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  "type": "article",
  "title": "मंडी में भारी बारिश से धंसा नेशनल हाईवे, बड़े वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मूसलाधार बारिश के चलते मंडी-पठानकोट हाईवे का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और तबाही का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भारी भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना के बाद से हाईवे पर बड़े वाहनों का आना-जाना ठप हो गया है और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भारी वाहनों को दूसरे वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जा रहा है।\n\nउरला के पास हुआ भीषण भूस्खलन\nयह लैंडस्लाइड मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर उरला के चमड़ा नाला के पास हुआ है। बारिश का दौर थोड़ा थमते ही स्थानीय प्रशासन ने हरकत में आते हुए जेसीबी मशीनों की सहायता से पहाड़ी को काटकर सड़क के चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया था। हालांकि रास्ते में भारी-भरकम चट्टान के आ जाने की वजह से चौड़ीकरण का यह अभियान सफल नहीं हो सका और मलबा हटाने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।\n\nप्रशासन ने वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की\nपधर के एसडीएम सुरजीत सिंह ने इस स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल इस मार्ग को केवल छोटे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ सभी प्रकार के भारी-भरकम और कमर्शियल वाहनों को घटासनी-झंटिगरी मार्ग के जरिए डायवर्ट किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से यहां एक मजबूत गेबियन दीवार का निर्माण किया जाएगा ताकि सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सके, जिसमें कम से कम 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। प्रशासन ने क्षेत्र में जारी खराब मौसम को देखते हुए आम जनता और चालकों से हाईवे पर सफर करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।\n\nपूरे प्रदेश में बिगड़ा मौसम का मिजाज\nराज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 23 अगस्त की सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक पूरे हिमाचल प्रदेश में इस समय कुल 149 सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 60 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) भी खराब हो गए हैं और राज्य की 35 पेयजल योजनाएं इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अकेले मंडी जिले की बात करें तो यहाँ सबसे ज्यादा 86 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।\n\nमौसम विभाग का नया पूर्वानुमान\nशिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा 23 अगस्त को जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, राजधानी शिमला और उसके आसपास के इलाकों में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की संभावना है और साथ ही हल्की बारिश के एक-दो दौर भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा कांगड़ा, मंडी और चंबा जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है, जबकि कुछ चुनिंदा इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान होने वाले भूस्खलन राष्ट्रीय स्तर पर परिवहन और रसद श्रृंखला को प्रभावित करते हैं।\n• मंडी में: मंडी और पधर क्षेत्र के स्थानीय लोगों और चालकों को भारी वाहनों के बंद होने से वैकल्पिक मार्गों पर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मंडी-पठानकोट हाईवे पर लैंडस्लाइड कहाँ हुआ है?\nयह भूस्खलन मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर उरला के चमड़ा नाला के पास हुआ है।\n\n2. किन वाहनों के लिए हाईवे खुला है?\nफिलहाल यह मार्ग केवल छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया है।\n\n3. भारी वाहनों को किस रास्ते से भेजा जा रहा है?\nभारी-भरकम वाहनों को घटासनी-झंटिगरी मार्ग के वैकल्पिक रास्ते से भेजा जा रहा है।\n\n4. मार्ग को पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगेगा?\nएनएचएआई के सहयोग से गेबियन दीवार लगाने और मार्ग को पूरी तरह ठीक करने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है।\n\n5. मंडी जिले में कुल कितनी सड़कें बंद हैं?\nराज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार अकेले मंडी जिले में 86 सड़कें बंद हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/himachal-pradesh/mandi-mein-bhaari-baarish-se-dhansa-national-highway-20700",
  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-08-23",
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    "मंडी समाचार",
    "हिमाचल प्रदेश लैंडस्लाइड",
    "मंडी पठानकोट हाईवे",
    "मौसम अपडेट",
    "राष्ट्रीय राजमार्ग"
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  "site": "TrendKia"
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