मंडी नशा तस्करी मामले में हरियाणा से 75 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार, अब तक 6 आरोपी सलाखों के पीछे मंडी के पंडोह में 5.535 किलोग्राम चरस और 568 ग्राम अफीम जब्ती मामले में पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से एक बुजुर्ग को पकड़ा है, जिसके बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या छह पहुंच गई है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मादक पदार्थों की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पंडोह पुलिस चौकी की विशेष टीम ने नशीले पदार्थों की खरीद फरोख्त के नेटवर्क की पड़ताल करते हुए हरियाणा में छापेमारी की और वहां से 75 वर्षीय एक बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस इससे पहले पांच अन्य लोगों को पहले ही हिरासत में ले चुकी थी, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क में पकड़े गए आरोपियों की कुल तादाद अब छह हो चुकी है। हरियाणा के गोहाना क्षेत्र से हुई बुजुर्ग की गिरफ्तारी जांच अधिकारियों ने नशीले पदार्थों के आगे के संपर्कों की कड़ियां जोड़ते हुए हरियाणा के सोनीपत जिले में दस्तक दी। पंडोह पुलिस की टीम में सब इंस्पेक्टर अशोक पठानिया, सहायक सब इंस्पेक्टर मनोज ठाकुर, कांस्टेबल अमित ठाकुर और महिला हेड कांस्टेबल नैना कटोच शामिल थीं। इस पुलिस दल ने गोहाना तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव व डाकघर जागसी में दबिश देकर 75 साल के रणवीर, जिनके पिता का नाम लहरी है, को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि नशे के इस अवैध कारोबार और सौदेबाजी में इस बुजुर्ग की सीधी भागीदारी रही है। जुलाई महीने में पकड़ी गई थी चरस और अफीम की खेप इस पूरे मामले की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी, जब पंडोह पुलिस ने नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान 5 किलो 535 ग्राम चरस और 568 ग्राम अफीम बरामद की थी। उस समय पुलिस दल ने मौके से हरियाणा निवासी तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा था। इन शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने यह पता लगाने का काम शुरू किया कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसी जांच के तहत पकड़े गए बुजुर्ग रणवीर का बेटा अनिल उर्फ काला भी पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है और जेल में बंद है। कुल्लू जिले से जुड़े थे नशा सप्लाई के मुख्य तार नशे के सप्लायरों तक पहुंचने के लिए की गई पड़ताल में 24 अगस्त 2026 को कुल्लू जिले से पहली बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस ने कुल्लू की आनी तहसील के गांव रोपा (डाकघर खनाग) के रहने वाले राहुल को दबोचा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए मुख्य सप्लायर की पहचान की गई। पुलिस ने आनी तहसील के ही गांव कनाल (डाकघर खनाग) निवासी जीत राम उर्फ जीतू (35 वर्ष), पुत्र तेज राम को गिरफ्तार किया, जो हरियाणा के तस्करों को चरस की आपूर्ति करने का मुख्य सूत्रधार था। सप्लाई चेन के अन्य संपर्कों की तलाश में जुटी पुलिस मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के इस बड़े मामले में अब तक छह व्यक्तियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के वित्तीय लेन देन और अन्य संभावित सहयोगियों की कड़ियों की गहनता से छानबीन कर रही है ताकि पूरे तंत्र को ध्वस्त किया जा सके। इसका आप पर असर मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी पर पुलिस की यह कार्रवाई सीधे तौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को प्रभावित करती है। • भारत में: हिमाचल से दूसरे राज्यों में होने वाली नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला टूटने से अवैध नेटवर्क पर अंकुश लगेगा। अंतरराज्यीय सीमाओं पर जांच सख्त होने से तस्करों के लिए अवैध खेप निकालना कठिन होगा। • हिमाचल प्रदेश में: मंडी और कुल्लू के सुदूर ग्रामीण इलाकों में सक्रिय स्थानीय सप्लायरों पर पुलिस का दबाव बढ़ेगा। स्थानीय स्तर पर युवाओं तक नशे की खेप पहुंचने से रोकने में मदद मिलेगी। • हरियाणा में: सोनीपत और गोहाना क्षेत्र में नशे की खेप खरीदने वाले गिरोहों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। संदिग्ध नेटवर्क में शामिल स्थानीय बिचौलियों पर कानून का शिकंजा कस सकता है। • आम नागरिकों के लिए: नशे के सिंडिकेट में परिवार के कई सदस्यों की संलिप्तता सामने आने से सामाजिक स्तर पर जागरूकता जरूरी हो गई है। लोग अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना स्थानीय पुलिस को तुरंत दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के मंडी में पकड़ी गई चरस और अफीम की बड़ी खेप के स्रोत और खरीददारों की कड़ियां जोड़ने की पुलिस जांच का नतीजा है। • सीधा कारण: 17 जुलाई को पंडोह में 5.535 किलो चरस और 568 ग्राम अफीम की बरामदगी के बाद पुलिस आगे के संपर्कों की जांच कर रही थी। इस जांच में 75 वर्षीय रणवीर की नशीले पदार्थों के सौदे में सक्रिय भूमिका पाई गई। • बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज: पुलिस ने नशे के उद्गम स्थल की तलाश में कुल्लू के सप्लायरों को पकड़ा और सप्लाई पहुंचने वाले ठिकानों की पड़ताल में हरियाणा में छापेमारी की। पिता-पुत्र की इस गिरोह में भागीदारी से जांच टीम सीधे सोनीपत पहुंची। • संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट: कुल्लू की आनी घाटी से चरस लेकर हरियाणा के विभिन्न इलाकों में बेचने का यह पुराना और सुनियोजित नेटवर्क था। जीतू जैसे सप्लायर स्थानीय स्तर पर माल जुटाकर हरियाणा के दलालों तक पहुंचाते थे। सवाल-जवाब 1. पंडोह पुलिस ने ताजा कार्रवाई में किसे गिरफ्तार किया है? पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत जिले की गोहाना तहसील स्थित जागसी गांव के निवासी 75 वर्षीय रणवीर को गिरफ्तार किया है। 2. इस मामले में कुल कितनी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ था? इस मामले में 17 जुलाई को 5 किलो 535 ग्राम चरस और 568 ग्राम अफीम बरामद की गई थी। 3. मामले में अब तक कुल कितने लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है? मंडी के एसपी विनोद कुमार के अनुसार इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 4. कुल्लू जिले से किन मुख्य आरोपियों को पकड़ा गया था? कुल्लू के आनी तहसील से 24 अगस्त 2026 को राहुल और इसके बाद मुख्य सप्लायर 35 वर्षीय जीत राम उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया गया था। 5. गिरफ्तार बुजुर्ग के परिवार से क्या कोई अन्य व्यक्ति भी इस केस में शामिल है? हां, बुजुर्ग रणवीर का बेटा अनिल उर्फ काला पहले से ही इस मामले में गिरफ्तार होकर जेल में है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/mndi-nasha-taskari-mamale-men-haryana-se-75-varshiya-bujurga-giraphtara-aba-taka-6-aropi-salakhon-ke-pichhe-41860 TrendKia — Har trend, sabse pehle.