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  "type": "article",
  "title": "पहाड़ों पर बारिश का कहर: शिमला में हाइड्रो प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त, कांगड़ा में मकान ढहने से 106 वर्षीय बुजुर्ग की मौत और कुल्लू में एनएच-305 ठप",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश में बीते 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कांगड़ा में मकान की छत गिरने से 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान चली गई। शिमला के रामपुर में फ्लैश फ्लड के चलते हाइड्रो प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि कुल्लू और सिरमौर जिलों में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले 48 घंटों से हो रही अनवरत और भीषण बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी ढलानों पर हुए भूस्खलन और नदी-नालों में आए उफान से राज्य के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड के कारण एक जलविद्युत परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं, कांगड़ा जिले में बारिश की वजह से एक कच्चे मकान की छत ढहने से 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मलबे में दबकर दुखद मौत हो गई। इसके अलावा, कुल्लू और सिरमौर जिलों में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर पत्थरों और मलबे के गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले समय में भी राज्य भर में भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है।\n\nरामपुर में फ्लैश फ्लड से हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान\nशिमला जिले के रामपुर उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कूट और सुरू गांव से होकर गुजरने वाली स्थानीय खड्ड में मंगलवार शाम को अचानक जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया। भारी बारिश के बाद उफान पर आई इस खड्ड ने भयंकर रूप धारण कर लिया और आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी। खड्ड के तेज बहाव की चपेट में आने से स्थानीय पावर प्रोजेक्ट की पाइपलाइन को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राथमिक विवरणों के अनुसार, हाइड्रो प्रोजेक्ट की इंटेक संरचना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे परियोजना का संचालन प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त, सुरू गांव के निकट निर्मित फुटब्रिज भी पानी के प्रचंड वेग में बहकर क्षतिग्रस्त हो गया है। जलस्तर में इस अप्रत्याशित वृद्धि और तीव्र धाराओं के कारण पूरे क्षेत्र में स्थानीय निवासियों की आवाजाही पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।\n\nकांगड़ा में 106 वर्षीय महिला का दुखद अंत\nबारिश के चलते राज्य के कांगड़ा जिले से एक दुखद हादसा सामने आया है। साम्बा ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर-2 में सोमवार देर रात को स्लेटपोश छत वाला एक पुराना कच्चा मकान ढह गया। इस हादसे में 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला लछि देवी, पत्नी स्वर्गीय मंगत राम, की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय लछि देवी अपने पुराने कच्चे मकान में अकेली सो रही थीं। जानकारी के मुताबिक, उनके तीन बेटे थे, जिनमें से एक बेटे का पूर्व में ही निधन हो चुका है। उनके दो अन्य बेटे, चूड़ामणि नाग और राज कुमार नाग, ने कच्चे मकान के ठीक पास अपना अलग पक्का मकान बना रखा है और वे वहीं रहते हैं। अचानक मकान गिरने की इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।\n\nकुल्लू और सिरमौर में राजमार्ग और सड़कें बंद\nपहाड़ों पर हो रही निरंतर बारिश का असर राज्य के सड़क परिवहन पर भी पड़ा है। कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में बारिश के बाद पालीगाड़ कोट के समीप स्थिति बिगड़ गई और फेडल नाला उफान पर आकर सीधे सड़क पर बहने लगा। इसके चलते रामपुर-लूहरी-ऑट राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (NH-305) पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों तथा स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, सिरमौर जिले में नाहन-श्री रेणुका जी मार्ग पर नेहली के पास पहाड़ियों से भारी चट्टानें गिर जाने के कारण यातायात ठप हो गया। प्रशासनिक टीमों द्वारा मार्ग को खोलने का कार्य जारी है और इसे शाम तक पूरी तरह बहाल किए जाने की संभावना जताई गई है।\n\nबिलासपुर के नैना देवी में दर्ज हुई रिकॉर्ड बारिश\nमौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बीते 12 घंटों के दौरान बिलासपुर जिले के नैना देवी क्षेत्र में सबसे अधिक 186.6 मिमी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मलरौन में 140.0 मिमी, कसौली में 102.0 मिमी, घाघस में 99.0 मिमी, नगरोटा सूरियां में 98.2 मिमी, सलापड़ में 81.2 मिमी और काहू में 77.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला और मंडी जिलों में भी जमकर पानी बरसा है। बुधवार को पूरे राज्य में बादल छाए हुए हैं और मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी रखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।\n\nइसका आप पर असर\nहिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्थानीय निवासियों तथा यात्रियों के लिए दैनिक आवागमन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ गई हैं।\n\n• भारत भर के यात्रियों के लिए: हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने वाले पर्यटकों को कुल्लू, शिमला और सिरमौर जाने वाले मार्गों से फिलहाल बचने की सलाह दी जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग 305 बंद होने से कई इलाकों का संपर्क कट गया है, इसलिए यात्रा से पूर्व स्थानीय मार्ग स्थिति जांच लें।\n• हिमाचल प्रदेश में: नदी-नालों के किनारे रहने वाले ग्रामीण तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। शिमला के रामपुर में कूट-सुरू खड्ड के उफान से जलविद्युत और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।\n• कांगड़ा और सिरमौर क्षेत्र में: कच्चे या पुराने स्लेटपोश मकानों में रहने वाले लोग अत्यधिक वर्षा के दौरान सतर्क रहें या नजदीकी सुरक्षित पक्के भवनों में चले जाएं। नाहन-श्री रेणुका जी मार्ग पर शाम तक वाहनों का परिचालन ठप रहने से वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहिमाचल प्रदेश में हालिया तबाही और हादसों के पीछे लगातार जारी मानसूनी बारिश, भौगोलिक परिस्थितियां और पुराने निर्माण कारण बने हैं।\n\n• अत्यधिक मानसूनी वर्षा: राज्य में बीते 48 घंटों से लगातार भीषण बारिश हो रही है, जिससे बिलासपुर के नैना देवी में 12 घंटे के भीतर 186.6 मिमी जैसी रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई। इस भारी जलप्रपात से नदी-नाले उफान पर आ गए।\n• खड्डों में फ्लैश फ्लड: शिमला के रामपुर में कूट और सुरू गांवों से होकर बहने वाली खड्ड में अचानक जलस्तर बढ़ने से पानी का तीव्र बहाव पैदा हुआ, जिसने हाइड्रो प्रोजेक्ट की इंटेक पाइपलाइन और फुटब्रिज को क्षति पहुंचाई।\n• पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन: अत्यधिक नमी के कारण सिरमौर और कुल्लू की ढलानों पर मिट्टी और चट्टानें ढीली पड़ गईं, जिससे नेहली और पालीगाड़ कोट के पास चट्टानें और नाले का पानी सड़कों पर आ गया।\n• पुराने कच्चे ढांचे का ढहना: कांगड़ा में लगातार हो रही बारिश से पुराने स्लेटपोश कच्चे मकान की दीवारें और छत पानी सोखने के कारण कमजोर हो गईं, जिससे छत ढह गई और दुखद हादसा हुआ।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कांगड़ा जिले में हुए मकान ढहने के हादसे में किसकी मृत्यु हुई?\nकांगड़ा जिले की साम्बा ग्राम पंचायत में सोमवार देर रात स्लेटपोश कच्चा मकान गिरने से 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला लछि देवी की मौत हो गई।\n\n2. शिमला के रामपुर में किस हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है?\nरामपुर की कूट-सुरू खड्ड में आई फ्लैश फ्लड के कारण जलविद्युत परियोजना की इंटेक संरचना और पाइपों को भारी क्षति पहुंची है।\n\n3. कुल्लू जिले में कौन सा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है?\nकुल्लू के आनी उपमंडल में फेडल नाला सड़क पर बहने के कारण रामपुर-लूहरी-ऑट राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (NH-305) बंद हो गया है।\n\n4. पिछले 12 घंटों में हिमाचल में सबसे अधिक बारिश कहां दर्ज की गई?\nमौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बिलासपुर जिले के नैना देवी क्षेत्र में सबसे अधिक 186.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।\n\n5. सिरमौर जिले में कौन सा मार्ग बाधित हुआ है?\nसिरमौर जिले में नेहली के पास पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण नाहन-श्री रेणुका जी मार्ग बंद हो गया है।",
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  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-02",
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    "हिमाचल प्रदेश मौसम",
    "भारी बारिश अलर्ट",
    "शिमला फ्लैश फ्लड",
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    "नैना देवी बारिश"
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