# मंडी में खत्म होंगे खतरनाक ब्लैक स्पॉट, कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर ₹27 करोड़ से बनेंगे दो नए फ्लाईओवर

> कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डडौर और नागचला में फ्लाईओवर-कम-अंडरपास के निर्माण हेतु NHAI ने ₹27 करोड़ का टेंडर जारी किया है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/mandi-men-khatma-honge-khataranaka-blaika-spota-kiratpur-manali-phoralena-para-27-karora-se-banenge-do-nae-phlaiovara-33230 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, मंडी फोरलेन, कीरतपुर मनाली फोरलेन, फ्लाईओवर निर्माण, NHAI, मंडी बाईपास टनल

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। सड़क हादसों को रोकने और सफर को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए NHAI ने डडौर और नागचला में फ्लाईओवर-कम-अंडरपास के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 27 करोड़ रुपये का टेंडर एक निजी कंपनी को सौंप दिया गया है, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।

## खतरनाक ब्लैक स्पॉट को खत्म करने की योजना
मंडी जिले के अंतर्गत आने वाले डडौर और नागचला के साथ-साथ झीरी को इस मार्ग पर सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट माना जाता था, जहां लगातार वाहन हादसों का शिकार हो रहे थे। स्थानीय निवासियों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, NHAI ने इन दुर्घटना क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का फैसला किया। झीरी में पहले से ही 33 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाने का काम चल रहा है। अब डडौर और नागचला के लिए भी 27 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी कर दिया गया है। संबंधित कंपनी को टेंडर मिलने के तीन महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करना होगा और इसे पूरा करने के लिए 400 दिन (लगभग डेढ़ साल) की समय-सीमा तय की गई है।

## फ्लाईओवर का डिजाइन और तकनीकी संरचना
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने इस निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि डडौर में फोरलेन के दोनों हिस्सों को ऊंचा उठाकर फ्लाईओवर का रूप दिया जाएगा, जिसके नीचे से स्थानीय वाहनों की आवाजाही के लिए एक अंडरपास तैयार होगा। वहीं, नागचला में थोड़ा अलग डिजाइन अपनाया जाएगा। वहां बिलासपुर से मंडी की ओर आने वाली सड़क पर ही केवल फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा, जबकि दूसरी ओर की सड़क को वर्तमान स्थिति में ही रखा जाएगा।

## कोर्ट के फैसले के बाद झीरी में दोबारा शुरू होगा काम
झीरी क्षेत्र में चल रहे फ्लाईओवर निर्माण में स्थानीय लोगों के विरोध के कारण बाधा आ गई थी। यह मामला माननीय हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। हालांकि, अब अदालत के आदेशों के बाद इस विवाद का समाधान हो गया है। हाईकोर्ट ने परियोजना को सुचारू रूप से जारी रखने का निर्देश दिया है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने स्पष्ट किया कि झीरी में निर्माण कार्य को फिर से शुरू किया जा रहा है और इस एक लेन वाले फ्लाईओवर (मंडी से कुल्लू की तरफ जाने वाले मार्ग) को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

## मंडी बाईपास टनल प्रोजेक्ट की प्रगति
कीरतपुर-मनाली मार्ग पर यात्रा को और सुगम बनाने के लिए चल रहे मंडी बाईपास टनल प्रोजेक्ट के बारे में भी महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। इस टनल की खुदाई का लगभग 60 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी परियोजना सितंबर 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। इस सुरंग के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद, मनाली से धर्मशाला के बीच यात्रा करने वाले लोगों का सफर बेहद आरामदायक और समय की बचत करने वाला हो जाएगा।

## इसका आप पर असर
इस सड़क सुधार परियोजना से कीरतपुर-मनाली मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और यातायात सुगमता पर सीधा असर पड़ेगा।

- **देशभर के पर्यटकों के लिए:** हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे मनाली और धर्मशाला जाने वाले देश के विभिन्न हिस्सों के पर्यटकों का सफर अब काफी सुरक्षित हो जाएगा। नए फ्लाईओवर और टनल बनने से यात्रा समय में भारी कमी आएगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी न्यूनतम हो जाएगा।
- **हिमाचल प्रदेश और मंडी में:** स्थानीय निवासियों को रोजाना होने वाले ट्रैफिक जाम और खतरनाक ब्लैक स्पॉट पर होने वाले सड़क हादसों से बड़ी राहत मिलेगी। डडौर, नागचला और झीरी में सुरक्षित अंडरपास बनने से स्थानीय वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
इस ढांचागत सुधार का मुख्य कारण कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर डडौर, नागचला और झीरी में बने खतरनाक ब्लैक स्पॉट थे। इन स्थानों पर लगातार हो रहे हादसों और स्थानीय नागरिकों की भारी मांग के बाद बुनियादी सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

- **ब्लैक स्पॉट की गंभीर समस्या:** मंडी जिले के इन तीन क्षेत्रों में लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं जो वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही थीं। इन संवेदनशील स्थानों पर सड़क के डिजाइन में सुधार करना और स्थानीय यातायात को अलग करना बेहद जरूरी हो गया था।
- **कानूनी अड़चनों का समाधान:** झीरी क्षेत्र में स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण फ्लाईओवर का काम लंबे समय से अटका हुआ था। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा काम जारी रखने का आदेश दिए जाने के बाद परियोजना का रास्ता पूरी तरह साफ हो सका।
- **बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत:** पर्यटन सीजन के दौरान मनाली और धर्मशाला के बीच वाहनों का भारी दबाव रहता है। सुगम यात्रा सुनिश्चित करने और पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए मंडी बाईपास टनल और फ्लाईओवर का निर्माण आवश्यक था।

## सवाल-जवाब

### 1. किन स्थानों पर नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे?
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर स्थित डडौर और नागचला में नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।

### 2. डडौर और नागचला फ्लाईओवर परियोजना की अनुमानित लागत क्या है?
इस परियोजना के निर्माण के लिए NHAI ने 27 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया है।

### 3. निर्माण कार्य पूरा करने की समय-सीमा क्या है?
प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद ठेकेदार कंपनी को इसे 400 दिनों (लगभग डेढ़ वर्ष) के भीतर पूरा करना होगा।

### 4. झीरी में काम क्यों रोका गया था और अब वहां की क्या स्थिति है?
स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण झीरी में काम रुक गया था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इसे दोबारा शुरू किया जा रहा है।

### 5. मंडी बाईपास टनल प्रोजेक्ट के कब तक पूरा होने की उम्मीद है?
टनल की खुदाई का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और यह प्रोजेक्ट सितंबर 2027 तक तैयार हो जाएगा।

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