नेपाल आपदा से सुरक्षित लौटे हिमाचल के ज्ञान सिंह, मौत के मुँह से ऐसे बचाई जान नेपाल में आई भीषण आपदा के बीच मंडी जिले के ज्ञान सिंह ठाकुर सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के जरिए उनकी जान बची, जिसके बाद परिवार में खुशी का माहौल है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर के अंतर्गत आने वाले मलोह गांव के रहने वाले ज्ञान सिंह ठाकुर नेपाल में आई आपदा के बाद सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। नेपाल में 26 अगस्त को प्रकृति का ऐसा तांडव देखने को मिला था जिसके कारण अब तक 1100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इस भयंकर आपदा के बीच मौत को मात देकर वापस लौटने वाले लोगों में ज्ञान सिंह भी शामिल हैं, जिनकी इस वापसी ने उनके पूरे परिवार को राहत दी है। पचास वर्षीय ज्ञान सिंह पिछले करीब तीन दशकों से पावर प्रोजेक्ट्स में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह पिछले 8 महीनों से नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में फोरमैन के पद पर काम कर रहे थे। जिस समय यह प्राकृतिक आपदा आई, उस दिन भी वह नियमानुसार प्रोजेक्ट के पावर हाउस में ही काम कर रहे थे। अचानक आए पानी के तेज सैलाब ने सब कुछ अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया, जिसके बाद वहां मौजूद सभी कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए ऊंची पहाड़ी की तरफ भागे। उस डरावने मंजर को याद करते हुए ज्ञान सिंह ने बताया कि हालात इतने बिगड़ चुके थे कि नेपाल की वायुसेना के हेलीकॉप्टर के अलावा उन्हें बचने की कोई और उम्मीद नहीं दिखाई दे रही थी। उन्होंने एक रात और दो पूरे दिनों तक मौत को बहुत करीब से देखा। एक ऐसा वक्त भी आया जब उन्हें लगा कि अब बचने का कोई भी रास्ता बाकी नहीं बचा है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं टूटने दी। आखिरकार नेपाल की सेना ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, तब जाकर वह सुरक्षित बाहर निकल पाए और अपनी जान बचा सके। ज्ञान सिंह ने जानकारी दी कि जिस जगह वह फंसे हुए थे, वहां उनके साथ 100 लोगों का एक समूह मौजूद था। राहत की बात यह रही कि उनमें से एक व्यक्ति को छोड़कर बाकी सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक अन्य युवक अब तक अंदर ही फंसा हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पूरे प्रोजेक्ट से जुड़े 98 लोग अभी भी लापता हैं। इस प्रोजेक्ट में उनके साथ हिमाचल प्रदेश के चार अन्य लोग भी काम कर रहे थे, जिनमें से तीन सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। हालांकि, ऊना जिले के रहने वाले सुखविंदर सिंह अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सुरक्षित लौटने वाले अन्य दो हिमाचलियों में एक मंडी जिले के तल्याहड़ से हैं जो दिल्ली में ही रहते हैं, जबकि दूसरे शिमला जिले के रामपुर के रहने वाले हैं। पति के सकुशल घर लौटने पर ज्ञान सिंह की पत्नी कलावती और पूरे परिवार ने चैन की सांस ली है। कलावती ने बताया कि आपदा आने के बाद से ही उनका अपने पति से संपर्क पूरी तरह टूट गया था, जिससे उनके मन में अनहोनी को लेकर तमाम तरह की डरावनी आशंकाएं आ रही थीं। लेकिन हादसे के अगले ही दिन जब उनके पति का फोन आया, तब जाकर उनके प्राण में प्राण आए। कलावती का मानना है कि केवल देवी-देवताओं के आशीर्वाद के कारण ही उनके पति इतने बड़े संकट से बचकर सही सलामत घर वापस आ सके हैं। परिवार की परेशानी का जिक्र करते हुए कलावती ने बताया कि वे लोग इतने ज्यादा घबरा गए थे कि इस घटना की कोई भी आधिकारिक सूचना प्रशासन या सरकार तक नहीं पहुंचा पाए थे। फिलहाल, ज्ञान सिंह और उनकी पत्नी कलावती का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पति के घर लौटने की खुशी में पत्नी उन्हें फूल भेंट करती नजर आ रही है और दुकान के बाहर दोनों एक-दूसरे को गले लगाते दिखाई दे रहे हैं। इस भावुक पल में दोनों की आँखें नम हो गईं और वे काफी भावुक नजर आए। इसका आप पर असर नेपाल आपदा से जुड़े इस हादसे का असर कई स्तरों पर प्रभावित परिवारों और स्थानीय स्तर पर महसूस किया जा रहा है। • भारत में: नेपाल में फंसे अन्य राज्यों के कामगारों के परिजनों के बीच चिंता और बेचैनी का माहौल बढ़ गया है, जिससे विदेशी प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ गई है। • हिमाचल प्रदेश में: मंडी और ऊना समेत विभिन्न जिलों के लापता मजदूरों के परिवारों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है, जिन्हें अपनों के लौटने की अनिश्चित प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। • सुरक्षा और सूचना: इस तरह की आपदाओं के समय संचार व्यवस्था ठप होने पर प्रशासनिक सहायता तक त्वरित पहुंच बनाने की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो गई है। • परिजनों की स्थिति: जिन परिवारों के सदस्य सुरक्षित लौट आए हैं, उनके यहाँ राहत की लहर है, लेकिन लापता लोगों के घरों में अनिश्चितता और तनाव का दौर जारी है। सवाल-जवाब 1. ज्ञान सिंह नेपाल में क्या काम करते थे? ज्ञान सिंह नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में पिछले 8 महीनों से बतौर फोरमैन अपनी सेवाएं दे रहे थे। 2. नेपाल में यह आपदा कब आई थी? नेपाल में यह प्राकृतिक आपदा 26 अगस्त को आई थी। 3. ज्ञान सिंह की जान कैसे बची? नेपाल की सेना ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर ज्ञान सिंह की जान बचाई। 4. हिमाचल के कितने लोग इस प्रोजेक्ट में कार्यरत थे? इस प्रोजेक्ट में ज्ञान सिंह के साथ हिमाचल प्रदेश के कुल चार अन्य लोग भी काम कर रहे थे। 5. हिमाचल का कौन सा युवक अभी भी लापता है? ऊना जिले का एक युवक सुखविंदर सिंह अभी भी इस आपदा के बाद लापता है। https://trendkia.com/himachal-pradesh/nepala-apada-se-surakshita-laute-himachal-ke-gyan-singh-mauta-ke-munha-se-aise-bachai-jana-27466 TrendKia — Har trend, sabse pehle.