ा, सोलन और कुल्लू जैसे जिलों में सड़क हादसों की दर सबसे ज्यादा है, इसलिए इन जिलों में रहने वालों और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति सीमित रखनी चाहिए और भूस्खलन-संभावित सड़कों से बचना चाहिए।\n• सरकारी खर्च पर असर: PWD और जल शक्ति विभाग को मिलाकर 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्षति होने से राज्य सरकार को मरम्मत और पुनर्निर्माण पर बड़ी राशि खर्च करनी होगी, जिसका बोझ आगे राज्य के बजट और विकास कार्यों पर पड़ सकता है।\n• घर और मवेशी रखने वालों के लिए: जिन परिवारों के घर, दुकानें या गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें प्रशासन से मुआवजे और मरम्मत सहायता के लिए संपर्क करना चाहिए क्योंकि आधिकारिक नुकसान का आकलन पहले ही दर्ज हो चुका है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हिमाचल में मानसून के दौरान अब तक कितनी मौतें हुई हैं?\nराज्य में 5 सितंबर 2026 तक मानसून के दौरान 270 लोगों की मौत हो चुकी है।\n\n2. कितने लोग घायल हुए हैं?\nअब तक 492 लोग घायल हुए हैं।\n\n3. सीधे आपदा से जुड़ी घटनाओं में कितनी मौतें हुईं?\n110 मौतें सीधे तौर पर आपदा संबंधी घटनाओं में हुई हैं।\n\n4. सड़क हादसों में कितनी मौतें हुईं?\nसड़क दुर्घटनाओं में 160 लोगों की जान गई है।\n\n5. कुल कितनी संपत्ति का नुकसान हुआ है?\nकरीब 1,242.37 करोड़ रुपये यानी 1,24,236.93 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।\n\n6. सबसे ज्यादा नुकसान किस विभाग को हुआ?\nलोक निर्माण विभाग (PWD) को सबसे ज्यादा करीब 951.23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।\n\n7. किस जिले में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हुईं?\nशिमला और सिरमौर में सबसे ज्यादा 20-20 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।\n\n8. मानसून से कितने पशु-पक्षियों की मौत हुई?\nअब तक 467 पशु-पक्षियों की मौत हो चुकी है।\n\n9. ये आंकड़े किस तारीख तक के हैं?\nयह आंकड़े 5 सितंबर 2026 तक के हैं, जो राज्य के राजस्व विभाग के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने जारी किए हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/himachal-pradesh/manasuna-ke-kahara-se-himachal-men-270-ki-jana-gai-snpatti-ko-1-242-karora-rupaye-ka-ghata-28498",
  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-06",
  "tags": [
    "हिमाचल प्रदेश",
    "मानसून",
    "भूस्खलन",
    "सड़क हादसे",
    "प्राकृतिक आपदा",
    "बारिश",
    "नुकसान का आंकड़ा"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}