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  "title": "मंडी के भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कंगना रनौत और अनुराग ठाकुर सहित अपनी ही पार्टी के सांसदों पर साधा निशाना, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की तारीफ की",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश के मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने पार्किंग बजट न मिलने पर अपनी ही पार्टी के चारों लोकसभा सांसदों पर तीखा हमला बोला है, वहीं विकास कार्यों के लिए कांग्रेस के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सहयोग की प्रशंसा की है।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने अपनी ही पार्टी के सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंडी जिले के कोट-तुंगल इलाके में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अनिल शर्मा ने राज्य के सभी चारों BJP सांसदों पर जमकर निशाना साधा और उनके कामकाज के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसके विपरीत, उन्होंने विकास कार्यों के लिए कांग्रेस के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की खुले दिल से प्रशंसा की है, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।\n\nपार्किंग बजट को लेकर सांसदों पर बरसे अनिल शर्मा\nयह पूरा विवाद मंडी जिले के कोटली क्षेत्र में एक पार्किंग स्थल के निर्माण के लिए धन की कमी को लेकर शुरू हुआ। बुधवार को एक स्थानीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित करते हुए अनिल शर्मा ने बताया कि कोटली में पार्किंग की भारी समस्या थी और इसके निर्माण के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता थी। उन्होंने इसके लिए प्रदेश के चारों BJP सांसदों से मदद की गुहार लगाई थी और प्रत्येक सांसद से उनके सांसद निधि से 25-25 लाख रुपये देने का अनुरोध किया था। हालांकि, किसी भी सांसद ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया और कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली। सांसदों के इस रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए विधायक ने कहा कि \"इनके तिलों में तेल नहीं है\"।\n\nमुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रुख की सराहना\nसांसदों से निराशा हाथ लगने के बाद अनिल शर्मा ने सीधे राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से संपर्क साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने कोटली पार्किंग के महत्व और आवश्यक बजट का मामला रखा। अनिल शर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री सुक्खू ने तुरंत उनकी मांग को स्वीकार कर लिया और परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि को मंजूरी दे दी। इसके बाद पार्किंग का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री के इस सहयोगात्मक रवैये की तारीफ करते हुए BJP विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के विकास कार्य के लिए पैसे जारी किए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र के कॉलेज भवन के निर्माण के लिए भी सरकार की ओर से 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई है।\n\nसांस्कृतिक और सांगठनिक समन्वय पर उठते सवाल\nअनिल शर्मा का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब हिमाचल प्रदेश की सभी चारों लोकसभा सीटों पर BJP का कब्जा है। मंडी लोकसभा क्षेत्र से प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत सांसद हैं, जबकि हमीरपुर से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, कांगड़ा से डॉक्टर राजीव भारद्वाज और शिमला से सुरेश कश्यप लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसे में एक BJP विधायक द्वारा अपनी ही पार्टी के सांसदों पर असहयोग का आरोप लगाना और विरोधी दल के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करना पार्टी के भीतर सांगठनिक स्तर पर गंभीर मतभेदों को दर्शाता है। इससे सार्वजनिक मंच पर विधायक और सांसदों के बीच समन्वय की कमी खुलकर सामने आ गई है।\n\nपारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि और अनिल शर्मा का सफर\nअनिल शर्मा हिमाचल प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री पंडित सुखराम के बेटे हैं। पंडित सुखराम कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में गिने जाते थे और उनका राज्य की राजनीति में गहरा प्रभाव था। अनिल शर्मा खुद भी कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुए थे और जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उनके बेटे ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसके कारण अनिल शर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। विपक्षी दल के विधायक होने के बावजूद अनिल शर्मा अपने निर्वाचन क्षेत्र मंडी सदर में लगातार सक्रिय हैं और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत कराने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि जिन विकास कार्यों की नींव उन्होंने रखी है, उन्हें पूरा कराना उनका संकल्प है और इसके लिए वे भविष्य में भी प्रयास जारी रखेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nइस राजनीतिक घटनाक्रम का मंडी के स्थानीय निवासियों और हिमाचल प्रदेश के विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। सांसदों और विधायकों के बीच आपसी मतभेद सार्वजनिक होने से विकास परियोजनाओं की फंडिंग की चुनौतियां उजागर हुई हैं।\n\n• मंडी में विकास: कोटली क्षेत्र के निवासियों को जल्द ही एक नई और आधुनिक पार्किंग सुविधा मिलने जा रही है। इससे स्थानीय बाजारों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी।\n• छात्रों के लिए लाभ: क्षेत्र के कॉलेज भवन के लिए 80 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया गया है। इससे छात्रों को जल्द ही आधुनिक शैक्षणिक बुनियादी ढांचा और बेहतर कक्षाएं मिलेंगी।\n• हिमाचल की राजनीति: इस राजनीतिक टकराव से राज्य में विभिन्न दलों के बीच विकास कार्यों को लेकर नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। इससे आम जनता की समस्याओं के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।\n• फंडिंग की पारदर्शिता: सांसदों और विधायकों के बीच बजट आवंटन को लेकर होने वाली चर्चाओं से आम जनता को विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। लोग अब अपने स्थानीय जनप्रतिधियों से विकास योजनाओं के बजट पर सीधे जवाब मांग सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nभाजपा विधायक अनिल शर्मा द्वारा अपनी ही पार्टी के सांसदों के खिलाफ सार्वजनिक नाराजगी जताने के पीछे कई प्रमुख कारण और राजनीतिक पृष्ठभूमि हैं। यह टकराव मुख्य रूप से विकास कार्यों के लिए बजट आवंटन न होने और हिमाचल प्रदेश की आंतरिक राजनीतिक खींचतान की वजह से पैदा हुआ है.\n\n• धन की कमी: कोटली पार्किंग परियोजना के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी और विधायक ने सांसदों से 25-25 लाख रुपये की सहायता मांगी थी। सांसदों से कोई सहयोग न मिलने के कारण विधायक को अपनी बात रखने के लिए सार्वजनिक मंच का सहारा लेना पड़ा।\n• राजनीतिक पृष्ठभूमि: अनिल शर्मा के पिता पंडित सुखराम कांग्रेस के बड़े नेता थे और स्वयं अनिल शर्मा भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। उनके परिवार का राजनीतिक प्रभाव किसी एक दल के प्रति वफादारी से बढ़कर स्थानीय विकास पर केंद्रित रहा है।\n• मुख्यमंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया: विपक्षी दल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर तुरंत बजट मंजूर कर दिया। इस त्वरित प्रशासनिक सहयोग ने भाजपा विधायक को मुख्यमंत्री की सार्वजनिक प्रशंसा करने के लिए प्रेरित किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने किन लोगों पर निशाना साधा है?\nअनिल शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के सभी चारों भाजपा सांसदों पर निशाना साधा है, जिनमें कंगना रनौत और अनुराग ठाकुर भी शामिल हैं।\n\n2. अनिल शर्मा ने सांसदों पर निशाना क्यों साधा?\nउन्होंने सांसदों पर निशाना इसलिए साधा क्योंकि उन्होंने कोटली में पार्किंग निर्माण के लिए मांगी गई 25-25 लाख रुपये की सहायता नहीं दी थी।\n\n3. कोटली पार्किंग परियोजना के लिए कुल कितने बजट की आवश्यकता थी?\nइस पार्किंग परियोजना के निर्माण के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता थी।\n\n4. पार्किंग के लिए धन जुटाने में किसने मदद की?\nहिमाचल प्रदेश के कांग्रेस मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधायक के अनुरोध पर इस परियोजना के लिए बजट मंजूर किया।\n\n5. कॉलेज भवन के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है?\nअनिल शर्मा के अनुसार, क्षेत्र के कॉलेज भवन के निर्माण के लिए सरकार द्वारा 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।",
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  "publishedAt": "2026-09-17",
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